Explainer: क्या आप जानते हैं पद्मनाभस्वामी मंदिर में सातवां दरवाजा क्यों नहीं खुलता? जानें इसके पीछे क्या है गहरा रहस्य
Padmanabhaswamy Temple: भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो अपनी धार्मिक परंपरा के साथ-साथ रहस्यों के लिए भी प्रसिद्ध हैं. इन्हीं में से एक है पद्मनाभस्वामी मंदिर. केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित यह मंदिर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप को समर्पित है. यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, अपार संपत्ति और रहस्यमयी तहखानों के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय रहा है. पद्मनाभस्वामी मंदिर के 6 दरवाजों के बारे में तो काफी जानकारी सामने आ चुकी है, लेकिन एक दरवाजा ऐसा है जिसे लेकर आज भी रहस्य बरकरार है. इसे आमतौर पर "सातवां दरवाजा" या "वॉल्ट बी" (Vault B) कहा जाता है. यह वही दरवाजा है जिसे आज तक नहीं खोला गया है. इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं, लोककथाओं और ऐतिहासिक दावों का ऐसा मिश्रण है जिसने लोगों की उत्सकता को और बढ़ा दिया है.
आखिर क्या है पद्मनाभस्वामी मंदिर?
पद्मनाभस्वामी मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित वैष्णव मंदिरों में गिना जाता है. माना जाता है कि यह मंदिर हजारों वर्षों पुराना है. मंदिर का संचालन लंबे समय तक त्रावणकोर राजघराने के संरक्षण में होता रहा. यह मंदिर खास तौर से तब चर्चा में आया जब साल 2011 में इसके कई गुप्त दरवाजों को खोला गया. इन दरवाजों से सोना, हीरे, जवाहरात, प्राचीन आभूषण, स्वर्ण मूर्तियां और कई अनोखी कलाकृतियां मिलीं, विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुनिया के सबसे मशहूर धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है.
कितने हैं मंदिर में गुप्त तहखाने?
मंदिर में कुल छह प्रमुख तहखानों की पहचान की गई थी, जिन्हें A, B, C, D, E और F नाम दिया गया. इनमें से अधिकांश दरवाजों का निरीक्षण किया गया और उनमें रखी गई संपत्ति का आकलन भी हुआ. लेकिन वॉल्ट बी यानी वह रहस्यमयी दरवाजा आज भी बंद है. यही वजह है कि इसे कई लोग सातवां दरवाजा भी कहते हैं. हालांकि तकनीकी रूप से यह एक खास तहखाना है, लेकिन इसके बंद रहने की वजह से इसे रहस्य का प्रतीक माना जाता है.
क्यों नहीं खोला गया सांतवा दरवाजा?
इस सवाल का कोई आधिकारिक और स्पष्ट उत्तर आज तक सामने नहीं आया है. हालांकि इसके पीछे कई धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. मंदिर के कुछ पुजारियों और परंपरा से जुड़े लोगों का कहना है कि यह दरवाजा साधारण ताले से बंद नहीं होता है, बल्कि इसे खास मंत्रों की शक्ति से सुरक्षित रखा जाता है. लोककथाओं के अनुसार, इस द्वार को केवल विशेष आध्यात्मिक विधि से ही खोला जा सकता है. कुछ मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि यदि इसे जबरदस्ती खोला गया तो बड़ी प्राकृतिक या आध्यात्मिक आपदा आ सकती है. हालांकि इन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
दरवाजे पर नहीं है कोई ताला?
वॉल्ट बी को लेकर सबसे रोचक बात यह बताई जाती है कि इसके प्रवेश द्वार पर सामान्य ताला या कुंडी दिखाई नहीं देती. दरवाजे पर नागों की आकृतियां बनी हुई हैं. हिंदू परंपरा में नागों को सुरक्षा और रहस्य का प्रतीक माना जाता है. कई लोगों का विश्वास है कि यह द्वार नाग बंधन नामक किसी प्राचीन आध्यात्मिक सुरक्षा प्रणाली से जुड़ा हुआ है. यही कारण है कि इस दरवाजे को लेकर रहस्य और भी गहरा हो जाता है. हालांकि इतिहासकार और पुरातत्व विशेषज्ञ इन कथाओं को धार्मिक परंपराओं का हिस्सा मानते हैं और इनके पीछे ठोस ऐतिहासिक साक्ष्य नहीं मानते.
