न्यूजीलैंड का पलटवार... ओवल टेस्ट में बड़ी जीत से सीरीज की बराबर, कीवी 'तिकड़ी' के आगे अंग्रेजों का सरेंडर
england vs new zealand 2nd test highlights: ग्लेन फिलिप्स, हेनरी निकोल्स और मैट हेनरी के दमदार प्रदर्शन से न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दमदार वापसी की है. न्यूजीलेंड ने केनिंग्टन ओवल में खेला गया दूसरा टेस्ट 253 रन के बड़े अंतर से जीता और तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली है. आखिरी दिन के पहले ही सेशन में इंग्लैंड की पारी को 209 रन पर समेटकर कीवी टीम ने बड़ी जीत दर्ज की.
NEET-UG Re-Exam 2026: 'मेरे लिए मेरा 'बुर्का' मेरी पहचान है', अजमेर में परीक्षा के दौरान बढ़ा विवाद, जानें कैसे मिली छात्रा को एंट्री
Ajmer Re-NEET Exam Burqa Hijab Controversy: राजस्थान के अजमेर में आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान एक छात्रा के प्रवेश को लेकर कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति बन गई. छात्रा बुर्का पहनकर परीक्षा देने पहुंची थी. सुरक्षा जांच से जुड़े नियमों के कारण शुरुआत में उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. बाद में अधिकारियों से बातचीत और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति मिल गई.
ब्यावर से परीक्षा देने पहुंची थी छात्रा
यह मामला अजमेर के सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र का है. ब्यावर निवासी कुलसुम बानो NEET-UG की दोबारा परीक्षा देने के लिए यहां पहुंची थीं. परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने सुरक्षा जांच के नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया. इस दौरान छात्रा और उसके परिवार ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. उनका कहना था कि बुर्का उनकी धार्मिक पहचान का हिस्सा है और इसे हटाने के लिए कहना उचित नहीं है.
परिवार ने जताई नाराजगी
कुलसुम के पिता ने बताया कि उनकी दो बेटियां NEET परीक्षा में शामिल हो रही थीं. दूसरी बेटी दूसरे केंद्र पर परीक्षा देने गई थी, जहां उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि यहां उनकी बेटी को क्यों रोका जा रहा है. परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ समय तक परिजनों और अधिकारियों के बीच बातचीत चलती रही. दोनों पक्ष समाधान निकालने की कोशिश करते रहे ताकि छात्रा समय पर परीक्षा में शामिल हो सके.
छात्रा ने कहा- बुर्का मेरी धार्मिक पहचान, नहीं उतारूंगी
कुलसुम बानो ने कहा कि, "मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूँ. जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं: बुर्का और दुपट्टा. शुरू में, उन्होंने कहा कि अंदर जाने के लिए मुझे दुपट्टा हटाना होगा; फिर उन्होंने ज़ोर दिया कि मुझे बुर्का भी हटाना होगा. अगर NTA ने हमें इजाज़त दी है, तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते. अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूँगी. यह शर्मनाक है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं. परीक्षा मेरे लिए मायने नहीं रखती मेरे लिए मेरा 'बुर्का' और मेरी पहचान मायने रखती है.
#WATCH | Ajmer, Rajasthan: A Burqa-wearing candidate was allegedly denied entry at a medical entrance exam centre ahead of the NEET examination today.
— ANI (@ANI) June 21, 2026
A candidate, named Kulsum Bano, says, "I have come from Beawar to take the NEET exam. When I took the exam on May 3rd, I was in… pic.twitter.com/3TVNnYk52n
कैसे मिली छात्रा को एंट्री?
मामले के बढ़ने के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया. पूरी स्थिति की जानकारी दी गई और आवश्यक दिशा-निर्देश मांगे गए. निर्देश मिलने के बाद छात्रा की पहचान की पुष्टि की गई. इसके साथ ही निर्धारित सुरक्षा जांच भी पूरी की गई. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कुलसुम बानो को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया.
समय रहते परीक्षा में शामिल हो सकीं छात्रा
लंबी बातचीत और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आखिरकार छात्रा को परीक्षा देने का अवसर मिल गया. इससे एक बड़ा विवाद टल गया और वह निर्धारित समय के भीतर परीक्षा में शामिल हो सकीं. यह मामला एक बार फिर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा नियमों और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है, वहीं परीक्षार्थियों की भावनाओं और पहचान का सम्मान भी महत्वपूर्ण है.

News18
News Nation