ट्रंप-मेलोनी विवाद बढ़ा: अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर दोहराया 'फोटो की मिन्नत' वाला दावा, इटली PM बोलीं- सब मनगढ़ंत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच G7 समिट को लेकर शुरू हुआ विवाद और गहरा गया है। ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि फ्रांस में आयोजित G7 बैठक के दौरान मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए कई बार अनुरोध किया था। हालांकि, इटली की प्रधानमंत्री इन आरोपों को पहले ही झूठा और मनगढ़ंत बता चुकी हैं।
G7 समिट के बाद कैसे शुरू हुआ ट्रंप-मेलोनी विवाद?
G7 समिट के बाद ट्रंप ने दावा किया कि जियोर्जिया मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेहद उत्सुक थीं। उन्होंने कहा कि मेलोनी ने कई बार अनुरोध किया, जबकि इटली की प्रधानमंत्री ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
Italian Prime Minister Gigiorgia Meloni asked, over and over, for a picture with me during the G-7 meeting in France. She is doing poorly in Italy with her level of popularity, possibly because she turned down the United States of America, a Country that truly loves and protects… pic.twitter.com/58uCXdyMVc
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 20, 2026
ट्रंप ने मेलोनी पर क्या आरोप लगाए?
ट्रंप ने सिर्फ फोटो विवाद ही नहीं उठाया, बल्कि इटली की नीतियों और NATO सहयोग को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि इटली ने कुछ सैन्य सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी, जिससे अमेरिकी अभियानों पर असर पड़ा।
इटली की प्रधानमंत्री ने आरोपों का क्या जवाब दिया?
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के दावों को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताया। उन्होंने कहा कि न तो वह और न ही इटली कभी किसी के सामने मिन्नत करते हैं और ऐसे बयानों का जवाब देना जरूरी है।
Io e l’Italia non imploriamo mai. pic.twitter.com/sTpKlqWB67
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) June 19, 2026
NATO, ईरान और रक्षा खर्च पर क्यों बढ़े मतभेद?
हाल के वर्षों में ईरान, NATO, रक्षा खर्च और व्यापार जैसे मुद्दों पर ट्रंप और मेलोनी के बीच मतभेद सामने आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद घरेलू राजनीति और वैश्विक रणनीति दोनों से जुड़ा हो सकता है।
सोशल मीडिया पर इस विवाद को लेकर कैसी प्रतिक्रिया?
ट्रंप के नए पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक वर्ग ट्रंप के दावों का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरे लोग इसे सहयोगी देशों के बीच अनावश्यक विवाद बता रहे हैं।
शांति समझौते को बड़ा झटका: ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, भारत समेत दुनिया पर पड़ सकता है बड़ा असर
ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आयात पर निर्भर देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का निर्यात काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।
???? BREAKING
— The Iran Observer (@tv_ir_X) June 20, 2026
The Khatam al-Anbiya HQ announces the total closure of the Strait of Hormuz, citing US failure to implement the war-termination agreement's first clause.
The decision responds to continuous Israeli ceasefire violations in southern Lebanon. pic.twitter.com/PnlEdDar2s
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। यदि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। साथ ही परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से महंगाई पर भी दबाव बन सकता है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका और इजराइल ने हालिया युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के फैसले को अपनी प्रतिक्रिया का पहला कदम बताया है और चेतावनी दी है कि यदि कथित उल्लंघन जारी रहा तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और दुनिया भर की निगाहें क्षेत्र की स्थिति पर टिकी हुई हैं।



Haribhoomi
















