लोहगढ़ किले में 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस के हाथ एक ऐसा चौंकाने वाला सबूत लगा है, जिसने इस पूरे मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री खंगालने पर पता चला है कि वह हत्या से कुछ दिन पहले इंटरनेट पर 'मर्डर करके कैसे बचें' और 'हत्या को दुर्घटना कैसे दिखाएं' जैसी चीजें सर्च कर रही थी।
जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत इस मामले का अहम हिस्सा बन गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह 26 वर्षीय बिजनेसमैन की हत्या की पहले से सोची-समझी साजिश थी और उनकी मौत को ट्रेकिंग के दौरान गलती से गिरने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 21 वर्षीय सिया गोयल के मोबाइल फोन की गूगल सर्च हिस्ट्री की जांच से पता चला कि उन्होंने हत्या को दुर्घटना जैसा दिखाने से जुड़ी चीजें सर्च की थीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये सर्च उनके मंगेतर, 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत से कुछ दिन पहले किए गए थे।
अपने परिवार के रियल एस्टेट बिजनेस में डायरेक्टर केतन की मौत 18 जून को लोहगढ़ किले में लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई थी। शुरू में, सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवाओं के बीच तस्वीरें खिंचवाते समय केतन फिसलकर गिर गए थे। उनके बयान के आधार पर, लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी।
हालांकि, बाद में जांचकर्ताओं को उनके बयान और घटना के बाद उनके व्यवहार में कथित विसंगतियों के कारण शक हुआ। इसके बाद जांच में पता चला कि सिया कथित तौर पर 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी के साथ रिश्ते में थीं। चेतन ड्राई फ्रूट के बिजनेस से जुड़े थे और खबरों के अनुसार, सिया उनसे पिछले साल एक बिजनेस इवेंट में मिली थीं।
पुलिस के अनुसार, सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थीं और उन्हें चेतन के साथ अपने रिश्ते में बाधा मानती थीं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस का दावा है कि 18 जून को सिया केतन को घूमने-फिरने के बहाने लोहगढ़ किले ले गईं। चेतन कथित तौर पर जोड़े के पीछे लगभग 20 से 30 फीट की दूरी पर चल रहे थे और सीसीटीवी फुटेज में हुडी और फेस मास्क पहने ट्रेकिंग रूट पर चलते हुए कैद हुए थे। खबरों के मुताबिक, फुटेज में घटना से कुछ देर पहले केतन और सिया को किले के किनारे खड़े देखा जा सकता है।
जांच करने वालों का आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई, और बाद में इसे एक हादसा दिखाने की कोशिश की।
पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि केतन की मौत के बाद, सिया ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर अपने मंगेतर के लिए श्रद्धांजलि और भावुक संदेश पोस्ट किए, ताकि हादसे वाली कहानी को और ज़्यादा विश्वसनीय बनाया जा सके।
इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि जांच चल रही है और केतन अग्रवाल की मौत के पीछे की कथित साज़िश की पड़ताल के दौरान और डिजिटल व फ़ोरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है।
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पुलिस ने बुधवार को बताया कि कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में एक 20 साल के युवक को गिरफ़्तार किया गया है, जिस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से जुड़े होने का शक है। आरोपी की पहचान सुहैल के तौर पर हुई है; वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और हाल ही में हरिहर तालुक में रहने आया था, जहाँ वह पेंटर का काम करता था। पुलिस ने बताया कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से मिली जानकारी के आधार पर, इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ मिलकर चलाए गए एक जॉइंट ऑपरेशन में उसे मंगलवार को पकड़ा गया।
WhatsApp पर टेरर से जुड़ा मटीरियल मिला
पुलिस के मुताबिक, उसके WhatsApp अकाउंट पर टेरर से जुड़ा संदिग्ध मटीरियल मिला और वह कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद कई लोगों के संपर्क में था। गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए दावणगेरे के एसपी शेखर एच. टेक्कन्नवर ने बताया कि भरोसेमंद जानकारी के आधार पर संदिग्ध को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पत्रकारों को बताया, कल, भरोसेमंद जानकारी मिलने पर हमारे पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। करीब 15 दिन पहले, संदिग्ध हरिहर रूरल पुलिस स्टेशन इलाके में मौजूद एक प्राइवेट फैक्ट्री में पेंटर का काम करने आया था और पास के ही एक गांव में रह रहा था। एसपी ने कहा कि उसके संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिलने पर उससे पूछताछ की गई। जांच के दौरान पता चला कि वह अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान मूल के लोगों के संपर्क में था। उन्होंने बताया कि हरिहर रूरल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। टेक्कन्नवर ने कहा कि हम संदिग्ध के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं, जिसकी उम्र करीब 20 साल है।
सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क में आया संदिग्ध
शुरुआती जांच का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध और कुछ अन्य लोग कथित चरमपंथी गतिविधियों के सिलसिले में सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क में आए थे और ऑनलाइन एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे संकेत हैं कि यह मामला तुमकुरु ज़िले में दर्ज पहले के एक मामले जैसा हो सकता है, लेकिन हम आगे की जांच से इसकी पुष्टि करेंगे। फ़िलहाल, हम हिरासत में लिए गए संदिग्ध की पहचान की पुष्टि कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हम पहचान की प्रक्रिया पूरी करेंगे, सभी ज़रूरी सबूत इकट्ठा करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। अधिकारी के अनुसार, संदिग्ध कथित तौर पर लगभग 10 लोगों के समूह के साथ इस इलाके में आया था। टेक्कन्नवर ने आगे कहा हम दूसरों की पृष्ठभूमि की भी जांच कर रहे हैं। जांच के बाद हम यह पता लगाएंगे कि मामले में कोई सच्चाई है या नहीं, क्या इसमें कोई खास समूह शामिल है, संपर्कों की प्रकृति क्या है और अन्य विवरण क्या हैं। ये बातें जांच पूरी होने के बाद ही साफ़ हो पाएंगी।
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