क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं?
धार्मिक कथाओं के अनुसार इस कक्ष में भगवान पद्मनाभ की विशेष ऊर्जा और मंदिर की अत्यंत पवित्र वस्तुएं सुरक्षित हो सकती हैं. कुछ श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थान साधारण मानव हस्तक्षेप के लिए नहीं बनाया गया. मंदिर की परंपराओं का पालन करने वाले लोग मानते हैं कि सदियों से जो व्यवस्था चली आ रही है, उसे बदलना उचित नहीं होगा. इसलिए वॉल्ट बी को बंद ही रहने दिया जाना चाहिए.
क्या कभी खोलने की कोशिश हुई थी?
साल 2011 में जब मंदिर की संपत्ति का सर्वेक्षण किया गया था, तब वॉल्ट बी को भी खोलने पर विचार हुआ था. लेकिन बाद में धार्मिक आपत्तियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण इस पर रोक लगा दी गई. इसके बाद भी समय-समय पर इस तहखाने को खोलने की मांग उठती रही. कुछ लोग इसके भीतर मौजूद संभावित खजाने के बारे में जानना चाहते हैं, जबकि अन्य लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखते हैं. कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी इस विषय पर कई बार चर्चा हुई, लेकिन आज तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया.
क्या वास्तव में अंदर छिपा है खजाना?
इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है. क्योंकि वॉल्ट बी के अंदर क्या है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. कुछ लोग मानते हैं कि वहां सोने-चांदी और बहुमूल्य रत्नों का विशाल भंडार हो सकता है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह केवल एक धार्मिक कक्ष हो सकता है, जिसमें खास पूजा सामग्री या ऐतिहासिक दस्तावेज रखे गए हों. जब तक यह कक्ष नहीं खुलता, तब तक इसके भीतर मौजूद चीजों के बारे में केवल अनुमान ही लगाए जा सकते हैं.
इतिहास और रहस्य के बीच फंसी सच्चाई
पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा भारत के सबसे चर्चित रहस्यों में से एक बन चुका है. एक ओर आधुनिक विज्ञान और इतिहास इसकी वास्तविकता जानना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों श्रद्धालु इसे आस्था और परंपरा का विषय मानते हैं. यही कारण है कि यह रहस्य आज भी अनसुलझा है. मंदिर के अन्य तहखानों से मिले खजाने ने लोगों की जिज्ञासा को और बढ़ा दिया है, लेकिन वॉल्ट बी अब भी अपने भीतर के रहस्यों को दुनिया से छिपाए हुए है.
यह भी पढ़ें: Explainer: जगन्नाथ भगवान के रथ का हर हिस्सा खास, रस्सी से लेकर सुदर्शन चक्र तक की है अपरंपार महिमा, जानें कहानी
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
'मुझ में कमी नहीं, बस जल्दी बच्चा चाहिए', 35 की उम्र में IVF से मां बनेंगी एक्ट्रेस, बताई प्रेग्नेंसी जर्नी
Anushka Ranjan on IVF: बॉलीवुड एक्ट्रेस और मॉडल अनुष्का रंजन इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने पति आदित्य सील (Aditya Seal) संग मिलकर प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी. वहीं, अब अनुष्का ने खुलासा किया है कि वो IVF से मां बनने वाली हैं. हालांकि एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि वो नैचुरली भी प्रेग्नेंट हो सकती थी. तो फिर अनुष्का ने ये फैसला क्यों लिया, चलिए जानते हैं इस बारे में-
कंसीव नहीं कर पा रही थी अनुष्का
अनुष्का रंजन ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में IVF के बारे में बात की. एक्ट्रेस ने कहा- 'मैं काफी समय से कंसीव करने की कोशिश कर रही थीं. पर हो नहीं पा रहा था. फिर मेरी बहन के कहने पर हम डॉक्टर से मिले. हमारे सारे चेकअप हुए. रिपोर्ट्स नॉर्मल थीं. मेरे एग्स की क्वालिटी ठीक थी. आदित्य के स्पर्म की क्वालिटी भी बढ़िया थी. सबुकछ नॉर्मल होने के बावजूद कंसीव नहीं हो रहा था. मैं बच्चे के लिए मेंटली रेडी थी. मुझे जल्दी से जल्दी बच्चा चाहिए. नेचुरली कंसीव करने में पता नहीं कितना टाइम लगता.'
