Explainer: पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी नहीं हैं नागरिकता का अंतिम सबूत? जानिए भारतीय नागरिकता का असली कानूनी आधार क्या है
Explainer: हाल ही में पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं. इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड नागरिकता के प्रमाण नहीं हैं, तो फिर आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे की जाती है?
दरअसल, यह कोई नया कानूनी सिद्धांत नहीं है. वर्षों से भारतीय कानूनों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पहचान संबंधी दस्तावेज और नागरिकता संबंधी दस्तावेज अलग-अलग श्रेणियों में आते हैं. हालांकि आम लोगों के बीच अक्सर इन दोनों को एक ही समझ लिया जाता है.
पासपोर्ट क्या है और इसकी वास्तविक भूमिका क्या है?
पासपोर्ट किसी व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देने वाला आधिकारिक दस्तावेज है. यह बताता है कि धारक को भारत सरकार ने विदेश यात्रा के लिए मान्यता दी है. लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि पासपोर्ट अपने आप में नागरिकता का अंतिम और निर्विवाद प्रमाण है.
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, इसलिए यह नागरिकता का प्रमाण भी है. व्यवहारिक रूप से यह धारणा काफी हद तक सही लगती है, लेकिन कानूनी रूप से मामला थोड़ा अलग है.
पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 20 क्या कहती है?
पासपोर्ट और नागरिकता के बीच अंतर को समझने के लिए पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 महत्वपूर्ण है. इस प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में ऐसे व्यक्ति को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी कर सकती है जो भारतीय नागरिक न हो.
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय हित, मानवीय कारणों या विशेष प्रशासनिक परिस्थितियों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. यही कारण है कि कानून की नजर में पासपोर्ट और नागरिकता को एक समान नहीं माना गया है.
दूसरे शब्दों में, पासपोर्ट नागरिकता का मजबूत संकेत हो सकता है, लेकिन वह अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं है.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा था?
साल 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी एक महत्वपूर्ण फैसले में इस विषय को स्पष्ट किया था. अदालत ने कहा कि केवल पासपोर्ट होने से यह स्वतः सिद्ध नहीं हो जाता कि संबंधित व्यक्ति भारतीय नागरिक है.
कोर्ट ने माना कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता कानूनों के आधार पर होगा, न कि केवल किसी पहचान या यात्रा दस्तावेज के आधार पर. यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि नागरिकता का प्रश्न कानूनी पात्रता और निर्धारित प्रक्रियाओं से जुड़ा है.
भारत में नागरिकता कैसे प्राप्त होती है?
भारतीय नागरिकता का आधार मुख्य रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 है. यह कानून तय करता है कि कोई व्यक्ति किन परिस्थितियों में भारत का नागरिक बन सकता है.
भारतीय कानून के तहत नागरिकता प्राप्त करने के पांच प्रमुख तरीके हैं
1. जन्म से नागरिकता
भारत में जन्म लेने वाले लोगों के लिए अलग-अलग समयावधि में अलग नियम लागू रहे हैं.
-26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माना गया.
-1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2003 के बीच जन्म लेने वाले व्यक्ति को नागरिकता तब मिलती है जब उसके माता या पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो.
-3 दिसंबर 2003 के बाद जन्मे बच्चों के लिए नियम और सख्त हुए. अब कम से कम एक माता-पिता भारतीय नागरिक होना चाहिए और दूसरा अवैध प्रवासी नहीं होना चाहिए.
2. वंश के आधार पर नागरिकता
यदि किसी बच्चे का जन्म विदेश में हुआ है लेकिन उसके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं, तो वह वंश के आधार पर भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है.
हालांकि इसके लिए कुछ औपचारिक शर्तें पूरी करनी होती हैं. आमतौर पर बच्चे का जन्म निर्धारित समय सीमा के भीतर भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास में पंजीकृत कराया जाना आवश्यक होता है.
