Responsive Scrollable Menu

Traffic Signal Driving Tips: रेड सिग्नल पर कार को न्यूट्रल में डालते हैं? यह आदत जेब पर पड़ सकती है भारी

शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और लंबी सिग्नल टाइमिंग के बीच रोजाना ड्राइव करने वाले लोगों के लिए रेड लाइट पर रुकना आम बात है। इस दौरान अधिकांश ड्राइवर अपनी कार को न्यूट्रल (N) गियर में डाल देते हैं। कई लोगों का मानना है कि ऐसा करने से इंजन पर दबाव कम पड़ता है और ईंधन की भी बचत होती है। लेकिन आधुनिक कारों की तकनीक के दौर में यह सोच पूरी तरह सही नहीं मानी जाती।

बदल गई है कारों की तकनीक

आज की कारें पहले की तुलना में कहीं ज्यादा स्मार्ट और एडवांस हो चुकी हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU), एडवांस्ड फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और ऑटो स्टार्ट-स्टॉप जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं। ये सिस्टम कार के खड़े रहने पर खुद ही ईंधन की खपत को नियंत्रित कर लेते हैं।

ऐसे में केवल कुछ सेकंड के लिए न्यूट्रल गियर लगाने से कोई खास फायदा नहीं मिलता। उल्टा, बार-बार गियर बदलने की आदत कई बार अनावश्यक मैकेनिकल दबाव पैदा कर सकती है।

इसे भी पढ़ें: E20 Fuel से Maruti Suzuki की Grand Vitara Strong Hybrid हो गयी खराब, मारुति और डीलर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग ने अपनाया सख्त रुख

ऑटोमैटिक कारों में ज्यादा सावधानी जरूरी

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में ऑटोमैटिक कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। ट्रैफिक में आसान ड्राइविंग और बेहतर सुविधा के कारण लोग ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

हालांकि, ऑटोमैटिक कार चलाने वाले ड्राइवरों को रेड सिग्नल पर एक खास बात का ध्यान रखना चाहिए। यदि आप हर छोटे सिग्नल पर गाड़ी को ड्राइव (D) से न्यूट्रल (N) में शिफ्ट करते हैं, तो ट्रांसमिशन सिस्टम को बार-बार री-एंगेज होना पड़ता है। इससे गियरबॉक्स के अंदर मौजूद क्लच और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

लंबे समय तक ऐसा करते रहने से कुछ पार्ट्स की घिसावट बढ़ सकती है और भविष्य में रिपेयरिंग का खर्च भी बढ़ सकता है।

क्या सच में बचता है फ्यूल?

कई ड्राइवर्स सालों से इस धारणा के साथ गाड़ी चलाते आ रहे हैं कि न्यूट्रल में गाड़ी रखने से ईंधन की बचत होती है। लेकिन नई पीढ़ी की कारों में यह फायदा लगभग न के बराबर है।

दरअसल, जब कार ड्राइव मोड में खड़ी रहती है, तब भी इंजन मैनेजमेंट सिस्टम जरूरत के अनुसार ईंधन की आपूर्ति को कम कर देता है। यही कारण है कि 15 से 20 सेकंड के छोटे सिग्नल पर न्यूट्रल में शिफ्ट करने से कोई बड़ी फ्यूल सेविंग नहीं होती।

अगर सिग्नल बहुत लंबा है और कार में ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फीचर मौजूद है, तो सिस्टम खुद ही इंजन को अस्थायी रूप से बंद कर देता है, जिससे अतिरिक्त ईंधन बचाया जा सकता है।

सड़क सुरक्षा से भी जुड़ा है मामला

रेड सिग्नल पर न्यूट्रल गियर का इस्तेमाल केवल गियरबॉक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध सड़क सुरक्षा से भी है।

मान लीजिए कि आपकी कार सिग्नल पर खड़ी है और अचानक पीछे से कोई तेज रफ्तार वाहन आपकी ओर आता दिखाई देता है। ऐसी स्थिति में अगर कार पहले से ड्राइव मोड में है, तो आप तुरंत एक्सीलेटर दबाकर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

लेकिन यदि कार न्यूट्रल में है, तो पहले आपको दोबारा ड्राइव मोड में जाना पड़ेगा। इस प्रक्रिया में कुछ सेकंड का अतिरिक्त समय लग सकता है, जो आपात स्थिति में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

ट्रैफिक सिग्नल पर क्या करें?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सिग्नल का समय 15 से 30 सेकंड के बीच है, तो ऑटोमैटिक कार को ड्राइव मोड में रखते हुए ब्रेक दबाकर रोकना ज्यादा व्यावहारिक माना जाता है। वहीं, बहुत लंबे सिग्नल या रेलवे क्रॉसिंग जैसी परिस्थितियों में निर्माता के निर्देशों के अनुसार न्यूट्रल या पार्किंग मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

छोटी-छोटी ड्राइविंग आदतें न केवल आपकी कार की उम्र बढ़ाती हैं, बल्कि सुरक्षा और रखरखाव की लागत पर भी सकारात्मक असर डालती हैं। इसलिए अगली बार रेड सिग्नल पर रुकें, तो केवल आदत के कारण न्यूट्रल गियर लगाने से पहले एक बार जरूर सोचें।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

Continue reading on the app

Renault Duster Adventure Edition भारत में लॉन्च, ₹12.99 लाख में पाएं दमदार SUV

रेनो इंडिया ने मंगलवार को भारतीय बाज़ार में अपनी मशहूर SUV, डस्टर का स्पेशल एडिशन 'डस्टर एडवेंचर एडिशन' लॉन्च किया। इसकी शुरुआती कीमत ₹12.99 लाख (एक्स-शोरूम) है और इसे गाड़ी की भारतीय बाज़ार में बनी पहचान का जश्न मनाने के लिए पेश किया गया है। इस स्पेशल एडिशन को बैस्टिल डे के मौके पर भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू और रेनो ग्रुप इंडिया के CEO स्टीफन डेबलेस ने पेश किया। इसके ज़रिए ब्रांड की फ्रांसीसी विरासत और भारतीय ग्राहकों के बीच डस्टर की लगातार बनी हुई लोकप्रियता को उजागर किया गया।
 

इसे भी पढ़ें: Volkswagen CEO का अल्टीमेटम: लागत कम नहीं हुई तो जाएगी 50,000 Jobs, यूनियन के विरोध के बीच कंपनी का Mega Plan


डस्टर एडवेंचर एडिशन, SUV का एक खास कॉस्मेटिक एडिशन है जो इस मॉडल की ऑफ-रोड विरासत का जश्न मनाता है। इसमें खास एडवेंचर-थीम वाले डिकल्स दिए गए हैं, जिन पर टोपोग्राफिकल कंटूर लाइन्स और भारत की सबसे लोकप्रिय ड्राइविंग डेस्टिनेशन में से एक, लेह के भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स बने हैं। इस SUV में एडवेंचर-स्पेसिफिक सजावट और प्रीमियम फ्लोर मैट्स भी मिलते हैं। 

रेनो एडवेंचर एडिशन को इन तीन वेरिएंट्स में पेश कर रही है।


- एडवेंचर टर्बो TCe 100 पेट्रोल (100PS और 160Nm) MT - ₹12.99 लाख
- एडवेंचर टर्बो TCe 160 पेट्रोल (163PS और 280Nm) MT - ₹13.99 लाख
- एडवेंचर टर्बो TCe 160 पेट्रोल (163PS और 280Nm) DCT - ₹15.39 लाख
सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

एडवेंचर-थीम वाले कॉस्मेटिक बदलावों के अलावा, इस SUV में कई प्रीमियम फ़ीचर्स भी मिलते हैं, जैसे:

- फुल LED हेडलैम्प्स
- इलेक्ट्रिक पैनोरमिक सनरूफ
- पावर्ड टेलगेट
- डुअल-ज़ोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल
- 10.1-इंच OpenR Link इंफोटेनमेंट सिस्टम
- My Renault ऐप के ज़रिए कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी
- 17-इंच अलॉय व्हील्स

