भोपाल पुलिस ने एक ऐसी गैंग के आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अय्याशी के लिए लूट और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देते थे, पकड़े गए आरोपी महंगी स्पोर्ट्स बाइक से घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस की थाना अयोध्यानगर, जोन -2 पुलिस ने 04 बदमाशों को गिरफ्तार किया है, पुलिस ने आरोपियों से 22 मोबाइल, 04 स्पोर्ट बाईक जब्त की है। बरामद माल की कीमत करीबन 15 लाख है।
स्पोर्ट बाइक से करते थे आरोपी मोबाइल लूट, झपटमारी
आरोपियों से पुलिस ने शहर के विभिन्न जगहों से छीने कुल 22 मोबाइल बरामद किए है। आरोपी रास्ते में हाथ में मोबाइल लेकर चलने वालो को टारगेट करते थे, आरोपी पैसा कमाने और मंहगे शौक पूरा करने के लिये घटना को अंजाम देते थे। आरोपियों पर पहले भी चोरी, मारपीट, आर्म्स एक्ट इत्यादि के आपराधिक रिकार्ड दर्ज है। आरोपियों से अब तक अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की कुल 12 घटनाओं का खुलासा हुआ है।
लगातार बढ़ रही थी घटनाएं
दरअसल शहर में पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ रही मोबाईल लूट की घटनाओं की शिकायतें पुलिस को मिल रही थे। इसी दौरान फरियादी निखिल ओझा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, वह नरेला जोड़ से पैदल अंहिसा विहार कालोनी अपने दोस्त से मिलने जा रहे थे, कि नरेला जोड के पास एक मो.सा. केटीएम ड्युक औरेंज एवं व्हाईट रंग पर सवार दो लडके आये और पीछे बैठे लडके ने मोबाईल छीनने के लिये झपटा मारा परंतु फरियादी ने फोन नही छोड़ा तो दूसरे लड़के ने छुरी अड़ाकर मोबाईल फोन लूट कर भाग गये। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने टीम बनाई और फिर संदिग्धो को चिन्हित दिया और फिर दबिश देकर 04 आरोपी साहिल, फैजान, समीर तथा तालिब को दबोचा, मौके पर आरोपी साहिल के पास से छुरी तथा घटना में लूटे गये वीवो मोबाइल सहित कुल 22 मोबाइल फोन तथा घटना में उपयोग की गई केटीएम औऱ एनएस स्पोर्ट बाइक तथा चोरी की आरवन-5, होंडा साईन सहित 04 मो.सा. बरामद करने में सफलता अर्जित की है।
कई घटनाओं का खुलासा
आरोपियों को गिरफ्तार कर औऱ भी घटना के बारे में पुछताछ की गई जिसमें आरोपियों ने एक वर्ष पहले सबदर इरानी (फरार मास्टरमाईंड) के द्वारा मोबाइल लुटने की योजना बनाकर आरोपियों साहिल, फैजान, समीर, तालिब तथा शाहरुख (फरार) के साथ मोबाईल लूटने वाली टीम बनाई, जिसमें स्पोर्ट बाईक से शहर के विभिन्न क्षेत्र में शाम 7 बजे से 10 बजे के दौरान राहगीरो से जो मोबाइल फोन हाथ में लेकर चल रहे है, उनसे झपटकर तथा जिनसे मोबाइल नहीं छिन पाने पर पास रखी छुरी अडाकर मोबाइल लूट की घटना को अंजाम देना बताया, आरोपियों के पास दो स्पोर्ट बाइक से साथ निकलते थे, आगे वाली बाइक से मोबाइल छिनते थे, पीछे वाली बाइक में आरोपी कभी दो लोग कभी तीन लोग बेकअप के लिये चलते थे, लूटे या छिने गये मोबाइल 2-3 दिन में या जब 10-12 मोबाइल हो जाते थे तब इरानी डेरा अमन कालोनी जाकर मुख्य सरगना सबदर अली ईरानी को देते थे, सबदर ईरानी मोबाइल लेकर दूसरे या तीसरे दिन पैसो का हिसाब करता था प्रत्येक मोबाइल 3 या 4 हजार का होता था जिसमें सबदर 1 हजार प्रति मोबाइल रखकर बाकि साहिल, फैजान, समीर, तालिब और शाहरुख को देता था, पेमेंट कभी नगदी कभी फैजान के फोन पे पर डालता था , जिसे फैजान बाकि साथियों को नगदी निकालकर बांट देता था, आरोपीगणो ने घटना के लिये स्पोर्ट बाईक केटीएम फायनेंस की थी, एक बाईक आरवन-5 तथा होंडा साईन चोरी की थी, घटना को अंजाम देने के लिये बाईक की नंबर प्लेट निकालकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। प्रकरण में गैग के सरगना सबदर ईरानी तथा अन्य आरोपी शाहरुख फरार हो गये है, जिनकी तलाश पतारसी हेतु थाना अयोध्य़ानगर, पिपलानी तथा निशातपुरा के लगभग 30 लोगो की पुलिस टीम ने दबिश दी गयी है।
