यूक्रेन ने रूस पर बरसाए बम, इंडस्ट्री को निशाने पर लिया गया; लंबी दूरी के हमले भी तेज
रूस के दक्षिण-पश्चिमी समारा क्षेत्र में शनिवार को बड़े पैमाने पर यूक्रेनी हमला हुआ। इस हमले में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। रूस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बांग्लादेशी पीएम अगले हफ्ते आ सकते हैं भारत, दिल्ली-ढाका संबंधों के लिए क्यों अहम है तारिक रहमान की ये यात्रा?
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 20 से 25 अगस्त के बीच भारत आ सकते हैं. 'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि उनकी भारत यात्रा की तारीखों पर ढाका और नई दिल्ली के बीच बातचीत चल रही है. यह घटनाक्रम बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की 11 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सामने आया है. 'द डेली स्टार' ने नई दिल्ली में एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया, "दोनों पक्ष द्विपक्षीय यात्रा के लिए इच्छुक रहे हैं, लेकिन शेड्यूल एक मुद्दा था. विभिन्न कार्यक्रमों पर विचार करने के बाद, दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी 20 से 25 अगस्त के बीच के कार्यक्रम पर सहमत होने के करीब पहुंच गए हैं."
दोनों देशों के संबंधों पर क्या होगा रहमान का यात्रा का असर?
बता दें कि सत्ता से हटाई गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बांग्लादेश और भारत के बीच राजनयिक तनाव के माहौल में यह प्रस्तावित यात्रा काफी अहम माना जा रही है. हसीना ने पहले बांग्लादेश लौटने का संकल्प लिया था और कहा था कि उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है, लेकिन "डर उनके कर्तव्य को तय नहीं कर सकता". बांग्लादेश लौटने पर उन्होंने कहा, "मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश को विकास और धर्मनिरपेक्षता की राह पर वापस लाने के लिए है. मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी हत्या कर सकते हैं."
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आपत्ति जता चुका है बांग्लादेश
इस बीच, पिछले दिनों दिल्ली में हुई शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ढाका ने कड़ी आपत्ति जताई. हालांकि, नई दिल्ली ने खुद को इस कार्यक्रम से अलग कर लिया और कहा कि इसका आयोजन एक "निजी मीडिया संस्था" ने किया था. बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच आपसी संबंधों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि लोगों के बीच का जुड़ाव ही– जो साझा उम्मीदों और आपसी सद्भावना पर टिका है. इस मजबूत दोस्ती की असली धड़कन है." त्रिवेदी के अनुसार, दोनों देश व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और हेल्थकेयर जैसे अहम क्षेत्रों में अपने संबंधों को आगे बढ़ा रहे थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोली थीं हसीना?
नई दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो सालों से वह अपने प्यारे बांग्लादेश को मुश्किलों में घिरे हुए देख रही थीं; यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे उन्होंने बनाया था और न ही यह वह बांग्लादेश है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपनी जान दी थी. उन्होंने कहा, "मैं जुलाई और अगस्त 2024 की सच्चाई से अपनी बात शुरू करना चाहती हूं. यह छात्रों का कोई शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं था. शुरू से ही मेरी सरकार ने बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए इस मुद्दे को शांति से सुलझाने की कोशिश की. लेकिन सुधार की बात की आड़ में, कुछ संगठित समूह छात्रों की मांगों को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने की कोशिश कर रहे थे."
बता दें कि बांग्लादेश में 2024 में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के दो साल पूरे होने पर बात करते हुए शेख हसीना ने कहा, "खुद मुहम्मद यूनुस ने कहा था कि यह एक बहुत सोच-समझकर चलाया गया आंदोलन था, जिसकी अगुवाई एक मास्टरमाइंड कर रहा था. उनके अपने शब्द ही सच्चाई को उजागर करते हैं. यह सिर्फ़ छात्रों का अचानक शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन नहीं था. इसमें कोई साफ या जिम्मेदार नेतृत्व नहीं था, बल्कि निर्देश पर्दे के पीछे से दिए जा रहे थे; इसे संगठित और निर्देशित किया गया था और इसका इस्तेमाल बैलेट बॉक्स के बाहर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए किया गया था."
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