आकाशदीप ने रोहित-विराट और धोनी को क्यों नहीं दिया अपनी शादी का न्योता? खुद सामने आकर बताई वजह
Akash Deep Wedding : भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत कर ली है. आकाशदीप बुधवार यानी 24 जून को वाराणसी में शादी के बंधन में बंध गए. इंडियन क्रिकेटर आकाशदी की शादी में रोहित शर्मा, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी जैसे बड़े-बड़े क्रिकेट स्टार नहीं पहुंचे. इसके बाद से सवाल उठना शुरू हो गया कि, उनकी शादी में ये स्टार क्रिकेटर्स क्यों नहीं आए हैं. सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आकाशदीन ने रोहित, विराट और धोनी को अपनी शादी का न्योता नहीं दिया है.
बीती रात क्रिकेटर Akash Deep की शादी अक्षिता के साथ बनारस में सम्पन्न हुई।
— Ishita (@ishita_9529) June 25, 2026
जब एक लड़के ने पूछा भईया शादी में MS Dhoni और Virat जैसे खिलाड़ियों को नही बुलाए।
उन्होंने कहा वो लोग बनारस में नहीं आ पायेंगे उनके लिए शादी बाहर करनी पड़ेगी लेकिन शादी में नशे वाले पवन सिंह...Open news pic.twitter.com/wsRlTdtbzF
आकाशदीप ने रोहित, विराट और धोनी को क्यों नहीं बुलाया?
दरअसल, आकाशदीप ने खुद इस बारे में बताया है. उनकी शादी के दौरान एक मीडिया कर्मी ने उनसे सवाल पूछा कि आपने शादी में रोहित शर्मा, विराट कोहली और एमएस धोनी क्यों नहीं बुलाया है. इस पर आकाशदीप ने हंसकर जवाब दिया और कहा कि, 'शादी हो पाएगी यहां बनारस में'. इस जवाब के साथ उन्होंने साफ कह दिया अगर उनको बुलाता और वो बनारस में आते तो क्या यहां शादी हो पाती क्योंकि उनसे मिलने के लिए ही भीड़ हो जाती हौ शादी होने में बहुत सी रुकावट हो जातीं.
Look at Aakash Deep's reaction when his friend asked, "Bhaiya, aapne Virat Kohli Bhaiya, Dhoni Bhaiya aur Rohit Bhaiya ko apni shaadi mein kyun nahi bulaya?"
— Sonu (@Cricket_live247) June 25, 2026
Aakash Deep replied, "Phir yahan shaadi nahi ho paati, bahar karni padti." ???? pic.twitter.com/9vAgnwupVi
कहां हुई आकाशदीप की शादी?
आकाश दीप की शादी उत्तर प्रदेश के वाराणसी के एक फाइव स्टार होटल में हुई. इस शादी में उनके परिवार, रिश्तेदारों और करीबी मेहमान मौजूद रहे. वहीं उनकी शादी में खेल, राजनीति और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही हैं.
Many congratulations to Akashdeep on getting married. ❤️ pic.twitter.com/HAgSnhjsWd
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 25, 2026
आकाशदीप की शादी में पहुंचे ये क्रिकेटर
आकाशदीप की शादी में भारतीय क्रिकेटर मुकेश कुमार पहुंचे, जो उनके साथ बंगाल के लिए घेरलू क्रिकेट भी खेलते हैं. इसके साथ ही मुकेश कुमार उनके साथ टीम इंडिया में भी खेल चुके हैं. मुकेश के अलावा शादी में शाहबाज अहमद भी पहुंचे. इन दोनों खिलाड़ियों ने बारात में पूरे उत्साह के डांस किया. इन दोनों खिलाड़ियों के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है.
Look at Mukesh Kumar and Shahbaz Ahmed's crazy dance during Aakash Deep's wedding. pic.twitter.com/TZlYyYXfZf
— Sonu (@Cricket_live247) June 25, 2026
आकाश दीप के बिहार के रोहतास जिले स्थित गांव बड्डी में चार दिनों तक पारंपरिक रस्में निभाई गईं. शादी से पहले पूरे रिती-रिवाज के साथ रश्में गांव में निभाई गईं. इस दौरान परिवार के लिए लोग और कुछ करीबी रिश्तेदार भी मौजूद रहे. आकशदीप एक इंडियन क्रिकेटर हैं लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी शादी बड़ी सादगी के साथ की है.
कौन हैं आकाशदीप की पत्नी अक्षिता राज?
आकाश दीप की पत्नी अक्षिता राज बिहार के रोहतास जिले के मणिकपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीसीए और एमसीए की पढ़ाई की है. इन दोनों ने परिवार की मर्जी से अरेंज मैरिज की है.
आकाशदीप का क्रिकेट करियर
आपको बता दें कि, 29 साल के आकाश दीप ने साल 2024 में इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया था. उन्होंने अब तक देश के लिए 10 टेस्ट मैच में 28 विकेट लिए हैं. उनके नाम 1 टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी दर्ज है. आईपीएल में आकाश ने 14 मैचों में 10 विकेट चटकाए हैं. वो घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए 49 फर्स्ट क्लास मैचों में 169 विकेट और 53 टी20 मैचों में 59 विकेट ले चुके हैं.
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Explainer: किसी भी उंगली में पहन लेते हैं अंगूठी? ऐसी गलती डाल सकती है आपको मुसीबत में, जानें सही ज्योतिषीय तरीका
Ring Wearing in Fingers: अंगूठी सिर्फ एक फैशन एक्सेसरी नहीं है. भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है. अंगूठी को नए रिश्ते जोड़ते समय पहना जाता है. कई लोग बिना सोचे-समझे ही किसी भी उंगली में अंगूठी पहन लेते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर उंगली का संबंध किसी न किसी ग्रह और ऊर्जा से जुड़ा होता है. गलत उंगली में अंगूठी पहनने से जातक के जीवन में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. आइए जानते हैं कि किस उंगली में कौन-सी अंगूठी पहननी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
क्यों महत्वपूर्ण है अंगूठी पहनने की सही उंगली?
दरअसल, अंगूठी धातू से बनी होती है. इनमें खास पत्थर भी होते हैं. इसलिए, अंगूठी को हमेशा सही उंगली में पहनना जाता है. इसलिए, ज्योतिष, ऊर्जा विज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार सही उंगली में अंगूठी धारण की जाती है. हर उंगली शरीर के अलग-अलग तंत्रिका और ऊर्जा केंद्रों से जुड़ी हुई होती है. ऐसे में स्वास्थ्य के लिहाज से भी सही उंगली का चुनाव जरूरी होता है.
ऊर्जा के लिए- योग और आध्यात्मिक विज्ञान के अनुसार, हाथों की नसों का संबंध और विभिन्न अंगो से होता है. इसलिए, सोने या चांदी पहनने से पहले हमें सही उंगली में धातु पहनने की सलाह लेनी चाहिए. इससे शारीरिक ऊर्जा स्थिर रहती है.
ज्योतिषीय लाभ- ज्योतिष शास्त्र में हर उंगली का किसी ने किसी ग्रह के साथ खास संबंध बताया जाता है. जैसे कि सूर्य, शुक्र और गुरु आदि. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सही उंगली में सही रत्न को पहनने से वह ग्रह अत्यधिक मजबूत होता है. इसका फल भी सही मिलता है. वहीं, यदि आप गलत ग्रह से संबंधित अंगूठी को गलत उंगली में पहनते हैं तो उसका दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकता है.
शारीरिक प्रभाव- अलग-अलग उंगलियों में अंगूठी पहनने से व्यक्तित्व के गुण भी उभरते हैं. जैसे कि अंगूठे में सही धातू की अंगूठी पहनने से मनुष्य की इच्छाशक्ति में वृद्धि होती है. वहीं, तर्जनी उंगली में अंगूठी पहनने से नेतृत्व करने की क्षमता का विकास होता है.
सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्व- शादी और सगाई की अंगूठी को हमेशा रिंग फिंगर में पहनना चाहिए. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है क्योंकि ये प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाता है.
इसी प्रकार नवरत्नों वाली अंगूठी भी हमेशा हाथ की किसी विशेष उंगली में धारण की जाती है. अब जानिए उंगली के अनुसार, कौन सी अंगूठी किस में पहनें.
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अंगूठे में अंगूठी पहनना शुभ है या अशुभ?
ज्योतिषाचार्या हरीगोपाल शर्मा के अनुसार, अंगूठे में अंगूठी धारण करना शुभ और अशुभ परिणाम दोनों ही दे सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस धातु की अंगूठी पहन रहे हैं और उसके नियम क्या है. हस्तरेखा के अनुसार, अंगूठा शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. यह जीवन में सुख-समृद्धि का कारक होता है. अंगूठे में बिना जोड़ वाला चांदी का छल्ला पहनना शुभ माना जाता है. इससे शुक्र और चंद्रमा, दोनों की स्थिति मजबूत होती है. इसके अलावा, किसी और धातू को अंगूठे में पहनना अशुभ माना जाता है. चांदी का बिना जोड़े वाला छल्ला भी पुरुषों को दाएं और महिलाओं को बाएं हाथ में पहनना चाहिए.
