Explainer: NEET Re Exam के लिए 9 जोड़ी स्पेशल ट्रेन, हर कमरे में CCTV और जैमर; जानें 49 दिन की पूरी कवायद
NEET Re Exam: देशभर में 21 जून को नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है. इस परीक्षा में देश और विदेश के लाखों छात्र शामिल होने वाले हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने इस परीक्षा को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कमर कस ली है. सुरक्षा से लेकर छात्रों की सुविधा तक के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं. पिछले दिनों आई कुछ दिक्कतों के बाद इस बार प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. यही वजह है कि परीक्षा से ठीक एक दिन पहले शनिवार को देशभर के सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल की गई ताकि हर व्यवस्था को अच्छे से परखा जा सके.
लाखों छात्र और हजारों परीक्षा केंद्र
इस बार नीट यूजी की परीक्षा में लगभग 22.79 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होने जा रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के बैठने के लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में पांच हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा कुल 95 हजार से ज्यादा कमरों में आयोजित की जाएगी. एनटीए ने साफ किया है कि हर एक कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके. पूरे देश में कुल 1.38 लाख सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के लिहाज से 51 हजार से ज्यादा जैमर लगाए गए हैं ताकि मोबाइल या इंटरनेट के जरिए कोई नकल न कर सके.
वायुसेना ने संभाली कमान और सुरक्षा के कड़े घेरे
इस परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भी एक बड़ा मिशन पूरा किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना ने नीट के प्रश्नपत्रों को देश के 18 अलग-अलग ठिकानों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए लगभग 200 उड़ानें संचालित की हैं. वायुसेना के हेलीकॉप्टरों और विमानों की मदद से पेपर को सुरक्षित तरीके से जिला समन्वयकों तक पहुंचाया गया जहां से उन्हें बैंकों के सुरक्षित लॉकरों में रखा गया है. इसके अलावा परीक्षा सामग्री ले जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है और उन्हें पुलिस सुरक्षा भी दी गई है. परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए ही छात्रों को प्रवेश मिलेगा.
49 दिन बाद अब कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?
परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार अब सख्त कदम उठा रही है. इस बार जांच सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत की जा रही है. यह नया कानून परीक्षा में धोखाधड़ी, पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करता है. इसके तहत दोषी पाए जाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और उन्हें जेल की सजा भी हो सकती है.
इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए कई सुधार लागू किए जा रहे हैं. पूर्व इसरो प्रमुख K. Radhakrishnan की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे. इन सिफारिशों को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के भीतर एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई गई है. इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य परीक्षा से जुड़े डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है. सरकार का मानना है कि इन कदमों से परीक्षा प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी और छात्रों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा.
हर केंद्र पर 2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
मध्य प्रदेश के महू जैसी जगहों पर हुई सीसीटीवी चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और शरारती तत्वों पर कड़क नजर रखी जा रही है. हर केंद्र पर दो लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो इस परीक्षा को सफल बनाने में दिन-रात जुटे हुए हैं. सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी एक विशेष टीम बनाई गई है जो हर गतिविधि पर नजर रखेगी.
छात्रों के लिए 9 जोड़ी स्पेशल ट्रेन
इतनी बड़ी परीक्षा में छात्रों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए भारतीय रेलवे और राज्य सरकारों ने बड़ी राहत दी है. पूर्व मध्य रेलवे ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 21 जून को 9 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. यह ट्रेनें पटना, दरभंगा, गया, वाराणसी, रांची और धनबाद जैसे प्रमुख रूटों पर चलेंगी जिससे छात्र समय पर अपने केंद्रों तक पहुंच सकें. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली और तेलंगाना जैसे राज्यों में छात्रों के लिए सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह से मुफ्त कर दी गई है. मुंबई में लोकल ट्रेनों को बिना किसी रुकावट के चलाने का फैसला किया गया है ताकि किसी छात्र की ट्रेन न छूटे और वे समय पर पहुंच सकें.
एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र को लेकर एनटीए का बड़ा बयान
एनटीए ने एडमिट कार्ड को लेकर चल रहे भ्रम को भी पूरी तरह दूर कर दिया है. एजेंसी ने कहा है कि जिन छात्रों ने नया एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लिया है उन्हें दोबारा इसे डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है. पुराना यानी तीन मई वाला एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होगा क्योंकि कई छात्रों के परीक्षा केंद्र बदल दिए गए हैं. कुछ छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें बहुत दूर परीक्षा केंद्र मिल गए थे जिसे बाद में सुधार दिया गया है. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने नए एडमिट कार्ड का प्रिंट लेकर ही केंद्र पर जाएं ताकि प्रवेश में कोई बाधा न आए.
परीक्षा केंद्र पर इन बातों का रखना होगा खास ध्यान
यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर पंद्रह मिनट तक पेन और पेपर मोड में होगी. इस बार छात्रों को कागजी कार्रवाई और वेरिफिकेशन के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है. भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, पंखे और मेडिकल सहायता के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. छात्र अपने साथ पारदर्शी पानी की बोतल ले जा सकते हैं. मधुमेह के मरीजों को फल और दवा ले जाने की छूट होगी. पारंपरिक या भारी कपड़े पहनने वाले छात्रों को जांच के लिए समय से पहले पहुंचना होगा ताकि वे बिना किसी परेशानी के समय पर परीक्षा हॉल में बैठ सकें.
केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील
दिव्यांग छात्रों के लिए परीक्षा का समय शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा ताकि उन्हें लिखने के लिए पूरा समय मिल सके. एनटीए ने सभी अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. इस बार की परीक्षा पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी के बीच हो रही है जिससे हर एक ईमानदार छात्र को आगे बढ़ने का सही मौका मिल सके.
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