क्यों अनुष्का ने चुना IVF?
अनुष्का ने बताया कि उन्हें जल्द से जल्द बच्चा चाहिए था और वो नैचुरल प्रेग्नेंसी का इंतजार नहीं कर पा रही थी. ऐसे में डॉक्टर ने उन्हें IVF की सलाह थी. अनुष्का ने अपने व्लॉग में बताया- 'डॉक्टर ने कहा कि अगर आप बच्चे के लिए इंतजार नहीं करना चाहतीं, तो हमें IVF की ओर जाना चाहिए. डॉक्टर ने कहा कि आप में कुछ कमी नहीं है, लेकिन IVF से भी बच्चा किया जा सकता है.' वहीं, अब एक्ट्रेस के इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है.
ये भी पढ़ें- 'मेरी मां भी शो देखकर...' आकाश मखीजा को मिल रही जान से मारने की धमकी, 'Rakh' में एक्टर की हैवानियत देख भड़के लोग!
IVF को एक टैबू बना हुआ- अनुष्का
अनुष्का ने बताया कि कई लोग IVF को केवल फर्टिलिटी प्रॉब्लम से जोड़कर देखते हैं, जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता. उन्होंने कहा कि आज के समय में कई महिलाएं अपने करियर, उम्र और फैमिली प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए ये ऑप्शन चुनती हैं. वहीं, अनुष्का ने कहा- 'हमारे देश में IVF को लेकर एक टैबू बना हुआ है. जब मैं हॉस्पिटल जाती थी, तो देखती थी कि लोग मुंह छिपा रहे हैं. क्यों भाई हम महिला हैं, हमें मुंह नहीं छिपाना चाहिए. हमें एक-दूसरे का सपोर्ट बनना चाहिए, IVF में गलत क्या है.'
प्रेग्नेंसी जर्नी में झेला दर्द
अनुष्का ने व्लॉग में अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि IVF का प्रोसेस उनके लिए काफी दर्द भरा रहा है. लगातार टेस्ट, इंजेक्शन, डॉक्टर विजिट की वजह से वो मानसिक तनाव से भी गुजरी. एक्ट्रेस ने कहा- 'मैं सच बताऊं IVF आसान नहीं है. मैंने कम से कम 150 इंजेक्शन लिए हैं. जब आदित्य मुझे इंजेक्शन लगाते थे, तो मैं दर्द से चीख पड़ती थी. चल नहीं पाती.' हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि उनके पति आदित्य सील हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे. आदित्य के सपोर्ट की वजह से ही वो इस पूरी प्रक्रिया को कर पाई. वहीं, उनकी फैमिली ने भी उन्हें सपोर्ट किया.
पिछले महीने दी थी खुशखबरी
बता दें, अनुष्का रंजन और आदित्य सील ने पिछले महीने ही सोशल मीडिया पर अपनी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया था. कपल ने मैटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें शेयर करते हुए फैंस को यह खुशखबरी दी थी. दोनों ने बताया था कि वे अपने पहले बच्चे का इंतजार कर रहे हैं. तस्वीरों में अनुष्का बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आई थीं, जबकि आदित्य की टी-शर्ट पर 'Baap' लिखा हुआ था. इन तस्वीरों को फैंस और बॉलीवुड सितारों ने खूब पसंद किया था. अनुष्का रंजन के वर्कफ्रंट की बात करे तो वे लंबे समय से फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. वो फिल्मों के अलावा सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट के जरिए भी अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं.
ये भी पढ़ें- धर्मेंद्र की मौत के बाद पैपराजी पर भड़के थे सनी देओल, अब भाई बॉबी ने कहा- ''कोई नहीं सोचता, किस दर्द से गुजर रहे'
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation