Explainer: क्रिकेट में कितने तरीके से बल्लेबाज हो सकता है रन आउट? फैंस को भी नहीं होगी इस बारे में जानकारी
How many ways can a Batsman be Run-Out: क्रिकेट अपने नियमों के हिसाब से खेला जाता है. इस खेल को खेलने के लिए कई नियम बनाए गए हैं, जिसमें खिलाड़ियों के आउट होने के भी नियम शामिल हैं. एक बल्लेबाज कई अलग-अलग तरीकों से आउट हो सकता है, जिसमें रन आउट भी एक तरीका है. लेकिन बहुत ही कम फैंस को पता होगा कि क्रिकेट में रन आउट होने के भी कई तरीके होते हैं. क्रिकेट में एक बल्लेबाज मुख्य रूप से 2 तरीको से रन आउट हो सकता है, लेकिन मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियमों के तहत एक बल्लेबाज कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में भी रन आउट हो सकता है. इसके बारे में अक्सर बड़े-बड़े फैंस को भी पता नहीं होता है.
सामान्य रन आउट - यह क्रिकेट में रन आउट होने का सबसे सामान्य तरीका है. दरअसल जब बल्लेबाज शॉट खेलता है और दोनों स्ट्राइकर और नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ते हैं, लेकिन क्रीज में पहुंचने से पहले ही विरोधी टीम का फील्डर गेंद को विकेटों पर मार देता है, तो जो बल्लेबाज उस वक्त अपनी क्रीज से बाहर होता है, वह रन आउट हो जाता है.
मांकडिंग रन आउट करना - क्रिकेट का यह नियम वैसे तो बिल्कुल वैध है, लेकिन ज्यादातर विवादों में ही रहता है. अब आईसीसी (ICC) और एमसीसी (MCC) ने मांकडिंग रन नियम को एक सामान्य रन आउट की श्रेणी में डाल दिया है. इस नियम के मुताबिक जब गेंदबाज गेंद फेंकने के लिए तैयार होता है, लेकिन गेंद डालने से पहले ही जब नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज रन के लिए क्रीज छोड़ देता है, तो ऐसे में गेंदबाज नॉन-स्ट्राइकर की विकेट की गिल्लियां उड़ाकर उसे रन आउट कर सकता है.
नो-बॉल पर रन आउट - क्रिकेट में नो बॉल पर बल्लेबाज कैच आउट, बोल्ड आउट या लेग बिफोर विकेट (LBW) आउट नहीं हो सकता है. उसे आउट करने का एक ही तरीका है रन आउट. यानी क्रिकेट में नो बॉल पर कोई बल्लेबाज सिर्फ रन आउट ही हो सकता है. अगर कोई खिलाड़ी नो बॉल पर रन चुराने की कोशिश करे और विरोधी टीम गेंद को विकेट पर मारे, तो वह रन आउट हो जाएगा और उसे पवेलियन जाना पड़ेगा.
वाइड बॉल पर रन आउट - जब किसी गेंद को अंपायर वाइड करार देता है, तो फिर उस गेंद पर बल्लेबाज को कैच आउट, बोल्ड आउट और एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट नहीं किया जा सकता. हालांकि उसे रन आउट और स्टंप आउट किया जा सकता है. अगर वाइड गेंद पर बल्लेबाज रन चुराने की कोशिश करता है और क्रीज से बाहर निकलता है, तो ऐसे में अगर विकेटकीपर या फिर कोई फील्डर विकेट की गिल्लियां उड़ा देता है तो बल्लेबाज रन आउट हो जाता है. लेकिन अगर बल्लेबाज रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि सिर्फ शॉट खेलने या क्रीज से बाहर निकल जाने के कारण क्रीज से दूर है और विकेटकीपर गिल्लियां बिखेर देता है, तो उसे स्टंप आउट माना जाएगा, रन आउट नहीं.
बल्लेबाज की गलती से रन आउट - बल्लेबाज के शॉट खेलने पर दूसरे छोर (नॉन-स्ट्राइकर एंड) पर खड़ा बल्लेबाज भी अपना विकेट गंवा सकता है. यदि स्ट्राइकर बल्लेबाज सामने की ओर शॉट खेलता है और गेंद सीधे नॉन-स्ट्राइकर छोर के विकेट पर जा लगती है, जिससे गिल्लियां गिर जाती हैं और उस समय नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर हो, तो अगर गेंद गेंदबाज के हाथ या शरीर को छुए बिना सीधे विकेट पर लगती है, तो बल्लेबाज आउट नहीं माना जाता है, लेकिन, अगर गेंद गेंदबाज के हाथ या शरीर के किसी भी अंग से टकराने के बाद विकेट पर लगती है और गिल्लियां बिखर जाती हैं, तो नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज को रन आउट करार दिया जाता है.
विकेटकीपर द्वारा रन आउट - अगर कोई बल्लेबाज शॉट खेलकर रन लेने के लिए क्रीज से बाहर दौड़ता है और विकेटकीपर गेंद पकड़कर स्टंप्स पर मार देता है, तो उसे रन आउट माना जाता है, क्योंकि बल्लेबाज ने रन लेने की कोशिश की है. इसे स्टंपिंग आउट नहीं कहा जाएगा. स्टंप आउट तब होता है, जब बल्लेबाज रन लेने की कोशिश किए बिना सिर्फ क्रीज से बाहर रहता है और विकेटकीपर गेंद को स्टंप्स पर मार देता है. रन आउट का क्रेडिट विकेटकीपर या फिर फील्डर के खाते में जाता है, जबकि स्टंप आउट का क्रेडिट गेंदबाज के खाते में जाता है, चाहे विकेटकीपर ने ही स्टंप क्यों न किया हो।
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बाय या लेग-बाय पर रन आउट - जब गेंद बल्लेबाज के बल्ले या शरीर से लगकर दूर जाती है और बल्लेबाज रन लेने के लिए दौड़ते हैं, तो उस दौरान बल्लेबाज के क्रीज से बाहर रहने पर अगर विकेटकीपर या फिर कोई फील्डर गेंद को सीधे स्टंप्स पर मार देता है, तो बल्लेबाज को रन आउट करार दिया जाता है. चाहे गेंद बल्ले से लगी हो या पैड से, क्रीज से बाहर होने पर बल्लेबाज को रनआउट होना पड़ता है.
Explainer: ईरान अब अभी एनरिचमेंट के अधिकार पर अड़ा, पेजेशकियन ने पीस टॉक के बीच ऐसी शर्त क्यों रखी?
यूएस और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर लगातार प्रयास हो रहे हैं.अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान में कई बैठकों का दौर जारी रहा, मगर डील कभी भी फाइनल नहीं हो सकी. अब स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक से पूरे विश्व को काफी उम्मीदें हैं. इस मध्यस्थता में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सैन्य प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल हैं. यह बातचीत वाशिंगटन और तेहरान के बीच चले कई दिनों के संघर्ष विराम फ्रेमवर्क पर साइन करने के कुछ दिनों बाद हो रही है. मगर लेबनान में नई हिंसा और होर्मुज स्ट्रेट के करीब तनाव से डिप्लोमैटिक प्रयास में बाधा हो सकती है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में यह बातचीत हो रही है. यहां पर दोनों पक्षों के बीच लगातार गोपनीय चर्चा हो रही है. वेंस से अलग अमेरिकी डेलीगेशन में सीनियर दूत स्टीव विटकॉफ को भी शामिल किया गया है. वहीं ईरान ने टॉप डिप्लोमैटिक और सुरक्षा अधिकारी भी यहां पहुंच गए हैं. पाकिस्तान और कतर भी मध्यस्थता की कोशिश को लेकर शामिल किया गया है. स्विट्जरलैंड ने बातचीत को लेकर एक गोपनीय जगह देने के तौर अपनी भूमिका को निभाया है.
