ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रूट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल, यानी हमलावर हथियार से अटैक हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस, यानी UKMTO ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज, जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते, यानी इवैक्यूएशन लेन बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर, यानी करीब ₹8.322 लाख करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर
सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
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