Lucknow Fire: लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी सख्त, LDA अधिकारी को किया तलब, अवैध निर्माणों और बुलडोजर एक्शन की मांगी पूरी रिपोर्ट
लखनऊ अग्निकांड के बाद अवैध बिल्डिंगों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से अवैध निर्माणों के खिलाफ हुए एक्शन की पूरी रिपोर्ट मांगी है, जानें और क्या कुछ आदेश दिए? पढ़ें पूरी खबर
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज, मां के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया मोड़ ले लिया है. मामले में मृतक की मां आशा देवी की शिकायत के आधार पर पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिक गई हैं. भोजपुर के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि आवेदन की जांच के बाद शाहपुर थाने में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. इसमें जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं.
मां ने लगाए गंभीर आरोप
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने अपने आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनका बेटा बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर लगातार प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रहा था. आशा देवी के अनुसार घटना वाले दिन बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान उनके घर पहुंचे थे.
पुलिस ने भरत तिवारी को अपने साथ चलने के लिए कहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और फेसबुक लाइव के दौरान अपने पास मौजूद हथियार भी फेंक दिया था. परिजनों का दावा है कि आत्मसमर्पण के बावजूद पुलिस ने उसे पकड़कर जमीन पर गिराया और बाद में गोली मार दी.
‘आदेश पर चलाई गई गोली’
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि गोलीबारी उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई. आशा देवी ने दावा किया है कि उनके बेटे को कई गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने आवेदन में कहा कि घटना के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और लंबे समय तक परिवार को सही जानकारी नहीं दी गई. बाद में शाम को सूचना दी गई कि भरत तिवारी की मौत हो चुकी है. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है.
पांच पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं निलंबित
इस मामले में प्रशासन पहले ही प्रारंभिक कार्रवाई कर चुका है. अब तक पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है. निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, पुलिस अवर निरीक्षक अंकित आर्यन, हरश्चंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी शामिल हैं.
पुलिस विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा.
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बढ़ी हलचल
भरत तिवारी एनकाउंटर पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है. परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है. आने वाले दिनों में प्रस्तावित महापंचायत और संभावित राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के कारण यह मामला और तूल पकड़ सकता है.
जांच पर टिकी सबकी नजर
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. वहीं पुलिस पक्ष का भी इंतजार किया जा रहा है, जो जांच के दौरान अपना पक्ष रखेगा.
फिलहाल भरत तिवारी एनकाउंटर केस बिहार की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो चुका है और इसकी जांच के नतीजों पर सबकी नजर बनी हुई है.
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