Explainer: ‘होर्मुज’ को लेकर ट्रंप के दावों में कितनी है सच्चाई? ईरान अब भी अपनी बात पर अड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसके कारण विवाद खड़ा हो सकता है. ट्रंप का दावा है कि अमेरिका जल्द होर्मुज स्ट्रेट को अपनी टेरेटरी घोषित कर देगा. ट्रंप का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी झंडा फहराया जाएगा. ट्रंप के बयान को बेहद अजीबोगरीब की श्रेणी में रखा जा रहा है. इस बयान के सामने आने के बाद ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने कहा कि होर्मुज पर अमेरिका झूठे दावे करना बंद करे. अरागची ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की शुरुआत नहीं होगी.
अमेरिका-ईरान के बीच बीते पांच माह में आधा दर्जन ज्यादा बार बातचीत और फिर युद्ध का खेल जारी है. ऐसे में आशंका है कि पश्चिम एशिया में इतिहास फिर दोहाराया जा सकता है. अमेरिका-ईरान में तल्खी बढ़ती जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का दावा करते हुए कहा कि हमने ईरान को काफी बुरी तरह से हराया और बहुत जल्दी मैं ये ऐलान करूंगा कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका का क्षेत्र है. ये काफी जरूरी है. हमारी नाकाबंदी से इक्का-दुक्का जहाज भी नहीं गुजर रहे हैं.
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप, आठ और बच्चों की मौत, मृतकों की संख्या 900 के पार
ढाका, 15 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप से शनिवार को कम से कम आठ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल बीमारी से पुष्टि और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या बढ़कर 902 हो गई है। देश में स्वास्थ्य संकट लगातार गहराता जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने बताया कि मौतें शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में दर्ज की गईं। बांग्लादेशी समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, बीमारी से हुई आठ नई मौतें संदिग्ध श्रेणी में दर्ज की गई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, खसरे से पुष्टि की गई मौतों की संख्या 99 पर स्थिर रही, जबकि संदिग्ध मौतों का आंकड़ा बढ़कर 803 हो गया।
डीजीएचएस ने बताया कि पिछले 24 घंटों में खसरे के 728 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 1,41,776 हो गई है।
इसी अवधि में 70 नए पुष्ट मामले भी दर्ज किए गए, जिससे खसरे के कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 17,800 हो गई।
बांग्लादेश में खसरे के मामलों में लगातार तेज बढ़ोतरी के बीच, एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था ने हाल ही में वर्ष 2026 के इस प्रकोप को देश के हालिया इतिहास के सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों में से एक बताया है। संस्था ने इस बात पर चिंता जताई कि खसरा एक ऐसी बीमारी है, जिसे टीकाकरण के जरिए रोका जा सकता है।
कनाडा स्थित ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस (जीसीडीजी) ने अपनी रिपोर्ट ‘प्रिवेंटेबल ट्रेजेडी : बांग्लादेश 2026 मीजल्स आउटब्रेक’ में कहा कि आम लोगों को यह प्रकोप भले अचानक लगा हो, लेकिन महामारी विज्ञान के नजरिए से यह अप्रत्याशित नहीं था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संकट 2024-25 के दौरान मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के समय टीकों की आपूर्ति और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आई बाधाओं, नियमित टीकाकरण छूट जाने, तय पूरक टीकाकरण कार्यक्रमों के रद्द होने, वैक्सीन खरीद में प्रशासनिक देरी और जोखिम वाले लोगों की समय पर पहचान न होने जैसी कई वजहों का परिणाम है।
जीसीडीजी के अनुसार, बांग्लादेश लंबे समय से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वीकृत टीके यूनिसेफ की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति व्यवस्था के जरिए खरीदता था। हालांकि, अंतरिम सरकार ने इस व्यवस्था को बदलकर खुली निविदा (ओपन टेंडर) प्रणाली लागू कर दी।
रिपोर्ट में यूनिसेफ का हवाला देते हुए कहा गया है कि एजेंसी ने 2024 से 2026 के बीच संभावित वैक्सीन कमी को लेकर अंतरिम सरकार को पांच से छह औपचारिक पत्र भेजे और लगभग 10 बैठकें भी कीं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
--आईएएनएस
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