A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Attempt to read property "title" on null
Filename: front/post_detail.php
Line Number: 30
Backtrace:
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 30
Function: _error_handler
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once
" onclick="javascript:window.open(this.href, '', 'menubar=no,toolbar=no,resizable=yes,scrollbars=yes,height=300,width=600');return false;"
target="_blank" title="Share on Facebook" class="float-right">
A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Attempt to read property "description" on null
Filename: front/post_detail.php
Line Number: 45
Backtrace:
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 45
Function: _error_handler
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page
File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once
राम मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. वजह- राम मंदिर के चढ़ावा में हुई चोरी. मामले की जांच के लिए प्रशासन ने एसआईटी टीम का गठन किया था, जिसने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. ये रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है. उम्मीद है कि जल्द ही मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं. एसआईटी के सदस्य विजय विश्वास पंत का कहना है कि हमने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट की डिटेल्स पूरी तरह से गोपनीय हैं, ऐसे में हम अभी तक कुछ भी नहीं बता पाएंगे. जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है.
ऐसे में आइये जानते हैं, राम मंदिर के इतिहास के बारे में कि आखिर वेदों और पुराणों में अयोध्या के बारे में क्या कहा गया है? आज के एक्सप्लेनर में ये भी जानेंगे कि क्या सच में अयोध्या नगरी 3000 साल पुरानी है….
अष्टाचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या।
तस्यां हिरण्ययः कोशः स्वर्गों ज्योतिषावृतः ।।2.31।।
...ये अथर्ववेद के 10वें मंडल के दूसरे सूक्त का मंत्र है. अथर्ववेद में अयोध्या नगरी के बारे में जिक्र मिलता है. इस मंत्र का मतलब है- आठ चक्राकार महल और नौ द्वारों वाली अयोध्या देवों की पुरी है, उसमें प्रकाश वाला कोष है, जो आनन्द और प्रकाश से भरा है.
इस मंत्र से ये पता चलता है कि अथर्ववेद के काल में भी अयोध्या नगरी थी. खास बात है कि अथर्ववेद के इस मंत्र से ये साफ होता है कि अयोध्या उस वक्त सिर्फ बसी ही नहीं थी, बल्कि काफी ज्यादा सम्पन्न भी थी.
सप्तपुरियों में भी शामिल है अयोध्या नगरी
अथर्ववेद के अलावा, अयोध्या का जिक्र सप्तपुरियों में भी मिलता है. सप्तपुरियों का जिक्र हिंदू धर्म के विभिन्न प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में मिलता है. सप्तपुरी सात शहरों को कहा जाता है, जिन्हें मोक्षदायिनी कहा जाता है. इन सात शहरों की परिक्रमा या फिर दर्शन से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है.
राम मंदिर के चंदा विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को ये क्या हुआ? राममंदिर विवाद में CM योगी की जमकर की तारीफ, जानें क्या कहा
इन-इन ग्रंथों में सप्तपुरियों का जिक्र
सप्त पुरी का विस्तृत जिक्र और उनकी महिमा का वर्णन मुख्य रूप से गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण, पद्म पुराण और शिव पुराण में मिलता है. इसके अलावा, महाभारत जैसे प्राचीन महाकाव्यों और वेदों में भी इन नगरों की पवित्रता का विस्तार से बखान किया गया है.
अयोध्या मथुरा माया काशी कांची ह्य अवंतिका |
पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिका || [1]
...ये श्लोक गुरुण पुराण का है, जिसमें सप्तपुरियों के बारे में कहा गया है, सप्तपुरियों के नाम निम्नलिखित हैं….
- अयोध्या (उत्तर प्रदेश)
- मथुरा (उत्तर प्रदेश)
- माया यानी हरिद्वार (उत्तराखंड)
- काशी यानी वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
- कांची यानी कांचीपुरम (तमिलनाडु)
- अवंतिका यानी उज्जैन (मध्य प्रदेश)
- द्वारवती यानी द्वारका (गुजरात)
राम मंदिर के चंदा विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी, बड़े खुलासे संभव
इतिहासकारों का दावा- 3000 साल पुरानी, वैदिक जानकार ने कहा- ये गणना गलत
अब सवाल आता है कि आखिर अयोध्या नगरी कितनी पुरानी है. कोई 5 हजार साल पहले कहता है तो कोई 3 हजार साल पहले. वेदों-पुराणों, उपनिषदों और वाल्मिकि रामायण में अयोध्या का जिक्र मिलता है लेकिन इन ग्रंथों के आधार पर अयोध्या की असल उम्र की गणना करना असंभव मान पड़ता है. इतिहासकार ए.एल बाशम की मानें तो ऋगवेद में सरयू नदी का जिक्र मिलता है, जो करीब 3500 पुरानी है. वहीं, अयोध्या का जिक्र जिस अथर्ववेद में मिलता है, उसका संकलन करीब 3000 साल पहले हुआ था.
इस वजह से कुछ इतिहासकार तर्क देते हैं कि अयोध्या की उम्र अथर्ववेद के बराबर ही होगी. डॉ. याकोबी मैक्डोनाल्ड से लेकर मॉनियर विलियम्स जैसे इतिहासकारों का भी मानना है कि राम का जन्म आज से 2500 से 3000 वर्ष पहले हुआ था.
वैदिक गणना करने वाले विद्वान क्यों नहीं सहमत?
हालांकि, वेदों और पुराणों के हिसाब से गणना करने वाले इससे सहमत नहीं हैं. ऐसा माना जाता है कि वेदों का अस्तित्व उनके संकलन से बहुत पहले से है. ये श्रुति परंपरा से आगे बढ़ रहे थे. इन्हें लिखने के बजाए बोलकर अगली पीढ़ि को सिखाया जाता था. अथर्ववेद के संकलन के बहुत पहले से अयोध्या का जिक्र श्रुति परंपरा में था. इस हिसाब से अयोध्या का अस्तित्व भी 3000 से काफी पहले का था.
राम मंदिर के चंदा विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- 'सबूत SIT को सौंप दें...', राम मंदिर चंदा विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान, सपा-कांग्रेस पर लगाए ये आरोप
8.70 लाख साल पहले हुआ होगा भगवान राम का जन्म- विक्रम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति
मामले में उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति बी.के. शर्मा का कहना है कि भगवान राम का जन्म त्रेता युग की शुरुआत में हुआ था. हर युग के समय को जोड़ा जाए तो भगवान राम का जन्म आज से करीब 8.70 लाख साल पहले हुआ होगा.
कितने साल है चारों युग की उम्र
सतयुग- 17,28,000 वर्ष
त्रेतायुग- 12,96,000 वर्ष
द्वापरयुग- 8,64,000 वर्ष
कलियुग- 4,32,000 वर्ष
अब जानें चंदा विवाद से जुड़ी जानकारी
राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से सीएम योगी से निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी थी. जांच के लिए सीएम योगी ने शनिवार 13 जून को तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. सोमवार 15 जून से कमेटी मामले की जांच में जुट गई थी. 20 जून को जांच के शुरुआती चरण को पूरा करके कमेटी लखनऊ लौटी और आज यानी 23 जून को कमेटी ने एसीएस होम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार कार्रवाई कर सकेगी. कहा जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद चोरी का केस दर्ज हो सकता है. इसके साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राम मंदिर के चंदा विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- कौन हैं चंपत राय? जानें राम जन्मभूमि आंदोलन से राम मंदिर के निर्माण तक की भूमिका
Continue reading on the app