रेनॉल्ट के अनुसार, यह स्पेशल एडिशन भारत में डस्टर की विरासत और मुश्किल रास्तों व लंबी दूरी की यात्राओं को आसानी से तय करने की उसकी ख्याति को सम्मान देता है। लेह के कोऑर्डिनेट्स (स्थान की जानकारी) वाले 'एडवेंचर' डिकल्स का मकसद इस SUV के रोड ट्रिप और एडवेंचर ड्राइविंग से जुड़े होने का जश्न मनाना है। जानकारी के लिए बता दें कि रेनॉल्ट डस्टर रेंज में 4X4 का ऑप्शन नहीं है। डस्टर एडवेंचर एडिशन को बैस्टिल डे के मौके पर भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू और रेनॉल्ट ग्रुप इंडिया के CEO स्टीफन डेबलेस की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। इसके ज़रिए भारतीय बाज़ार में कंपनी के सबसे मशहूर मॉडल्स में से एक के साथ-साथ इस फ्रांसीसी कार निर्माता की विरासत को भी दिखाया गया।

Continue reading on the app

  Sports

मैदान पर Shubman Gill का जादू! हवा में लपका अविश्वसनीय CATCH, Sri Lanka हुआ हैरान

श्रीलंका के खिलाफ़ चल रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने पहले दो दिनों जैसा ही शानदार खेल तीसरे दिन भी जारी रखा। लगातार दो दिन तक बल्लेबाज़ी करने के बाद, तीसरे दिन भारतीय टीम ने गेंदबाज़ी की और तुरंत श्रीलंका पर दबाव बना दिया। मानव सुतार, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे गेंदबाज़ों ने विकेट लिए और भारत ने दिन के पहले सेशन में अपना दबदबा बनाए रखा; लंच तक टीम ने पांच विकेट चटका लिए थे।
 

इसे भी पढ़ें: KL Rahul ने Devdutt Padikkal के शतक पर जताई खुशी, कहा - भारत का सुनहरा भविष्य हैं पडिक्कल


हालांकि, पहले सेशन में भारतीय कप्तान शुभमन गिल के शानदार खेल ने सबका ध्यान खींचा। कामिंदु मेंडिस स्ट्राइक पर थे और इस स्टार बल्लेबाज़ ने ऑफ़-साइड पर ड्राइव करने की कोशिश की। लेकिन, उसी इलाके में तैनात शुभमन गिल ने एक हाथ से शानदार कैच लपककर मेंडिस को पवेलियन वापस भेज दिया। इस पल का क्लिप सोशल मीडिया पर छा गया है, क्योंकि तीसरे दिन के पहले सेशन में गिल की शानदार फील्डिंग देखकर फैंस और एक्सपर्ट्स, दोनों ही हैरान रह गए।

मैच की बात करें तो, तीसरे दिन का पहला सेशन श्रीलंका के लिए बहुत खराब रहा। पहली पारी में भारत को 462 रनों पर रोकने के बाद श्रीलंकाई टीम बल्लेबाजी करने उतरी। भारत की गेंदबाजी ने मेजबान टीम पर तुरंत दबाव बना दिया। निशान मदुष्का फर्नांडो बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि लाहिरू उदारा इगालागामेज ने 27 रन बनाए। इसके अलावा, दिनेश चांदीमल और कामिंदु मेंडिस ने क्रमशः 4 और 14 रन बनाए, जिससे पहले सेशन के आखिर तक श्रीलंका का स्कोर 99/5 हो गया।
 

इसे भी पढ़ें: Navneet Kaur Hockey World Cup जीतना चाहती हैं, महिला क्रिकेट टीम से मिली प्रेरणा


हालांकि, दिन का दूसरा सेशन टीम के लिए काफी अच्छा रहा। सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की जोड़ी ने एक मजबूत साझेदारी की और भारतीय टीम पर वापस दबाव बना दिया। 51वें ओवर तक श्रीलंका का स्कोर 186/5 हो गया था; सोनल और डिकवेला दोनों ने अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी कर ली थीं और खराब पहले सेशन के बाद टीम की वापसी कराई थी।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.  
Mon, 17 Aug 2026 14:38:06 +0530

  Videos
See all

Ujjain Stampede: उज्जैन मंदिर में भगदड़ के बाद भयंकर अफरातफरी | Mahakal Temple | Injured #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T09:15:06+00:00

Arvind Kejriwal: दिमागी नक्सल होने पर मुझे गर्व है | #viral #viralvideo #shortvideo #aamaadmiparty #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-17T09:14:33+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers