370 Biryani Controversy: इंस्टाग्राम से गायब हुए 4 मिलियन वाले कॉमेडियन प्रणित मोरे! फूहड़ कॉमेडी के बाद छोड़ा सोशल मीडिया
Pranit More 370 biryani controversy: कॉमेडियन प्रणित मोरे इस समय सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना कर रहे हैं। उनके शो में एक दर्शक ने महिलाओं को लेकर '370 रुपए की बिरयानी' वाली टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा कर दिया जिसके बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। बढ़ते विवाद और आलोचनाओं के बीच अब प्रणित मोरे का इंस्टाग्राम अकाउंट भी दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे माना जा रहा है कि उन्होंने अपना अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया है।
इंस्टाग्राम अकाउंट हुआ गायब
लगातार मिल रही आलोचनाओं के बीच प्रणित मोरे का मुख्य इंस्टाग्राम अकाउंट अब दिखाई नहीं दे रहा है। उनके इस अकाउंट पर करीब 4 मिलियन लाख फॉलोअर्स थे।
हालांकि, उनका दूसरा इंस्टाग्राम अकाउंट अभी भी एक्टिव है, जहां वह अपने स्टैंडअप कॉमेडी से जुड़े वीडियो और कंटेंट साझा करते रहते हैं। इसपर उनके 1 मिलियन फॉलोअर्स नजर आई रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत प्रणित मोरे के एक क्राउडवर्क शो के दौरान हुई। शो में मौजूद हिमांशु जांगड़ा नाम के युवक ने अपनी डेटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया था।
हिमांशु ने दावा किया कि वह एक लड़की के साथ डेट पर गया था, जहां उसने चिकन बिरयानी की एक प्लेट के लिए 370 रुपये खर्च किए थे। इसके बाद उसने कहा कि उसे अपने इस खर्च का "रिटर्न" मिलना चाहिए था। उसकी इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया गया।
Everyone enjoyed the cringe content including the host Pranit More and many women in the audience. There are ten times more objectionable and cringe contents available on YouTube and Instagram by many female stand up comedians but lets reserve all our outrage only for this 370… https://t.co/MZRQcQoU0Q pic.twitter.com/dZZ86kB3pA
— NCMIndia Council For Men Affairs (@NCMIndiaa) June 9, 2026
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने हिमांशु जांगड़ा की टिप्पणी की आलोचना की। वहीं, कई सोशल मीडिया यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने प्रणित मोरे को भी निशाने पर लिया।
लोगों का कहना था कि शो के होस्ट होने के बावजूद प्रणित ने उस टिप्पणी का विरोध नहीं किया और हंसते हुए बातचीत को आगे बढ़ा दिया। इसी वजह से उनके खिलाफ भी नाराजगी बढ़ती गई।
हिमांशु जांगड़ा ने भी मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु जांगड़ा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स भी हटा दिए। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी गलत थी और उससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
प्रणित मोरे ने भी मांगी माफी
बढ़ते विवाद के बीच प्रणित मोरे ने भी एक बयान जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि दर्शक द्वारा की गई टिप्पणी उनके व्यक्तिगत विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
उन्होंने माना कि उस समय उन्हें उस टिप्पणी का विरोध करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जो उनकी गलती थी।
Heart Disease: लॉन्ग सिटिंग जॉब से बढ़ रहा हार्ट डिजीज का खतरा, एक्सपर्ट से जानें बचाव के तरीके
Heart Disease: आज के डिजिटलाइजेशन के दौर में गौर करें तो हममें से कई लोगों की जिंदगी ऑफिस वर्क, लैपटॉप और कंप्यूटर डेस्क तक ही सीमित होकर रह गई है। आजकल के ऑफिस कल्चर में व्यक्ति सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी एक ही स्थान और पोजिशन में बने रहने, डेस्क जॉब करने या घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने के लिए मजबूर हो गया है। इसकी वजह से हार्ट अटैक ही नहीं, कई लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों की गिरफ्त में आता जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर युवाओं में पिछले एक दशक में जिन बीमारियों के मामले सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए हैं, हृदय रोग जैसी जानलेवा समस्याओं के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। यह खतरा उन लोगों में और भी अधिक देखा जा रहा है, जिनकी डेस्क जॉब है, यानी कि जिनके दिन का 8-9 घंटे का समय ऑफिस में बैठे-बैठे निकल जाता है।
स्मोकिंग जैसा खतरनाक
विशेषज्ञों का मानना है कि सिटिंग किल्स, मूविंग हील्स। सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग यानी ऑफिस में डेस्क जॉब करना या कुर्सी-टेबल पर देर तक एक जगह बैठे रहना सिगरेट पीने से भी ज्यादा खतरनाक है। मानव की शारीरिक संरचना पर गौर करें तो शरीर में समुचित मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई और ब्लड सर्कुलेशन होने के लिए मूव करना बहुत जरूरी है।
