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राहुल गांधी बोले हमें अमित शाह का भाषण नहीं सुनना, जवाब चाहिए किसने विद्यार्थियों पर गोली चलाने का आदेश दिया

संसद का मानसून सत्र ख़त्म होने वाला है 20 जुलाई 2026 से शुरू हुआ ये सत्र कल 13 अगस्त को समाप्त हो जायेगा लेकिन पूरा सत्र शोर शराबे और विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया, केवल एंटी पेपर लीक बिल चर्चा के बाद पास हुआ जबकि अधिकांश बिल बिना चर्चा के पास हो गए, विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा है कि दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर गोलियां किसने चलाई इसका जवाब गृह मंत्री दें, विपक्ष उनका इस्तीफा भी मांग रहा है लेकिन अमित शाह सदन में नहीं आ रहे, आज फिर सदन में गतिरोध हुआ, राहुल गांधी ने कहा हमें जवाब चाहिए किसने गोली चलाने का आदेश दिया ?

संसद में आज फिर विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहा, राम मंदिर दान चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ लामबंद होकर विपक्ष मानसून सत्र में सरकार पर हमलावर है, 20 जुलाई को सत्र शुरू हुआ और उसी दिन संसद घेराव के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े, पैलेट गन चलाई, राहुल गांधी प्रियंका गांधी मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पूरा विपक्ष इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार बता रहा है और उनका जवाब और इस्तीफा मांग रहा है।

उधर अखिलेश यादव, डिंपल यादव राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं वो भी इसपर प्रधानमंत्री से जवाब मांग रहे हैं , खास बात ये है कि सभी विपक्षी दल दोनों मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार से सवाल कर रहे हैं, इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी थी, FCRA जैसा महत्वपूर्ण बिल भी इसमें शामिल था लेकिन पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया, विपक्ष का साफ़ कहना है कि विद्यार्थियों के साथ बर्बरता और राम मंदिर दान चोरी से बड़ा कोई मुद्दा इस समय नहीं है सरकार को जवाब देना होगा।

संसद के दोनों सदनों में आज भी बना रहा गतिरोध 

हालाँकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि सरकार दोनों मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी कई बार आसंदी से कहा कि शोर शराबे में समय ख़राब न करें चर्चा करें लेकिन राहुल गांधी सहित कांग्रेस के दो टूक कहा है जब तक अमित शाह जवाब नहीं देते और पीएम मोदी माफ़ी नही मांगते सदन नहीं चलें देंगे, आज भी ऐसा ही हुआ आज भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में विपक्ष ने गतिरोध बनाये रखा जिसके चलते कार्यवाही स्थगित हो गई।

राहुल गांधी बोले गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना होगा 

मीडिया ने जब राहुल गांधी से सवाल किया कि सरकार का कहना है वो जवाब देने के लिए तैयार है तो फिर सदन क्यों नहीं चल रहा क्यों ? राहुल बोले हमें अमित शाह का भाषण सुनने में कोई इंटरेस्ट नहीं है, हम जवाब चाहते हैं छात्रों पर गोलियाँ किसने चलाई, किसने आदेश दिया, किसने लाठीचार्ज, पैलेट गन चलाने का आदेश दिया क्योंकि दिल्ली पुलिस, आरएएफ सब गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं यदि अमित शाह ने आदेश दिया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा और यदि उन्हें नहीं मालूम किसने आदेश दिया तो भी उन्हें इस्तीफा देना होगा।

अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उससे हवा निकल चुकी है

राहुल गांधी ने कहा अमित शाह में संसद आने की हिम्मत ही नहीं है। वो 20 दिनों से गायब हैं। अपने चैंबर में बैठे रहते हैं, लेकिन सदन में नहीं आते। उनके काफिले में करीब 30 गाड़ियां चलती हैं, घर के आगे हजारों पुलिस वाले खड़े रहते हैं कि कोई बच्चा न आ जाए। सच ये है कि अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उससे हवा निकल चुकी है। अब जबरन उसमें हवा भरने की कोशिश की जा रही है।

सवाल पूछने पर मीडिया पर भड़के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 

सवाल जवाब के दौरान राहुल गांधी उस समय मीडिया पर भड़क गए जब एक पत्रकार ने अमित शाह का नाम लेकर  एक सवाल पूछना चाहा, राहुल बोले आप मुझे  टोक कर रहे हैं क्या आप उन्हें कभी टोकते हैं? हमें 24 घंटे टोकते हैं मगर उन्हें कभी नहीं, उनमें क्या स्पेशल है जो पूरा मीडिया चुप हो कर चूहे जैसा खड़ा हो जाता है, उन्होंने कहा जब पूरे देश के स्टूडेंट्स नहीं डर रहे तो मीडिया को भी उनसे नहीं डरना चाहिए, राहुल गांधी की तरह प्रियंका गांधी भी आज मीडिया पर भड़क गई एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा जब सरकार छात्रों पर लाठी चलवाती हो, पेलेट गन और बिहार में AK-47 चलवाती हो, क्या इसके लिए सरकार जवाबदेह नहीं है? क्या मीडिया की तरह हम भी चुप बैठ जाएं।

 

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India Bhutan China Tri-Junction पर भारत की नई रणनीति ने किया हैरान, Doklam तक पहुँचेगी रेल, चीन के छूटे पसीने

