ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक:इनमें 5 सेना, 1 एयरफोर्स का जवान; पहलगाम अटैक के बाद PoK में हमला किया था
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए भारतीय सशस्त्र बलों के 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए हैं। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3D वॉल पर साल 2025 के खंड में भी उनके नाम अंकित किए गए हैं। 6 मई 2025: सेना ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। भारत की एयरस्ट्राइक में कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह हुए थे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर (Maxar) के सैटेलाइट ने इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की थीं। मक्सर ने पाकिस्तान के जिनकी फोटोज जारी की, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस थे। फोटोज में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति थी। सेना ने बताया था कहां-कहां की थी एयरस्ट्राइक सेना ने 7 मई 2025 की सुबह बताया था कि पाकिस्तान और पीओके में 9 टारगेट पहचाने गए थे। इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए। इनके नाम हैं.. 2019 में हुआ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन 2019 में इंडिया गेट के पास हुआ था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम दर्ज किए जाते हैं। इन छह नामों के जुड़ने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर भी उन सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आधिकारिक रूप से सम्मान दिया गया है। …………… यह खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया में भारतीय हथियारों की डिमांड बढ़ी: ब्रह्मोस, आकाश और नेत्र खरीदने में कई देश रुचि दिखा रहे; ₹21,000 करोड़ की डील ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस, आकाश, लॉयटरिंग म्युनिशन और नेत्र जैसे भारतीय हथियारों के इस्तेमाल के बाद दुनिया में इनकी मांग तेजी से बढ़ी है। कई देशों ने इन्हें खरीदने में रुचि दिखाई है, जबकि कुछ के साथ हजारों करोड़ रुपए के सौदे भी हो चुके हैं। इनकी कीमत 21,000 करोड़ रुपए से अधिक है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले साल से 62% ज्यादा है। ब्रह्मोस के लिए फिलीपींस, वियतनाम और दो अन्य देशों से करीब 12,500 करोड़ रुपए के सौदे हो चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें…
UP Weather: छाए रहेंगे बादल, आज भी प्रदेश में बारिश के साथ लू का अलर्ट, जल्द खत्म होगा मानसून का इंतजार
दक्षिण पश्चिम मानसून को उत्तर प्रदेश में पहुंचने में अभी दो से तीन दिन और लगेंगे, लेकिन इससे पहले अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ गर्मी व लू ने हाल बेहाल कर रखा है वहीं दूसरी तरफ कहीं-कहीं बादल-बारिश की भी स्थिति बनी हुई है।
शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40-50 किमी रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है। गुरुवार (25 जून 2026) को लखनऊ, नोएडा, मेरठ, आगरा, हापुड़, ललितपुर और बागपत समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और गोरखपुर में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केन्द्र (IMD), लखनऊ की ताजा दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सक्रिय है। इसके असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29-30 जून और 1-2 जुलाई को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जून से 2 जुलाई तक गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और लू चलने की भी संभावना है। वहीं 26 से 28 जून के बीच कहीं-कहीं लू चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अगले 3-4 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल है। संभावना है कि जून अंत तक गोरखपुर के रास्ते दक्षिण पश्चिम मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर यूपी में मानसून के आगमन का सामान्य समय 20 जून है, लेकिन इस बार 8-10 दिन की देरी से 28-30 जून के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
शुक्रवार को इन जिलों में अलर्ट
- मथुरा, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कौशांबी, चित्रकूट और इलाहाबाद (प्रयागराज) के आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, उन्नाव, गोंडा, सुल्तानपुर, बहराइच,कौशांबी, मिर्जापुर, सोनभद्र, रायबरेली, कानपुर, फतेहपुर, बांदा, लखीमपुर खीरी, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, संत रविदास नगर, चंदौली, गाज़ीपुर, मऊ, बलिया, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, संत कबीर नगर, गोरखपुर, अयोध्या, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और जौनपुर में लू और गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। .
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