3. पंजीकरण (Registration) के जरिए नागरिकता
कुछ विशेष श्रेणियों के लोग आवेदन के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं. इसमें भारतीय मूल के व्यक्ति, भारतीय नागरिक से विवाह करने वाले विदेशी नागरिक और कुछ अन्य पात्र श्रेणियां शामिल होती हैं.
सरकार निर्धारित शर्तों की जांच के बाद उन्हें पंजीकरण के माध्यम से नागरिकता प्रदान कर सकती है.
4. नेचुरलाइजेशन (Naturalization) द्वारा नागरिकता
कोई विदेशी नागरिक, जो अवैध प्रवासी नहीं है और जिसने भारत में निर्धारित अवधि तक निवास किया है, नेचुरलाइजेशन के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकता है.
सामान्यतः इसके लिए भारत में लंबे समय तक निवास, अच्छे आचरण और अन्य कानूनी शर्तों को पूरा करना आवश्यक होता है. स्वीकृति मिलने पर सरकार नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करती है.
5. क्षेत्र के भारत में विलय से नागरिकता
यदि कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है, तो केंद्र सरकार आदेश जारी कर वहां के निवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान कर सकती है. भारत के इतिहास में कुछ क्षेत्रों के एकीकरण के दौरान ऐसे प्रावधान लागू किए जा चुके हैं.
आधार, वोटर आईडी और पैन कार्ड की क्या भूमिका है?
आधार कार्ड का उद्देश्य पहचान और निवास संबंधी सत्यापन है. यह नागरिकता का दस्तावेज नहीं है. वोटर आईडी चुनाव में मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए जारी की जाती है. हालांकि इसे प्राप्त करने के लिए नागरिक होना आवश्यक है, फिर भी यह नागरिकता का मूल कानूनी प्रमाणपत्र नहीं माना जाता.
पैन कार्ड का उपयोग कराधान और वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता है. इसे विदेशी नागरिक भी कुछ परिस्थितियों में प्राप्त कर सकते हैं. इसलिए इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता.
नागरिकता का वास्तविक प्रमाण क्या है?
कानूनी दृष्टि से नागरिकता का सबसे मजबूत और औपचारिक प्रमाण वह दस्तावेज होता है जो नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत जारी किया गया हो. इनमें नागरिकता प्रमाणपत्र (Citizenship Certificate) प्रमुख है.
यदि किसी व्यक्ति ने पंजीकरण, नेचुरलाइजेशन या अन्य कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से नागरिकता प्राप्त की है, तो सरकार द्वारा जारी नागरिकता प्रमाणपत्र ही उसका आधिकारिक प्रमाण माना जाएगा.
पहचान और नागरिकता में अंतर समझना जरूरी
पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज हैं, लेकिन इनका उद्देश्य अलग-अलग है. पहचान, यात्रा, कराधान और मतदान अधिकार से जुड़े ये दस्तावेज नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माने जाते.
भारतीय नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और उससे संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर होता है. इसलिए नागरिकता और पहचान के बीच अंतर को समझना जरूरी है. विदेश मंत्रालय का हालिया बयान इसी कानूनी तथ्य की याद दिलाता है कि पासपोर्ट महत्वपूर्ण है, लेकिन नागरिकता का अंतिम और स्वतंत्र प्रमाण नहीं.
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Khatron Ke Khiladi 15: फरहाना भट्ट या कारण वाही, इस बार किस कंटेस्टेंट के सिर सजेगा जीत का ताज? जानें
By shristi jha
Khatron Ke Khiladi 15: स्टंट, रोमांच और डर पर जीत की कहानी कहने वाला टीवी का सबसे फेमस रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. शो की शूटिंग पूरी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस सीजन की ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी? सोशल मीडिया पर फरहाना भट्ट और कारण वाही के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में एक तीसरे नाम को भी मजबूत दावेदार बताया जा रहा है. हालाकिं, मेकर्स ने अभी तक विजेता को लेकर कोई ऑफिसियल अनाउंसमेंट नहीं की है, जिससे फैंस के बीच सस्पेंस और भी बढ़ गया है.
