पूजा में कौन-से फल-फूल देवी-देवताओं को अर्पित नहीं करने चाहिए? जानें शास्त्रों के नियम
Puja Rules: पूजा में हर फल-फूल देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाया जाता. जानिए भगवान विष्णु, शिव, गणेश, दुर्गा और सूर्य देव को कौन-सी चीजें अर्पित करना वर्जित माना गया है.
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निर्जला एकादशी 2026: व्रत रख रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना बिगड़ सकती है सेहत
Nirjala Ekadashi 2026: आज देशभर में श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ निर्जला एकादशी का व्रत रख रहे हैं। सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि लाखों भक्त निर्जला उपवास का संकल्प लेते हैं।
हालांकि, इस व्रत में अन्न और जल दोनों का त्याग किया जाता है, इसलिए गर्मी के मौसम में शरीर पर इसका प्रभाव भी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्रत के दौरान शरीर की क्षमता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। खासतौर पर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
निर्जला एकादशी के दिन तेज धूप और गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी और कमजोरी महसूस हो सकती है। यदि सिरदर्द, चक्कर या थकान जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत आराम करें और शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें। इसके अलावा भारी व्यायाम, दौड़-भाग या अधिक शारीरिक मेहनत वाले कार्यों से भी दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है।
धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक कमजोरी, घबराहट, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना सबसे महत्वपूर्ण होता है। सही सावधानियों के साथ रखा गया निर्जला एकादशी का व्रत न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि मन और आत्मा को भी सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।




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