अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दो विमान आमने-सामने आए:टक्कर होते बची, 200 मीटर दूरी रह गई थी; एअर इंडिया फ्लाइट ने लिया था रॉन्ग टर्न
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया। एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए। हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया। सूत्रों के अनुसार, मुंबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की फ्लाइट पार्किंग बे की ओर जाते समय गलती से गलत मोड़ ले बैठी और उसी टैक्सीवे पर पहुंच गई, जहां इंडिगो का विमान मौजूद था। दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। एअर इंडिया ने माना- पार्किंग के दौरान हुई गलती एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि 24 जून को मुंबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट AI-2493 लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान अनजाने में गलत दिशा में मुड़ गई थी। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ। बाद में विमान को टो (खींचकर ले जाना) करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इंडिगो ने कहा- विमान हटाने के बाद रवाना हुए इंडिगो ने बताया कि उसकी फ्लाइट 6E-5160 अहमदाबाद से मुंबई रवाना होने के लिए टैक्सी वे पर आ रही थी। तभी दूसरी एयरलाइन का विमान गलत दिशा में आ गया। एयरलाइन के मुताबिक, दोनों विमानों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। इसके बाद एयर इंडिया के विमान को हटाया गया और इंडिगो की उड़ान सुरक्षित रूप से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंच गई। एअर इंडिया ने कहा कि घटना की जानकारी विमानन नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों विमान एयरबस A320 कैटेगरी के नैरो-बॉडी विमान थे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जिन दो विमानों में टक्कर होते बची, वे एयरबस A320 कैटेगरी के नैरो-बॉडी विमान थे। जिनमें एक विमान की यात्री क्षमता करीब 150-180 पैसेंजर्स की होती है। हालांकि घटना के वक्त दोनों विमानों में कितने पैसेंजर्स थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। एयरबस A320 की 5 प्रमुख खासियतें ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा: दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ा, तकनीकी खराबी से रास्ता भटका एअर इंडिया की एक फ्लाइट सोमवार रात रास्ता भटककर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जा घुसी। इसे पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी और इसे अमृतसर लैंड होना था। पूरी खबर पढ़ें…
सरकार बोली- पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं:इसे भारतीयों को जारी किया जाता लेकिन ये नागरिकता साबित नहीं करता
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है। सरकार ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर प्रेस ब्रीफिंग में ये बात बताई। मंत्रालय ने स्पष्टीकरण में कहा कि पासपोर्ट केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा के लिए जारी किया जाता है। हालांकि यह सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही दिया जाता है, लेकिन अपने आप में यह नागरिकता स्थापित करने वाला दस्तावेज नहीं माना जाएगा। इससे पहले मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़ी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं। पासपोर्ट राष्ट्रीयता की पहचान देता, नागरिकता का नहीं राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं। जबकि नागरिकता बताती है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं। राष्ट्रीयता आपकी पहचान होती है। नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है। 10 साल में 7 गुना बढ़े केंद्र, 1.47 करोड़ ई-पासपोर्ट जारी मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं। क्या पासपोर्ट रद्द होने पर नागरिकता खत्म हो जाती है? नहीं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता खत्म हो गई। पासपोर्ट कई कारणों से रद्द या निलंबित हो सकता है: लेकिन भारतीय नागरिकता खत्म करने की प्रक्रिया अलग है और यह Citizenship Act, 1955 के तहत होती है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई है कि इसके इस्तेमाल को सिर्फ पहचान की पुष्टि (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
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