हम न्यूक्लियर मुद्दे पर उम्मीद से आगे बढ़ेंगे: वेंस
वेंस ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मुझे लगता है कि हम न्यूक्लियर मुद्दे पर उम्मीद से आगे बढ़ेंगे. लेबनान सीजफायर के केस में आगे बढ़ने वाले हैं. दो बड़ी चीजें हैं, जिन पर उन्हें लगता है कि फोकस होना चाहिए.” उन्होंने कहा कि वह मात्र एक या दो दिन के लिए बातचीत में शामिल होंगे.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सैन्य असीम मुनीर मिडिल ईस्ट युद्ध पर बातचीत को लेकर स्विट्जरलैंड पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री ऑफिस ने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग को लागू करने पर हाई—लेवल बातचीत में भाग लेंगे. उन्होंने युद्ध को करने को लेकर यूएस-ईरान डील का भी जिक्र किया.
देश न्यूक्लियर हथियार नहीं बना चाहता: पेजेशकियन
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा, उनका देश न्यूक्लियर हथियार नहीं बना चाहता है. मगर वह यूरेनियम को एनरिच करने के अपने अधिसकार को कभी नहीं छोड़ने वाला है. उनकी यह बात तेहरान और वॉशिंगटन के बीच इस रविवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत के बीच आई. पेजेशकियन के अनुसार, “अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु बम नहीं बनाए और यह कोई नई बात नहीं है और हम लिखकर भी कन्फर्म कर सकते हैं कि हमारा एटॉमिक बम बनाने का किसी तरह का किसी तरह का इरादा नहीं है.” ऑफिशियल प्रेसिडेंसी वेबसाइट के तहत उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, हम एनरिच करने के अपने अधिकार को नहीं छोड़ने वाले हैं. दूसरी पार्टी के पास इस बात को मानने के अलावा किसी तरह का विकल्प नहीं है. ”
न्यूक्लियर अधिकार पर अड़ा तेहरान
इस दौरान ईरान ने अपने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह कन्फर्म किया कि लेबनान के हालात इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच टकराव की वजह से बिगड़ चुके हैं. मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने को लेकर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के तहत रविवार को स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत का मुख्य विषय होगी.
आगे का रास्ता आसान नहीं
यह सबसे बड़ी चुनौती लेबनान में बिगड़ती सुरक्षा के हालात है. हालांकि इजराइल और हिज्बुल्लाह इस हफ्ते की शुरुआत में सीजफायर पर सहमत हुए थे, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाया है. नई झड़पें जारी हैं. ईरान ने बार-बार तर्क किया कि यूनाइटेड स्टेट्स के साथ कोई भी स्थायी समझौता लेबनान में दुश्मनी खत्म पर निर्भर करता है.
विवाद का एक और मुद्दा समुद्री रुकावट को अहम बिंदु होर्मुज की खाड़ी है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का है कि लेबनान में इजराइली कार्रवाइयों के जवाब में पानी का रास्ता बंद किया गया है. वहीं अमेरिकी मिलिट्री का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग स्ट्रेट से गुजरती रहती है.
इजराइल-हिज्बुल्लाह का संघर्ष मेन एजेंडा
ईरान ने कहा कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका के संग बातचीत में लेबनान में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रहा झगड़ा एजेंडा में सबसे ऊपर रहेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने एजेंसी की ओर से शेयर किए गए कए वीडियो में कहा, “जायोनी शासन लेबनान में अपने वादे को तोड़ रहा है, यह मुद्दा आज की बातचीत का मुख्य विषय होगा.” उन्होंने आगे कहा, “ईरान के जमे हुए या प्रतिबंधित एसेट्स को उपलब्ध कराने का मामला साथ ही ईरानी तेल की बिक्री के लिए जरूरी लाइसेंस जारी करने से जुड़ी चर्चा,” भी एजेंडा में होगी.
6 बिलियन डॉलर फ्रीज फंड जल्द जारी होगा
तेहरान का कहना है कि छह बिलियन डॉलर का फ्रीज फंड जल्द जारी किया जाएगा। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मेमोरेंडम की शर्तें तेहरान के पक्ष में हैं। मसूद पेजेशकियन ने बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि बातचीत से नाखुश होने वाले पहले शख्य होंगे। रिपोर्ट के तहत, पेजेशकियन ने अमेरिका के संग चल रहे शुरुआती एग्रीमेंट की और जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कतर में अभी फ्रीज ईरान के छह बिलियन डॉलर के फंड को तेहरान को दिया जाएगा, ताकि लड़ाई खत्म की जा सके.
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