कब शुरू होगा 'खतरों के खिलाड़ी 15'?
रोहित शेट्टी के इस पॉपुलर शो का नया सीजन 27 जुलाई से टीवी पर आने वाला है. दर्शक इसे हर हफ्ते कलर्स टीवी पर देख सकेंगे, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी एपिसोड्स स्ट्रीम किए जाएंगे. इस बार शो में पहले से ज्यादा खतरनाक स्टंट्स, नई डिफीकल्टीज और कई बड़े सेलिब्रिटी चेहरे देखने को मिलने वाले हैं, जिसने दर्शकों की एक्ससिटेमेंट को कई गुना बढ़ा दिया है.
कहां हुई इस बार शूटिंग
हर बार की तरह इस बार भी शो की शूटिंग एक खूबसूरत लेकिन चैलेजिंग फॉरेन लोकेशन पर हुई है. ओसियन, ऊंची पहाड़ियां, डेंजरस जानवर और मुश्किल मौसम के बीच कंटेस्टेंट्स को अपने डर का सामना करना पड़ा. रोहित शेट्टी ने भी कई मौकों पर कहा कि इस सीजन के स्टंट्स पिछले सीजन्स के मुकाबले कहीं ज्यादा कठिन और अनएक्सपेक्टेड रहे हैं. यही वजह है कि इस बार फिनाले तक पहुंचने वाले कंटेस्टेंट्स को सबसे मजबूत खिलाड़ियों में गिना जा रहा है.
फरहाना भट्ट ने क्यों बटोरी इतनी सुर्खियां?
फरहाना भट्ट इस सीजन की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट्स में शामिल रही हैं. शुरुआत से ही उन्होंने कई मुश्किल स्टंट्स को शानदार तरीके से पूरा किया और अपने सेल्फ-कॉन्फिडेंस से सभी को प्रभावित किया. फैंस का मानना है कि उन्होंने न सिर्फ फिजिकल टास्क में बेहतरीन परफॉर्म किया, बल्कि मेंटली फिटेनस का भी शानदार उदाहरण पेश किया. सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में लगातार पोस्ट्स और वीडियोज वायरल हो रहे हैं, जिससे उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा लगाया जा सकता है. कई एंटरटेनमेंट टास्क ने भी उन्हें इस सीजन की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल किया है.
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क्या करण वाही बन सकते हैं इस सीजन के बाजीगर?
करण वाही ने भी इस सीजन में अपने परफॉरमेंस से सभी को चौंकाया है. एक्टर और होस्ट के तौर पर पॉपुलर करण ने स्टंट्स के दौरान जिस तरह का सेल्फ-कॉन्फिडेंस और पेशेंस दिखाया, उसने फैंस को एफेक्ट किया. बताया जा रहा है कि उन्होंने कई इम्पोर्टेन्ट टास्क में शानदार परफॉर्म किया और टिकट टू फिनाले हासिल करने वाले प्रमुख कंटेस्टेंट्स में अपना नाम दर्ज कराया. उनकी फिटनेस और पॉजिटिव सोच उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें इस सीजन का 'प्रॉबब्ली विनर' मान रहे हैं.
आखिर कौन बनेगा शो का विजेता?
फिलहाल, इंटरनेट पर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं. कुछ रिपोर्ट्स फरहाना भट्ट के जीतने का दावा कर रही हैं, तो कुछ करण वाही को ट्रॉफी का असली हकदार बता रही हैं. हालांकि, जब तक चैनल या मेकर्स की ओर से ऑफिसियल अनाउंसमेंट नहीं किया जाता, तब तक इन खबरों को केवल अनुमान के तौर पर ही देखा जा सकता है. शो के हिस्ट्री को देखें तो आखिरी एपिसोड तक कई बड़े ट्विस्ट देखने को मिले हैं, तो ऐसे में इस बार भी कुछ भी होना संभव है.
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