उत्तर प्रदेश में मछुआरों को मिलेगा 60 फीसदी तक अनुदान, ये है आवेदन की अंतिम तिथि
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रही है. योजनाओं के जरिए भी हर तबके को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. फिर चाहे वह महिलाएं हो या फिर युवा या फिर किसान. इसी कड़ी में योगी सरकार ने मछुआरा समुदाय की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निषादराज नाव सब्सिडी योजना को आगे बढ़ाया है. इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नई नाव खरीदने पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी.
क्या है सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने और नौकायन से जुड़े परिवारों की आय बढ़ाना और उनके रोजगार के साधनों को सशक्त बनाना है. फिरोजाबाद सहित प्रदेश के कई जिलों में इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. इच्छुक लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा, ताकि वे सरकारी सहायता का लाभ उठा सकें.
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, धीमर, कश्यप, मांझी, तुरहा, रायकवार, कहार और मछुआरा समुदाय की अन्य उपजातियों के लिए बनाई गई है. सरकार का लक्ष्य उन परिवारों तक सहायता पहुंचाना है, जिनकी आजीविका सीधे तौर पर जल संसाधनों और मत्स्याखेट पर निर्भर है.
योजना के तहत ग्राम सभा के तालाबों या जलाशयों के पट्टाधारकों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे वे आधुनिक संसाधनों के साथ अपना व्यवसाय बढ़ा सकें.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
निषादराज नाव सब्सिडी योजना के तहत नाव खरीदने पर अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग अनुदान निर्धारित किया गया है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को नाव की लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जबकि सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र लाभार्थियों को 40 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
सरकार का मानना है कि इससे मछुआरों को नई नाव खरीदने में आर्थिक मदद मिलेगी और वे अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और संबंधित व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं. कई मामलों में मत्स्य विभाग से संबंधित पंजीकरण या पट्टे से जुड़े दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य होगा.
सरकार की क्या है मंशा?
प्रदेश सरकार का कहना है कि यह योजना केवल नाव खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मछुआरा समुदाय की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. योजना के जरिए पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इससे मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
28 जून तक आवेदन का मौका
सरकार ने पात्र लाभार्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है. आवेदन की अंतिम तिथि 28 जून निर्धारित की गई है. ऐसे में जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए. योजना के माध्यम से हजारों मछुआरा परिवारों को नई उम्मीद और आर्थिक संबल मिलने की संभावना है.
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भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए आयरलैंड टीम का ऐलान, लोर्कन टकर बने नए कप्तान, देखें पूरा स्क्वॉड
आयरलैंड क्रिकेट ने आगामी भारत दौरे के लिए अपने टी20 दल का विधिवत ऐलान कर दिया है, जिसमें एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 29 वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी लोर्कन टकर को टीम की कमान सौंपी गई है। भारतीय क्रिकेट टीम इसी महीने के अंत में दो मैचों की टी20 श्रृंखला के लिए आयरलैंड का दौरा करेगी, जिसके लिए दोनों देशों की तैयारियां चरम पर हैं। इस घोषणा के साथ, आयरलैंड ने अपने नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू किया है, जो पूर्व कप्तान पॉल स्टर्लिंग के लंबे कार्यकाल के बाद एक बड़ा बदलाव है। भारतीय दल की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जिससे अब दोनों टीमें मैदान पर एक-दूसरे का सामना करने के लिए तैयार हैं।
कप्तान बनने के उपरांत, लोर्कन टकर ने भारत के विरुद्ध होने वाले मुकाबलों को लेकर अपनी उत्सुकता और रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि टी20 प्रारूप में भारतीय दल विश्व की सबसे सशक्त और प्रभावशाली टीमों में से एक है। टकर ने इसे अपनी टीम के लिए एक अनुपम अवसर बताया, ‘यह हमारी खुशकिस्मती है कि हमें अपने नए सफर की शुरुआत में ही इतनी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने और स्वयं को परखने का मौका मिल रहा है।’ उन्होंने आगे कहा कि आयरलैंड की टीम के लिए भारत से बड़ी चुनौती कोई और नहीं हो सकती। आईपीएल के ठीक बाद आ रहे भारतीय खिलाड़ी निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक होंगे। हालांकि, लोर्कन टकर ने आत्मविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी टीम भारतीय खिलाड़ियों की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए कुछ बड़े उलटफेर करने में सफल रहेगी और यह साबित करेगी कि आयरलैंड का दल भी इस विश्वस्तरीय मंच पर अपनी छाप छोड़ने के इरादे से आया है।
भारत सीरीज से पहले आयरलैंड को बड़ा झटका, छह प्रमुख खिलाड़ी चोटिल
इस महत्वपूर्ण टी20 श्रृंखला से पहले, आयरलैंड को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके छह प्रमुख खिलाड़ी चोटिल होने के कारण दल से बाहर हो गए हैं। टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में से एक पॉल स्टर्लिंग पैर की मांसपेशियों में खिंचाव (calf strain) के कारण अनुपलब्ध रहेंगे। वहीं, इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के लिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके तेज गेंदबाज जोश लिटिल स्ट्रेस फ्रैक्चर से जूझ रहे हैं, जिसके चलते वह भी इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों के अलावा, मार्क अडायर, कर्टिस कैंपर (हाथ में फ्रैक्चर), बैरी मैकार्थी (घुटने की चोट) और जॉर्डन नील (कंधे और पैर की चोट) भी विभिन्न चोटों के कारण इस टी20 श्रृंखला में भाग लेने में असमर्थ हैं। इन खिलाड़ियों की अनुपस्थिति निश्चित रूप से आयरलैंड के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करेगी, विशेषकर तब जब वे विश्व की शीर्ष टीमों में से एक भारत का सामना कर रहे हैं।
भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए आयरलैंड की टीम
लॉर्कन टकर (कप्तान), रॉस अडायर, बेन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहेनी, मैथ्यू हम्फ्रीज़, गैविन होए, मैथ्यू हॉलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंद्रा, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर, रूबेन विल्सन।
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