क्या होती है IPL ट्रेडिंग? कैसे करती है काम और किन नियमों का होता है इस्तेमाल, जानिए इससे जुड़े सारे नियम?
Know Everything About Trading In IPL: इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत 2008 में हुई थी और साल दर साल इसकी ख्याति बढ़ती गई. आज दुनियाभर में आईपीएल की तर्ज पर फ्रेंचाइजी लीगें खेली जा रही हैं. आईपीएल के कई नियम हैं, जो इस लीग को और भी खास बना देते हैं. इसमें से एक है ट्रेडिंग... वैसे तो ट्रेडिंग बिजनेस का शब्द है, लेकिन आईपीएल में भी इसका इस्तेमाल होता है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको ट्रेडिंग के बारे में विस्तार से बताते हैं... ये कब यूज होता है, कौन इसका इस्तेमाल करता है...
IPL में ट्रेडिंग क्या होती है?
इंडियन प्रीमियर लीग में ट्रेडिंग के जरिए टीमें खिलाड़ियों की अदला-बदली करती हैं. इस प्रोसेस के तहत कोई टीम अपने खिलाड़ी को दूसरी टीम में भेज सकती है और बदले में खिलाड़ी या फिर नकद राशि या दोनों ले कर सकती है. हालांकि, किसी भी खिलाड़ी की ट्रेड तभी संभव है जब संबंधित खिलाड़ी भी इस प्रस्ताव के लिए सहमत हो. आईपीएल में अब तक कई बड़ी आईपीएल डील्स देखने को मिल चुकी हैं.
क्यों ट्रेडिंग करती हैं टीमें?
आईपीएल में हर सीजन मिनी ऑक्शन होता है, जबकि 3 सीजनों के बाद मेगा ऑक्शन का आयोजन होता है. आईपीएल में टीमें अपनी जरूरतों और रणनीति के हिसाब से खिलाड़ियों की ट्रेडिंग करती हैं. इसका मुख्य उद्देश्य स्क्वॉड को संतुलित और मजबूत बनाना होता है. कई बार किसी टीम के पास किसी खास भूमिका के लिए खिलाड़ियों की भरमार होती है, जबकि दूसरी टीम को उसी प्रकार के खिलाड़ी की जरूरत होती है.
ऐसे में दोनों फ्रेंचाइजियां ट्रेडिंग के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान करती हैं. ट्रेडिंग का एक बड़ा कारण टीम कॉम्बिनेशन सुधारना भी होता है. उदाहरण के लिए, यदि किसी टीम को एक अनुभवी तेज गेंदबाज या ऑलराउंडर की जरूरत है, तो वह दूसरी टीम से ऐसे खिलाड़ी को ट्रेड कर सकती है. वहीं, कुछ खिलाड़ी अपनी मौजूदा टीम में लगातार मौके नहीं मिलने के कारण दूसरी फ्रेंचाइजी में जाना पसंद करते हैं.
कब खुलती है ट्रेडिंग विंडो?
ऐसा नहीं है कि सीजन चल रहा हो और अचानक टीमें प्लेयर्स को ट्रेड कर लें. इसके लिए एक समय निर्धारित होता है, जिसे ट्रेडिंग विंडो कहते हैं. ट्रेडिंग विंडो आमतौर पर एक सीजन के खत्म होने के बाद खुलती है और अगले सीजन की ऑक्शन से कुछ समय पहले तक जारी रहती है. कुछ मामलों में ऑक्शन के बाद भी एक समय तक ट्रेडिंग की गुंजाइश रहती है. ट्रेड करने के लिए सबस अहम चीज है कि दोनों टीमें उस डील के लिए तैयार हों.
आईपीएल प्लेयर्स की ट्रेडिंग के प्रमुख नियम
- ट्रेडिंग केवल ट्रेड विंडो के दौरान ही हो सकती है.
- दोनों फ्रेंचाइजियों की सहमति जरूरी होती है. कोई भी टीम एकतरफा तरीके से खिलाड़ी को ट्रेड नहीं कर सकती.
- खिलाड़ी की सहमति भी आवश्यक होती है. किसी खिलाड़ी को उसकी मंजूरी के बिना दूसरी टीम में नहीं भेजा जा सकता.
