1 जुलाई से लागू होंगे आधार कार्ड से जुड़े नए नियम, फ्री में मिलेगी यह सुविधा, UIDAI का ऐलान
आधार कार्ड (Aadhaar Card) उपयोगकर्ताओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (UIDAI) आधार मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए ईमेल एड्रेस अपडेट की सुविधा पर दे शुल्क में छूट का ऐलान किया है। नए नियम 1 जुलाई से लागू होने वाले हैं। वर्तमान में आधार में ईमेल ऐड्रेस अपडेट करने के लिए 75 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
यह कदम यूजर्स को आधार डिटेल्स अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। 1 जुलाई 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक यदि कोई भी आधार कार्ड धारक ऑनलाइन नए आधार ऐप पर ईमेल एड्रेस को अपडेट करता है, उसे कोई फीस नहीं देनी होगी। ध्यान रखें यह सुविधा 6 महीने की अवधि के लिए होगी।
नए आधार ऐप के उपयोग में वृद्धि
हाल ही में केंद्र सरकार ने नए आधार ऐप को लॉन्च किया है, जिसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। यूआईडीएआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मिलियन लोगों ने नया आधार ऐप को डाउनलोड किया है। अब तक 40 लाख लोगों ने इस नए एप्लीकेशन के जरिए अपने मोबाइल नंबर को अपडेट किया है। लगभग 8.5 लाख लोगों ने नया इस ऐप के जरिए घर बैठे अपना एड्रेस भी अपडेट किया है। इसे ऐप को गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें विभिन्न प्रकार के फीचर्स भी जोड़े गए हैं। इस लिस्ट में एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक या अनलॉक, मौजूदगी की स्थिति के लिए फेस वेरिफिकेशन ऑथेंटिकेशन, हिस्ट्री और QR बेस्ड एडिटेबल कॉन्टैक्ट कार्ड इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा इस ऐप पर ई-आधार डाउनलोड करने और आधार सेवा केंद्र में जाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करने की सुविधा भी मिलती है।
The Aadhaar App is witnessing a robust acceptance among people across India with over 31 million downloads since it was launched less than 5 months back. The growing adoption reflects increasing resident confidence in the App for bringing services at their fingertips.
Designed… pic.twitter.com/9csufxA5TX
— Aadhaar (@UIDAI) June 23, 2026
फ्री में दस्तावेज अपडेट करने की डेडलाइन आगे बढ़ी
ज्यादा से ज्यादा आधार कार्ड धारकों को अपने आधार में डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दस्तावेज अपडेट करने की निःशुल्क सुविधा की तारीख आगे बढ़ने का ऐलान पिछले महीने ही किया गया था। यूजर्स 15 यूजर्स 14 जून 2027 तक फ्री में दस्तावेजों को अपडेट कर सकते हैं। पहले यह सुविधा 14 जून 2026 तक मिलने वाली थी।
OM_dated_18-06-2026'कानूनन बिना एफआईआर नहीं बन सकती एसआईटी', राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोले केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में दान चोरी की जांच कर रही एसआईटी को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कानूनन बिना एफआईआर के एसआईटी का गठन नहीं किया जा सकता. केजरीवाल ने कहा कि किस क़ानून की किस धारा में ये एसआईटी बनाई गई है. उन्होंने कहा कि कानूनन बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बनती. केजरीवाल सवाल उठाया कि मामले की जांच सीबीआई और ईडी से क्यों नहीं कराई जा रही.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस एसआईटी के पास न किसी को समन करने की ताकत और और न किसी को गिरफ्तार करने की और न ही किसी पर रेड मारने की. उन्होंने कहा कि यह एसआईटी कुछ नहीं कर सकती. केजरीवाल ने याद दिलाया कि 2021 में भी इन्होंने एक एसआईटी बनाई थी. उस समय यह मामला उठा था. उस समय भी एसआईटी बनी थी, लेकिन कोई एफआईआर नहीं की गई थी.
इसके साथ ही केजरीवाल ने सवाल उठाया कि इस मामले को सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा? आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछना चाहता है कि इस मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई और यह मामला सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा गया?
आप सांसद संजय सिंह ने मांगा एसआईटी से समय
उधर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अरविंद केजरीवाल ने एसआईटी से समय मांगा है. उन्होंने कहा कि मैंने 20 जून को एसआईटी को चिट्ठी और मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा है. संजय सिंह ने कहा कि मेरे पास सबूत हैं कि राम मंदिर में इतना भारी भ्रष्टाचार और बेईमानी हुई है. उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम की पादुकाएं और हार भी चोरी हो गया, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई. चढ़ावे और दान में हुई चोरी का माल बरामद भी हो गया, फिर भी न कोई जेल गया और न ही कोई एफआईआर हुई.
आप सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाया था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में समयबद्ध तरीके से जांच करने वाली एसआईटी बननी चाहिए थी और बेईमानों को जेल भेजा जाना चाहिए था. इससे करोड़ों हिंदुओं का भरोसा बनता कि उनके दान पर कार्रवाई हो रही है.
इस बीच एसआईटी ने आप नेता संजय सिंह को कल (25 जून) सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया है. आप सांसद संजय सिंह ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्रस्ट बनाया और उसमें अपने लोगों को भर दिया. उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए की चोरी है. उन्होंने सवाल किया कि क्या राम मंदिर आस्था का केंद्र है या लूट का?
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