पुलिस ने किया माल बरामद माल
वीवो कंपनी का एक मोबाइल, आईफोन 17 प्रो मेक्स तथा सेमसंग, रेडमी, रियलमी, ओप्पो, मोटोरोला, इंटेल कंपनी के मोबाइल सहित कुल 22 मोबाइल तथा 04 मोटर सायकिल ( 1 केटीएम, 1 पल्सर 200 एनएस, 1 आरवन-5, 1 होंडा साइन) सहित कुल कीमती लगभग 11,लाख रुपये।
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अयोध्या में नव निर्मित भव्य राम मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था और दान की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इसी बीच मंदिर के चढ़ावे और दान-पुण्य में कथित तौर पर हुई अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस समय मामले में अर्जेंट हियरिंग की कोई आवश्यकता नहीं है।
याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने कोर्ट से यह अपील की थी कि राम मंदिर में आए नकद दान, बहुमूल्य सोना-चांदी और अन्य चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपनी याचिका में विशेष रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी थी। इसके साथ ही, याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने कोर्ट मॉनिटरिंग में एक समयबद्ध जांच प्रक्रिया और राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा दान कोष के प्रबंधन का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी अपील की थी। उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से इस मामले की ऑडिट कराने का अनुरोध किया ताकि मंदिर ट्रस्ट द्वारा दान कोष के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
अर्जेंट हियरिंग की मांग को अदालत ने स्वीकार करने से किया इनकार
जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की वेकेशन बेंच ने मोहित अशोक की इस याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने मौखिक रूप से यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि अदालत में पहले से ही बड़ी संख्या में अन्य मामले लंबित हैं। बेंच ने आगे यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले का संज्ञान ले लिया है और इसकी जांच चल रही है; लिहाजा, इस चरण पर तत्काल सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ता की अर्जेंट हियरिंग की मांग को स्वीकार नहीं किया।
राम मंदिर दान विवाद की जांच लगभग पूरी, SIT ने तैयार की शुरुआती रिपोर्ट
राम मंदिर में दान चोरी के इन आरोपों की जांच के लिए शासन द्वारा पहले ही एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इस SIT ने अपनी जांच प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और अपनी शुरुआती रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। उम्मीद थी कि SIT अपनी यह रिपोर्ट सोमवार को सरकार को सौंप सकती है। हालांकि, लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद की स्थितियों को देखते हुए, फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है। माना जा रहा है कि SIT द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली इसी रिपोर्ट के आधार पर इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई होगी और दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
उधर, SIT टीम बीते रविवार को भी पूरी सक्रियता के साथ काम करती रही। टीम ने अपनी रिपोर्ट को और दुरुस्त करने और उसमें शामिल बयानों को पुख्ता करने के लिए संबंधित लोगों को एक बार फिर से बुलाया। उनके बयान दोबारा दर्ज किए गए ताकि रिपोर्ट में कोई कमी न रह जाए और वह पूरी तरह से सटीक व तथ्यात्मक हो। टीम का प्रयास है कि रिपोर्ट में सभी पहलुओं को ठीक से शामिल किया जाए और जांच में कोई भी चूक न हो। राम मंदिर चढ़ावे से जुड़ी इन कथित अनियमितताओं का मामला अब SIT की अंतिम रिपोर्ट और सरकार के आगामी फैसले पर टिका है।
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