- भारतीय और विदेशी दोनों खिलाड़ियों की ट्रेडिंग की जा सकती है.
- ट्रेडिंग दो प्रकार की हो सकती है: पहली- खिलाड़ी के बदले खिलाड़ी, दूसरी- खिलाड़ी के बदले नकद राशि
- खिलाड़ी का पूरा कॉन्ट्रैक्ट नई टीम को ट्रांसफर हो जाता है. नई फ्रेंचाइजी को उसी सैलरी पर खिलाड़ी को रखना होता है, जिस पर वह पहले से कॉन्ट्रैक्ट था.
- सैलरी कैप के नियम लागू रहते हैं. ट्रेड के बाद भी टीम को आईपीएल द्वारा निर्धारित पर्स और सैलरी कैप सीमा के भीतर रहना होता है.
- अनकैप्ड और कैप्ड दोनों खिलाड़ियों की ट्रेडिंग संभव है.
- ऑक्शन में जाने से पहले भी ट्रेड हो सकती है. इससे टीमें अपनी जरूरत के खिलाड़ी सीधे हासिल कर सकती हैं.
- ट्रेडिंग पूरी होने के बाद आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी आवश्यक होती है.
- एक खिलाड़ी एक ही ट्रेड डील में शामिल होता है।.उसके ट्रांसफर का रिकॉर्ड ऑफिशियली दर्ज किया जाता है.
IPL 2027 के लिए ट्रेडिंग की आने लगी हैं रिपोर्ट्स
आईपीएल 2027 के लिए अब ट्रेडिंग की खबरें सामने आने लगी हैं. रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस बार 2 बड़े ट्रेड देखने को मिल सकते हैं. अभिषेक त्रिपाठी की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल 2027 में मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक बड़ा ट्रेड होने वाला है, जिसमें यशस्वी जायसवाल और हार्दिक पांड्या की अदला-बदली हो सकती है. हार्दिक RR में शामिल हो सकते हैं, तो वहीं यशस्वी MI में जा सकते हैं.
इसके अलावा एक और बड़ी ट्रेडिंग की खबरें हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच कुलदीप यादव और ऋषभ पंत की ट्रेडिंग हो सकती है. खबरें हैं कि पंत DC में वापस लौट सकते हैं, तो वहीं कुलदीप LSG में जा सकते हैं.
ट्रेडिंग के बाद सैलरी के नियम
- ट्रेड के बाद खिलाड़ी की सैलरी अपने आप नहीं बदलती.
- नई फ्रेंचाइजी खिलाड़ी का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट और उसकी पूरी सैलरी अपने जिम्मे लेती है.
- खिलाड़ी की सैलरी टीम के सैलरी कैप (पर्स) में जुड़ जाती है.
- ट्रेडिंग के दौरान फ्रेंचाइजियां आपस में पैसों के बारे में बात कर सकती हैं, लेकिन खिलाड़ी को मिलने वाली कॉन्ट्रैक्ट रकम पर इसका असर नहीं पड़ता.
आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेड डील
JUST IN ????
— Cricbuzz (@cricbuzz) June 19, 2026
Cricbuzz reliably understands that Rishabh Pant is set to return to Delhi Capitals
DC have already initiated a trade with Lucknow Super Giants
Pant is likely to take a substantial pay cut as part of the move
Unlikely that Pant will captain DC pic.twitter.com/4RODbeDMkz
- IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक बड़ी ट्रेड डील हुई थी. इसमें रवींद्र जडेजा राजस्थान रॉयल्स में लौटे थे. तो वहीं संजू सैमसन को चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने साथ जोड़ा था.
- आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ी ट्रेड डील्स में से एक हार्दिक पांड्या का गुजरात टाइटंस से मुंबई इंडियंस में लौटना माना जाता है. यह ट्रेडिंग IPL 2024 से पहले हुई थी. रिपोर्ट्स में बताया गया था कि मुंबई ने GT को हार्दिक के बदले एक मोटी रकम दी थी.
- शिखर धवन का सनराइजर्स हैदराबाद से दिल्ली कैपिटल्स जाना रविचंद्रन अश्विन का पंजाब से दिल्ली और फिर राजस्थान जाना भी बड़ी ट्रेड डील्स में गिना जाता है.
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