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हर साल इससे लाखों लोगों की होती है मौत
ज्यादा देर तक बैठने से शरीर की नसें संकुचित होने लगती हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन में भी रुकावट होने से हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसकी वजह से व्यक्ति कई बीमारियों की चपेट में आ जाता है और हर साल लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि एक ही स्थान पर 6-7 घंटे बैठकर काम करने से हार्ट अटैक का खतरा तकरीबन 20 प्रतिशत बढ़ता है। वहीं इससे ज्यादा देर तक बैठकर काम करने पर हार्ट फेलियर का रिस्क 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
इस तरह बढ़ता है रिस्क
देखा जाए तो जो लोग बिना ब्रेक लिए लंबे समय तक एक ही जगह बैठे-बैठे काम करते हैं, वो अनजाने ही कई तरह की बीमारियों को न्यौता देते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी और ब्लड सर्कुलेशन की कमी के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। यह हार्ट अटैक होने का मुख्य कारण है। लंबे समय तक बैठे रहने से कैलोरीज कम बर्न होती हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है। अधिक वजन बढ़ने से दिल पर अधिक प्रेशर पड़ता है। हार्ट आर्टरीज सिकुड़ जाती हैं, उनमें कैल्शियम का जमाव बढ़ जाता है, जिससे नसों में ब्लड का प्रवाह रुक जाता है और कार्डियोवेस्कुलर डिजीज या हार्ट अटैक का खतरा रहता है। इसके साथ ही शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और डायबिटीज का खतरा भी रहता है। बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से शरीर के मेटाबॉलिक सिस्टम पर भी असर होता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम गड़बड़ाने से व्यक्ति को डायबिटीज होने का खतरा रहता है, जो आगे जाकर हार्ट डिजीज का कारण भी बनती है।
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कैसे करें बचाव
लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली समस्याओं से निजात पाने के लिए एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। बहुत लंबे समय तक ऑफिस में बैठना आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन इस दौरान छोटे-छोटे बदलाव लाकर आसानी से फिट रहा जा सकता है।
- काम करते हुए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। अपने मोबाइल या घड़ी में हर 30 मिनट के बाद उठने का रिमाइंडर सेट कर लें ताकि आपको उठना याद रहे।
- हल्की-फुल्की एकसरसाइज करें या इधर-उधर टहलें। खड़े होकर चेयर स्क्वैट्स, हील्स अपलिफ्टिंग, नेक स्ट्रेचिंग, शोल्डर स्ट्रेचिंग, टोर्सो फिंगर स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज करें।
- अगर उठना संभव ना हो, तो डेस्क योगा या कुर्सी पर बैठे-बैठे नेक स्ट्रेचिंग, शोल्डर स्ट्रेचिंग, टोर्सो फिंगर स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक बना रहता है और समस्याएं होने का रिस्क कम रहता है।
- संभव हो तो ऑफिस में स्टैंड-अप डेस्क का इस्तेमाल करें। या फिर बैठने के लिए एर्गोनॉमिक कुर्सी चुनें। इसकी सही ऊंचाई होगी, आपकी पीठ सीधी रहेगी और आप एक्टिव रहेंगे।
- फोन पर किसी से बात करते वक्त खड़े होकर या इधर-उधर टहलते हुए बात कर सकते हैं।
- किसी को-वर्कर को फोन या मैसेज देने के बजाय उनके डेस्क तक जाकर उनसे बात करके आ सकते हैं।
- लंच टाइम या टी-कॉफी ब्रेक में किसी एक जगह बैठे रहने के बदले चलते-चलते ब्रेक एंज्वॉय करें।
- लंच टाइम में सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय किसी आउटडोर एक्टिविटी या हॉबी में समय बिताएं।
- वर्कप्लेस पर वर्कलोड को लेकर या किसी भी तरह की परेशानी हो तो को-वर्कर या दोस्तों से जरूर शेयर करें। स्ट्रेस मैनेज करने के लिए कुछ देर के लिए सही, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग करें। बर्नआउट से बचने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
- यदि आप ऑफिस के नज़दीक रहते हैं तो काम पर पैदल या साइकिल से जाएं। यदि आप बस या ट्रेन लेते हैं तो बस स्टॉप या रेलवे स्टेशन तक पैदल जाने का प्रयास करें। ट्रेन या बस में खड़े होकर सफर करें।
- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां इस्तेमाल करें।
- डेली रूटीन में एक्सरसाइज जरूर करें। ज्यादा ना सही, अपनी सहूलियत के हिसाब से दिन मे कम से कम 20 मिनट वॉक, योगा, कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज जरूर करें।
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें। अपना दोपहर का भोजन घर से लाने की कोशिश करें ताकि आपको बाहर से अनहेल्दी भोजन ना खाना पड़े। जितना हो सके हाइड्रेटेड रहें। काम के दौरान हाइड्रेशन जरूरी है। मीठे पेय और पेय पदार्थों से बचें।
- एल्कोहल और स्मोकिंग से दूर रहें।
[यह जानकारी डॉ. एस. सी. मनचंदा सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली से बातचीत पर आधारित है।]
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