खंडवा के किसान ने घर पर बनाएं जिप्सम खाद, खेत में डालने से बंजर जमीन भी उगलेगी सोना! जानें विधि
जिप्सम एक प्राकृतिक खनिज है, जिसे खदानों से निकाला जाता है। खेती में इसका उपयोग मिट्टी सुधारक के रूप में किया जाता है. खंडवा के किसान अब धान के पुआल (भूसे) और कृषि ग्रेड जिप्सम को मिलाकर जैविक कम्पोस्ट खाद तैयार कर रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हो रही है. फसलों में भी अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं.किसान लोकेश पालीवाल बताते हैं कि उन्होंने जिप्सम खाद का इस्तेमाल सीताफल, हल्दी और दूसरी फसलों में किया है. उनके मुताबिक, इस खाद के उपयोग से मिट्टी की ताकत बढ़ी है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है
ताश के पत्तों की तरह ढहते गए मकान... अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का रौद्र रूप, चिल्लाते रहे लोग
Arunachal Pradesh Flood Video: अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है. राज्य के केई पन्योर क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें हालात की भयावहता बयां कर रही हैं. बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बह रहा है कि रास्ते में आने वाली हर चीज को अपने साथ बहाकर ले जा रहा है. सबसे ज्यादा नुकसान मुख्य राजमार्ग पर बने एक पुल को हुआ, जो तेज बहाव के कारण ढह गया. इसके अलावा कई मकान भी बाढ़ की चपेट में आ गए. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ घर ताश के पत्तों की तरह टूटकर पानी के तेज बहाव में बहते नजर आ रहे हैं. यह दृश्य स्थानीय लोगों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं है. हालात को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने भी क्षेत्र में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की गई है. वीडियो में स्थानीय लोग एक-दूसरे को सावधान रहने और सुरक्षित जगहों पर पहुंचने की चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं. मानसून की शुरुआत के साथ ही पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम का कहर देखने को मिल रहा है और अरुणाचल प्रदेश इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है.
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