तर्जनी उंगली में कौन सी अंगूठी पहनें?
तर्जनी उंगली या फिर इंडेक्स फिंगर में अंगूठी पहनना प्रभावशाली माना जाता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, इस उंगली का संबंध देवगुरु बृहस्पति से है. गुरु ग्रह ज्ञान, भाग्य, बुद्धि, और सम्मान का कारक होता है. इस उंगली में हमेशा पुखराज रत्न की अंगूठी पहननी चाहिए. अंगूठी सोने या पीतल की होनी चाहिए. कामकाजी लोगों को इस उंगली में अंगूठी धारण करनी चाहिए. कहावत है कि पुराने जमाने राजा-महाराजा लोग इस उंगली में अंगूठी पहनते थे ताकि उनके नेतृत्व करने की ऊर्जा बढ़ें. इस उंगली में अंगूठी पहनने से केतु के दुष्प्रभाव कम होता है.
मिडिल फिंगर किसके लिए सही?
मध्यमा उंगली या मिडिल फिंगर किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाने वाली उंगली होती है. इस उंगली में रत्न धारण करने से जीवन में संतुलन बना रहता है. इस उंगली में अंगूठी धारण करने से इंसान में सही-गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता बढ़ती है. मध्यमा उंगली में नीलम, मूंगा और स्फटिक की उंगली पहनी जाती है. अगर किसी जातक के ऊपर शनि की महादशा चल रही है तो उसे शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में गोमेद रत्न की अंगूठी पहननी चाहिए. इस उंगली में अंगूठी धारण करने से अनुशासन बढ़ता है. कार्यों में स्थिरता आती है और धैर्य विकसित होता है.
अनामिका उंगली में अंगूठी पहनने का महत्व
अनामिका उंगली या रिंग फिंगर में अंगूठी पूरी दुनिया में पहनी जाती है. यह दुनिया में सबसे लोकप्रिय है. ज्योतिष हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, इस उंगली का संबंध दिल से होता है और सूर्य से होता है. सूर्य को मान-सम्मान, आत्मा, स्वास्थ्य और तेज कारक माना जाता है. इस उंगली में अंगूठी पहनने के कई लाभ होते हैं. सगाई या शादी की अंगूठी इसी उंगली में पहनी जाती है ताकि पार्टनर के साथ दिल का रिश्ता मजबूत बना रहे. यह उंगली प्रेम, निष्ठा और प्रतिबद्धता को दर्शाती है. अनामिका उंगली में अंगूठी पहनने से समाज में आपके मान-सम्मान और यश-कीर्ति में वृद्धि होती है. इस उंगली में माणिक्य, मूंगा और हीरा धारण कर सकते हैं. क्योंकि इस उंगली का संबंध सूर्य से है तो सोने या तांबे की अंगूठी पहन सकते हैं.
कनिष्ठा उंगली में अंगूठी पहनने के फायदे
कनिष्ठा या फिर छोटी उंगली में भी अंगूठी पहनी जाती है. हाथ की सबसे छोटी उंगली का संबंध ज्योतिष, हस्तरेखा और समुद्र शास्त्र में बुध ग्रह से बताया जाता है. बुध, बुद्धि, व्यापार और वाणी और धन का कारक ग्रह माना जाता है. इस उंगली में अंगूठी या छल्ला पहनने से कई प्रकार के लाभ होते हैं. इस उंगली में अंगूठी पहनने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है और व्यापार में आर्थिक तंगी को दूर करती है. अगर आप शेयर मार्केट में इंवेस्ट करते हैं तो आपको इस उंगली में अंगूठी पहननी चाहिए. बुध वाणी के स्वामी है. इसलिए, अंगूठी को पहनने से व्यक्ति की कम्युनिकेशन स्किल्स भी स्ट्रॉन्ग होती है. वैसे तो छोटी उंगली में हमेशा पन्ना पहनना शुभ होता है. लेकिन बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए इस उंगली में आप सोना या चांदी, दोनों ही पहन सकते हैं.
किस धातु की अंगूठी किस उंगली में पहननी चाहिए?
सोना- अनामिका या तर्जनी उंगली
चांदी- छोटी उंगली
तांबा- सूर्य और मंगल से जुड़े उपाय के लिए अनामिका उंगली में
पंचधातु- इस अंगूठी को विशेष उपायों के लिए अलग-अलग उंगली में
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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