इबोला वायरस के बढ़ते मामलों के बीच भारत ने शुरू किया एयर सुविधा पोर्टल
इबोला वायरस का प्रकोप मध्य और पूर्वी अफ्रीका तक सीमित है. हालांकि, फ्रांस भी अलर्ट मोड पर आ चुका है. इबोला से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को लेकर भारत अलर्ट हो गया. इबोला से प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल एक्टिव है.
यात्रियों के लिए ऑनलाइन सेल्फ-डिक्लेरेशन
यात्री उतरने से पहले जरूरी सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (एसडीएफ) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. इससे पहले पेपर-बेस्ड प्रक्रिया फॉलो की जा रही थी.
WHO की घोषणा के बाद भारत में स्वास्थ्य निगरानी सख्त
सूत्रों के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद से यह व्यवस्था लागू है. इसके तहत प्रवेश बिंदुओं (एयरपोर्ट, बंदरगाह आदि) पर स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के उपाय भी किए गए हैं.
फ्रांस में डॉक्टर संक्रमित, संपर्क में 5 लोग आइसोलेट
फ्रांस ने पांच ऐसे लोगों की पहचान की है और उन्हें आइसोलेट किया है जो इबोला वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. ये लोग एक डॉक्टर के साथ फ्लाइट में सफर कर रहे थे, जिसका वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया था. फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि डॉक्टर ने फ्रांस लौटने से पहले डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में काम किया था.
मंत्री के अनुसार, मरीज एक अनुभवी डॉक्टर है जो एक मिशन से लौटे हैं, जिन्हें पता नहीं था कि उन्हें वायरस हो गया है. जब वह प्लेन में बैठे, तो उनमें कोई लक्षण नहीं था. वह एक डॉक्टर है और विमान में उन्हें सिरदर्द हुआ, इसलिए उन्होंने अलर्ट जारी किया ताकि पेरिस पहुंचने पर उनका ध्यान रखा जा सके. जैसे ही उनकी फ्लाइट लैंड हुई, उन्हें हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया. मंत्री ने आगे कहा कि वह 21 दिनों तक, जो कि इन्क्यूबेशन पीरियड का समय है, वहीं रहेंगे.
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यूरोप में कम है खतरा, कांगो में मौत का आंकड़ा बढ़ा
यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल का अनुमान है कि यूरोप में रहने वाले लोगों के लिए संक्रमण का खतरा बहुत कम है. इस बीच, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के 1,118 कन्फर्म मामले सामने आए हैं, जिनमें 291 मौतें शामिल हैं. डीआरसी सरकार ने इस बीमारी के फैलने के बाद ताजा स्थिति को लेकर अपडेट में कहा है.
स्रोत--आईएएनएस
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
ईरान बहुत बड़ी रियायतें दे रहा, मेरी हर बात मान रहा: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ बातचीत में बहुत बड़ी छूट दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत आगे बढ़ने का भरोसा जताते हुए चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो यूएस सुरक्षा बल का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है.
सैन्य विकल्प अभी भी खुला, पर डिप्लोमेसी पर भरोसा
कैपिटल में मीटिंग से पहले और बाद में बुधवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस में नाटो के महासचिव मार्क रूटे के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने मीडिया से तेहरान के साथ डिप्लोमेसी को लेकर सकारात्मक बात कही. हालांकि, उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि सैन्य विकल्प अभी भी मौजूद है.
रिपब्लिकन सांसदों के साथ लंच मीटिंग से पहले ट्रंप ने कहा, "जंग बहुत अच्छी चल रही है. जैसा कि आप जानते हैं, हम जीत रहे हैं. ईरान बहुत बड़ी रियायतें दे रहा है. देखते हैं क्या होता है, लेकिन यह बहुत दमदार रहा है और यह बहुत अच्छा चल रहा है."
ट्रंप का दावा- तेहरान मान रहा
मीटिंग के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तेहरान अमेरिका की मांगों को पूरा करना जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा, "ईरान बहुत अच्छा बर्ताव कर रहा है. वे मेरी हर बात मान रहे हैं और उन्हें मानना ही होगा. नहीं तो, हम बस वापस जाकर वही करेंगे जो हमें करना है."
रूटे के साथ ओवल ऑफिस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने फिर से बातचीत को लेकर भरोसा दिखाते हुए कहा, "ईरान के साथ हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है."
कांग्रेस में ईरान युद्ध प्रस्ताव पर मतदान को लेकर ट्रंप ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई तेहरान को भ्रमित करने वाला और अनावश्यक संदेश देती है. उनके मुताबिक, इसका व्यावहारिक रूप से कोई खास महत्व नहीं है, लेकिन ईरान इसे अलग नजरिए से देख सकता है.
होर्मुज स्ट्रेट पर कोई समझौता नहीं होगा मंजूर
ट्रंप ने भविष्य में किसी भी ऐसे समझौते से भी इनकार कर दिया जो ईरान को होर्मुज स्ट्रेट के जरिए इंटरनेशनल शिपिंग पर चार्ज लगाने की इजाजत देगा. उन्होंने कहा, "यह मुझे मंजूर नहीं होगा. मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा."
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी ऊर्जा चोकपॉइंट्स में से एक है. रूटे ने ट्रंप की ईरान पॉलिसी का भरपूर समर्थन किया और कहा कि इसका मुख्य मकसद तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. रूटे ने कहा, "मैं सच में यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि आप ईरान में जो कर रहे हैं, वह कितना जरूरी है. ईरान के पास परमाणु क्षमता होना पूरी दुनिया के लिए खतरा होगा."
नाटो महासचिव ने किया ट्रंप की नीतियों का समर्थन
उन्होंने ईरान को एक ऐसा देश बताया जो अराजकता और आतंकवाद फैला रहा है और कहा कि वह परमाणु क्षमता हासिल करने के बहुत करीब था. रूटे ने कहा, "ईरान के पास परमाणु क्षमता होना पूरी दुनिया के लिए, खासकर इस इलाके, इजरायल और यूरोप के लिए, बल्कि बाकी दुनिया के लिए भी खतरा होगा. यह मुद्दा सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है. यह सुरक्षा से संबंधित है."
स्कूल पर हुए हमले की जांच पर बोले राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ट्रंप से मिनाब के एक स्कूल पर हुए हमले की जांच के बारे में भी पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे कभी उस समस्या का समाधान करेंगे, यह किसकी गलती थी, क्योंकि हर जगह मिसाइलें दागी जा रही थीं." रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन इस जांच को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इसके नतीजे सही समय पर जारी किए जाएंगे.
स्रोत--आईएएनएस
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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