पन्ना पुलिस की साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
प्रदेशभर में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी “सेफ क्लिक-2.0” साइबर जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस को साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पन्ना पुलिस ने अभियान के दूसरे दिन ही एक व्यवसायी से 25 टन नारियल सप्लाई के नाम पर 7 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 लाख 95 हजार रुपए नगद एवं मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज है कई मामलें
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से कुल 25 शिकायतें दर्ज हैं। देवेन्द्रनगर निवासी व्यवसायी ने अपने मिनी मार्केट के लिए 25 टन नारियल खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आवश्यकता दर्ज की थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने स्वयं को “केरल फॉर्च्यून ट्रेडर्स” का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और आकर्षक मूल्य पर नारियल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने फर्म से संबंधित दस्तावेज, जीएसटी नंबर, ट्रक एवं चालक संबंधी जानकारी भेजकर विश्वास अर्जित किया। विश्वास में आने के बाद व्यवसायी ने विभिन्न माध्यमों से कुल 7 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा कर दिए। भुगतान प्राप्त होने के बाद व्यक्ति एवं कथित ट्रक चालक ने संपर्क बंद कर दिया तथा नारियल फरियादी के पास नही पहुँचाये गये।
मामला सामने आते ही पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत प्राप्त होने पर थाना देवेन्द्रनगर में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष जांच दल एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल डेटा तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया। सतत तकनीकी निगरानी और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप पुलिस ने उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
आरोपी जस्ट डॉयल के माध्यम से मिले मोबाईल नंबरों पर करते थे संपर्क
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जस्ट डॉयल के माध्यम से प्राप्त मोबाईल नंबरों पर संपर्क कर लोगों को कॉल लगाकर जिस चीज की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार से बात करके धोखाधङी करते हैं। इसके बाद अग्रिम भुगतान प्राप्त कर साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन से पूर्व संबंधित फर्म, बैंक खाते, जीएसटी विवरण एवं संपर्क सूत्रों का स्वतंत्र सत्यापन अवश्य करें। केवल ऑनलाइन प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ी धनराशि का भुगतान न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
राम मंदिर दान-चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों पर दर्ज हुई FIR, SIT की रिपोर्ट पर एक्शन, जल्द गिरफ़्तारी संभव
अयोध्या राम मंदिर दान और चढ़ावा चोरी मामले में SIT की रिपोर्ट सौंपी जाने के बाद पहला बड़ा एक्शन हुआ है , शासन के निर्देश पर पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, एफआईआर में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, खास बात ये है कि एफ आई आर में चंपत राय या ट्रस्ट से जुड़े किसी बड़े व्यक्ति का नाम नहीं है, अब सबकी निगाहें पुलिस के एक्शन पर टिक गई है उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही इस मामले में गिरफ़्तारी होगी।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
जानकारी के अनुसार राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पुलिस ने अयोध्या थाने में बीएनएस की धारा 306, 316 (5) और 317 (4), 317 (5), 61 और 3(5) में एफआईआर दर्ज की है, इस एफ आई आर में कोई भी बड़ा नाम नहीं है और जो 8 आरोपी बनाये गए हैं उनमें से 6 कैशियर हैं बाकि दो वे है जो वायरल हुए वीडियो में इनकी मदद करते दिखाई दिए हैं, पुलिस ने इसमें अज्ञात लोगों का नाम भी जोड़ा है।
SIT की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज
बताया जा रहा है कि पुलिस एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव आदि के नाम शामिल हैं। ये भी कहा जा रहा है कि चढ़ावे की राशि के संग्रहण और जमा प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक पड़ताल में कुछ तथ्यों को चिन्हित किया था। जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
सरकार ने कहा एक भी दोषी बक्शा नहीं जायेगा
एफ आई आर दर्ज होने के बाद अब पुलिस इस गबन में आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन, चढ़ावे के प्रबंधन और अन्य संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी साथ ही उन महत्वपूर्ण बिन्दुओं को भी देखेगी जिसका जिक्र एसआई टी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उधर सरकार ने स्पष्ट किया है पूरे मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है एक भी दोषी बक्शा नहीं जायेगा।
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