इंदौर में 18, शिवपुरी में 12 कोचिंग सेंटर सील:भोपाल में नहीं मिले वेंटिलेशन-इमरजेंसी एग्जिट; ग्वालियर में 1050 में से 4 में ही फायर सेफ्टी
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद इंदौर में भी कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया। इनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी जबकि 5 होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस हैं। शिवपुरी में भी 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। इनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम और फायर एनओसी नहीं मिली। भोपाल में भी फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल के नेतृत्व में एक टीम कोचिंग संस्थानों की जांच करने पहुंची। टीम ने बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट गेट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। कई सेंटर्स में वेंटिलेशन की कमी पाई गई। इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले। वहीं, ग्वालियर के 1050 से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स में से केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से जुड़ी वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मिले। इंदौर में वेदा बिजनेस पार्क से अपोलो आर्केड तक जांच इंदौर में टीम ने कोचिंग सेंटर्स के साथ शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांची गई। जांच के दौरान गीता भवन स्थित केटेलाइजर कोचिंग का इमरजेंसी एग्जिट बंद मिला। इसके साथ ही नुकलियम, रामानुजन, आयाम और इकरथ कोचिंग को सील कर दिया गया है। हालांकि, किसी भी मामले में FIR नहीं की गई है। निरीक्षण में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम खराब थे। रूल्स मुताबिक उपलब्ध नहीं थे। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने भवन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। बहुमंजिला इमारतों में बंद मिले इमरजेंसी एग्जिट निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए। आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित होना अनिवार्य है। इमरजेंसी गेट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ा खतरा है। छापेमारी से जुड़ी तस्वीरें देखिए… कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरियों की जांच एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में ऑपरेशन कोचिंग सेंटर चलाया गया। धनगर के अनुसार, अब तक 10 भवन अस्थायी रूप से सील किए जा चुके हैं। जांच जारी रहेगी। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, म्यूजियम और अन्य कार्यालय भी सील किए गए हैं। ‘ऑपरेशन कोचिंग’ के तहत जारी रहेगा अभियान प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर में ‘ऑपरेशन कोचिंग’ अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फायर सेफ्टी इंतजाम करने पर मिलेगी राहत एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग का उद्देश्य संस्थानों को स्थायी रूप से बंद करना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। भवन संचालकों को शपथपत्र देकर आश्वासन देना होगा कि वे 15 से 20 दिनों में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर देंगे। दस्तावेज जमा करने के बाद खुलेगी सील इमारतें सील किए गए भवनों के संचालकों को फायर सेफ्टी उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेज और ऑर्डर की प्रतियां प्रशासन को प्रस्तुत करनी होंगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही संबंधित भवनों और संस्थानों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी। भोपाल में वेंटिलेशन और इमरजेंसी गेट की प्रॉब्लम लखनऊ हादसे से सबक लेते हुए भोपाल में भी कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता शुरू हो गई है। फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल के नेतृत्व में टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई कोचिंग सेंटर्स में प्रॉपर वेंटिलेशन की कमी मिली। इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले। फायर अधिकारी पटेल ने बताया कि कोचिंग सेंटरों के बाहर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स वेंटिलेशन को प्रभावित कर रहे हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सुरक्षित निकासी में भी सुधार की जरूरत है। ग्वालियर में 40 संस्थान, 4 के पास ही फायर सेफ्टी अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार ने कहा कि ग्वालियर में 1050 से ज्यादा कोचिंग हैं, इनमें करीब 50 बड़े संस्थान हैं। केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से जुड़ी वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मिले हैं। अधिकांश कोचिंग सेंटरों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और निकासी मार्ग जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। नगर निगम के फायर विभाग का कहना है कि लखनऊ हादसे के बाद शहर के सभी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ नोटिस, सीलिंग सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में 12 कोचिंग में फायर एनओसी नहीं थी शिवपुरी जिला प्रशासन ने मंगलवार को शहर के 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया। इनमें सुरक्षा इंतजाम और फायर एनओसी नहीं पाई गई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक संस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान भारत आईएएस, इंस्पायर एकेडमी, पाठशाला लाइब्रेरी, शिवानी कॉमर्स इंस्टीट्यूट, कॉन्सेप्ट बिल्डर्स क्लास, ब्लूमिंग बड्स, इंडक्टेंस कोड केयर और शिवपुरी एकेडमी क्लासेस सहित कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने कहा- कार्रवाई लखनऊ की घटना के मद्देनजर की गई। संबंधित संचालक फायर सेफ्टी के इंतजाम पूरे कर नियमानुसार इन्हें दोबारा खुलवा सकेंगे। ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 1:30 बजे एक इमारत में आग लग गई। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अलीगंज इलाके में है। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। पढ़ें पूरी खबर… हादसे से जुड़ी ये 3 खबरें भी पढ़िए- 22 तस्वीरों में लखनऊ अग्निकांड- पहली मंजिल से कूदा स्टूडेंट, ग्रिल पर गिरा, जलती दुकान से बिल्लियों को बचाया 'पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो': मां रोते हुए बोली- मेरे बच्चे को ढूंढ दो, फिर बेहोश हुई लखनऊ अग्निकांड- ऑटोमैटिक गेट ने ली 15 जानें, एक ही सीढ़ी से आने-जाने का रास्ता
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 12,000 लोगों ने योग किया:इंडियन कॉन्सुलेट में कई देशों के राजनयिक शामिल हुए
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में शनिवार को 12 हजार से ज्यादा लोगों ने योग किया। दुनिया के सबसे व्यस्त चौराहों में गिने जाने वाले इस जगह पर अलग-अलग देशों और समुदायों के लोग योग करने के लिए जुटे। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र रहे। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग गुरु के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ और लंबी उम्र के लिए योग’ है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार 12 हजार से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। प्रतिभागियों ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर योग करना एक अनोखा अनुभव है और इससे लोगों को शांति का एहसास होता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से दुनिया के कई देशों में हर साल बड़े पैमाने पर योग दिवस मनाया जाता है। न्यूयॉर्क में योग गुरु एचआर नागेंद्र का ध्यान सत्र अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित इंडियन कॉन्सुलेट में योग गुरु एच आर. नागेंन्द्र के नेतृत्व में विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। योग गुरु नागेंद्र ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं, लेकिन योग और विशेष प्राणायाम की मदद से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन विज्ञान है, जो केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन, प्राण, भक्ति और बुद्धि को भी समझने का रास्ता दिखाता है। कॉन्सुल जनरल बोले- अमेरिका में योग की लोकप्रियता बढ़ रही भारत के कॉन्सुल जनरल बिनय प्रधान ने कहा कि अमेरिका में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रमाण योग केंद्रों और कार्यक्रमों में बढ़ती भागीदारी है। उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और आज यह 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है। प्रेम भंडारी पिछले एक दशक से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं। 3 लोगों के साथ योग शुरू हुआ, 12 हजार तक पहुंचा टाइम्स स्क्वायर में योग कार्यक्रम की शुरुआत 21 जून 2003 को सिर्फ तीन लोगों के साथ हुई थी। बाद में यह आयोजन धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक योग आयोजनों में शामिल हो गया। आज यहां पूरे दिन सात मुफ्त योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर में योग करना एक जादुई अनुभव है, जहां अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के लोग एक साथ आकर सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि दुनिया के सबसे व्यस्त स्थानों में से एक पर योग करना यह महसूस कराता है कि भागदौड़ और शोर के बीच भी शांति और स्थिरता हासिल की जा सकती है। यह कार्यक्रम इंडियन कॉन्सुलेट और उत्तर अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (RANA) के सहयोग से हुआ। इसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, योग संस्थानों, आध्यात्मिक संगठनों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संयुक्त अरब अमीरात, सर्बिया, नेपाल, रोमानिया और मलेशिया के राजनयिकों समेत कई देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम योग और ध्यान के जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने में मदद करते हैं।
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