भारत ने चीन से सटी अपनी सबसे संवेदनशील सीमाओं में से एक पर सामरिक बढ़त हासिल करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने उत्तर बंगाल में खुनिया मोड़ (चालसा) से जलढाका तक 17 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को मंजूरी दी है, जिस पर करीब 272 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहली नजर में यह परियोजना उत्तर बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय संपर्क बढ़ाने की पहल लग सकती है, लेकिन इसके पीछे कहीं अधिक गहरे सामरिक और रणनीतिक निहितार्थ छिपे हैं। यह रेलवे लाइन भारत-चीन-भूटान त्रि-जंक्शन के करीब स्थित उस इलाके तक पहुंच मजबूत करेगी, जो डोकलाम विवाद के कारण वर्षों से राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र बना हुआ है।

रेल मंत्रालय से स्वीकृत इस परियोजना के तहत प्रस्तावित रेलवे लाइन चालसा के निकट खुनिया मोड़ से शुरू होकर जलपाईगुड़ी और कालिम्पोंग के वन क्षेत्रों से गुजरते हुए जलढाका तक पहुंचेगी। रेलवे और पश्चिम बंगाल वन विभाग मानसून के बाद इस परियोजना का संयुक्त सर्वेक्षण शुरू करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों तक बेहतर पहुंच, पर्यटन को बढ़ावा देना तथा सामरिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

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दरअसल, जलढाका नदी का महत्व केवल भौगोलिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है। यह नदी सिक्किम के कुपुप (बितांग) झील से निकलती है, जो जेलेप ला दर्रे के निकट और डोकलाम त्रि-जंक्शन के बेहद करीब स्थित है। यही कारण है कि नदी के समानांतर रेलवे लाइन विकसित करने की योजना को मात्र एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों में भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

इस परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारतीय रेलवे पहले से ही चालसा से सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर लगभग 200 किलोमीटर लंबी एक रणनीतिक रेलवे लाइन की संभावनाओं पर काम कर रहा है। नई 17 किलोमीटर की लाइन उसी व्यापक रणनीतिक दृष्टि का पहला महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। यदि भविष्य में यह नेटवर्क आगे बढ़ता है तो भारत की सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार की आवाजाही सीमा के बेहद करीब तक पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी हो सकेगी।

देखा जाये तो डोकलाम का सामरिक महत्व किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वर्ष 2017 में यहीं 73 दिनों तक भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने खड़ी रहीं थीं। चीन भूटान के दावे वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण कर रहा था, जिसे रोकने के लिए भारतीय सेना ने हस्तक्षेप किया था। भारत और भूटान के बीच सुरक्षा सहयोग के तहत नई दिल्ली ने स्पष्ट किया था कि डोकलाम में यथास्थिति बदलने की किसी भी कोशिश का असर भारत की सुरक्षा, विशेषकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर पड़ेगा। अंततः चीन को पीछे हटना पड़ा, लेकिन उसके बाद से उपग्रह तस्वीरों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में यह सामने आता रहा है कि चीन ने डोकलाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में सड़कें, सैन्य ढांचे, गांव और अन्य आधारभूत संरचनाएं लगातार विकसित की हैं।

ऐसे समय में भारत द्वारा सीमा के समीप रेलवे अवसंरचना का विस्तार स्पष्ट संकेत देता है कि नई दिल्ली अब केवल सैन्य तैनाती के भरोसे नहीं, बल्कि मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क के जरिए भी सामरिक संतुलन स्थापित करना चाहती है। किसी भी संभावित संकट की स्थिति में सैनिकों, हथियारों, रसद और राहत सामग्री को तेजी से सीमा तक पहुंचाने में रेलवे की भूमिका सड़क मार्ग की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी होती है। यही कारण है कि आधुनिक युद्ध और सीमा सुरक्षा में रेलवे को रणनीतिक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।

साथ ही इस परियोजना को सिक्किम में निर्माणाधीन शिवोक-रंगपो रेलवे लाइन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना भविष्य में इस लाइन को नाथू ला दर्रे तक विस्तारित करने की है। यदि ऐसा होता है तो उत्तर-पूर्व और पूर्वी हिमालयी सीमाओं पर चीन के सामने भारत का यह दूसरा बड़ा रणनीतिक रेल कॉरिडोर होगा। इससे भारत की पूर्वी सीमा पर सैन्य तैयारियों और आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।

बहरहाल, यह स्पष्ट है कि जलढाका रेलवे परियोजना सिर्फ 17 किलोमीटर की रेल लाइन नहीं है। यह उत्तर बंगाल में विकास, पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम तो बनेगी ही, साथ ही चीन की लगातार बढ़ती सीमा अवसंरचना के जवाब में भारत की बदलती रणनीतिक सोच का भी सशक्त प्रतीक साबित होगी। संदेश स्पष्ट है कि भारत अब सीमा पर केवल निगरानी नहीं, बल्कि मजबूत बुनियादी ढांचे के जरिए दीर्घकालिक सामरिक बढ़त सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।

-नीरज कुमार दुबे

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WTC: बांग्लादेश की जीत से भारतीय टीम को झटका, WTC पॉइंट्स टेबल में 5वें स्थान पर खिकसी

WTC Points Table: बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराकर इतिहास रच दिया. टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के घर में ये पहली जीत है. इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स टेबल में बड़ी छलांग लगाई है. वहीं, बांग्लादेश की इस जीत से टीम इंडिया अब टेबल में 5वें स्थान पर आ गई है. Sun, 16 Aug 2026 11:31:14 +0530

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