यशस्वी जायसवाल छोड़ेंगे राजस्थान रॉयल्स, जानिए किस टीम में कौन से खिलाड़ियों से किए जाएंगे ट्रेड
Yashasvi Jaiswal : इंडियन क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल क्रिकेट के मैदान पर लगातार धमाल रहे हैं. यशस्वी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की है. अब आईपीएल 2027 में पहले वो अपने टीम को बदल सकते हैं, अब सवाल उठता है कि यशस्वी जायसवाल राजस्थान रॉयल्स को छोड़कर किस टीम में जाएंगे और कौन सी टीम के किस खिलाड़ी से ट्रेड किए जाएंगे. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
यशस्वी जायसवाल छोड़ेंगे राजस्थान रॉयल्स का साथ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज और रियान पराग के बाद टीम की कप्तानी करने के प्रबल दावेदार यशस्वी जायसवाल आईपीएल 2027 के लिए ट्रेड किए जा सकते हैं. आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक मुंबई इंडियंस राजस्थान रॉयल्स से यशस्वी जायसवाल को ट्रेड कर सकती है.
किस खिलाड़ियों को कौन सी टीम में रिप्लेस करेंगे यशस्वी
दरअसल, रेव स्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यशस्वी जायसवाल को हार्दिक पांड्या के बदले मुंबई इंडियंस राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड कर सकती है. बता दें कि, आईपीएल 2026 की समाप्ति के बाद से ही हार्दिक पांड्या के मुंबई इंडियंस को छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं. इसके साथ ही मुंबई इंडियंस हार्दिक को ट्रेड करने पर विचार कर रही है.
???? HARDIK × YASHASVI TRADE IN PLACE ????
— Maina Singh (@Maina_Singhx77) June 19, 2026
Hardik Pandya and Yashasvi Jaiswal trade talks going on between Mumbai Indians & Rajasthan Royals - If everything goes well then both players will be playing for new teams in IPL 2027.
[Via - Subhayan Chakraborty] pic.twitter.com/pAhjmNGTcX
हार्दिक पांड्या के नाम कई आईपीएल टीमों के साथ जुड़ चुका है, जिससे में ट्रेड हो सकते हैं. इन टीमों में चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों का नाम शामिल है. इन सभी टीमों को मजबूत कप्तान की जरूरीत है. हार्दिक अपनी कप्तानी में पहली बार में ही गुजरात टाइटंस को साल 2022 में चैंपियन बना चुके थे. इसके बाद उन्होंने 2023 में अपनी टीम को फिर से फाइनल में पहुंचाया था.
मुबंई इंडियंस ने हार्दिक पांड्या को गुजरात टाइटंस से अपने साथ जोड़ा था और रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाकर आईपीएल 2024 में कप्तान बना दिया था. उसके बाद से टीम का प्रदर्शन लगातार खबरा रहा और टीम ट्रॉफी तो दूर फाइनल में भी नहीं पहुंच पाई. इसकी वजह मुंबई इंडियंस की टीम में सीनियर खिलाड़ियों के बीच पड़ी फूट को बताया जा रहा है.
अब यशस्वी जायसवाल अगर हार्दिक से ट्रेड होकर मुंबई इंडियंस में जाते हैं तो ये राजस्थान रॉयल्स के एक बड़ा झटका होगा. वहीं मुंबई इंडियंस के लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकता है. जायसवाल घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से खेलते हैं. ऐसे में वो मुंबई के वानखेडे़ स्टेडियम से भली भांति परिचित हैं, जो मुंबई इंडियंस का होम ग्राउंड है. इसके साथ ही यशस्वी के आईपीएल आंकड़े भी शानदार हैं.
यशस्वी जायसवाल का आईपीएल करियर
यशस्वी जायसवासल ने अपना आईपीएल डेब्यू किया था.
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Explainer: कतर के ‘गिफ्ट’ विमान से उड़ेंगे ट्रंप! VC-25B Bridge क्या है, क्यों मचा है विवाद और कितना खास है नया एयर फोर्स वन?
Explainer: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति और अमेरिकी घरेलू विमर्श के केंद्र में जगह बना ली है. इस बार वजह कोई चुनावी बयान या विदेश नीति नहीं, बल्कि कतर के शाही परिवार की ओर से उपहार में मिला एक बेहद आधुनिक और लग्जरी विमान है. जी हां ये बोइंग 747-8 पर आधारित है. बता दें कि इस विमान को अब अमेरिकी वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है और इसे VC-25B Bridge नाम दिया गया है.
मैरीलैंड में आयोजित विशेष समारोह में ट्रंप ने इस विमान का अनावरण किया. इस विमान को “उड़ता हुआ व्हाइट हाउस” बताया. हालांकि इस विमान के शामिल होने के साथ ही इसकी उपयोगिता, लागत और विदेशी उपहार को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है. VC-25B Bridge क्या है, क्यों मचा है विवाद और कितना खास है नया एयर फोर्स वन?
NEW AIR FORCE ONE! ✈️???????? pic.twitter.com/8DcY6ZErsy
— The White House (@WhiteHouse) June 19, 2026
क्या है VC-25B Bridge?
VC-25B Bridge मूल रूप से एक बोइंग 747-8 इंटरकॉन्टिनेंटल जेट है, जो पहले कतर के शाही परिवार के उपयोग में था. बाद में इसे अमेरिका को सौंपा गया और अमेरिकी वायुसेना ने इसे राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में तैयार किया.
क्यों पड़ी इस विमान की जरूरत?
अब सवाल उठता है कि पहले से ही अमेरिका के पास एयरफोर्स वन विमान तो था तो फिर इस विमान की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल यह विमान फिलहाल उस अंतर को भरने के लिए लाया गया है, जो नए एयर फोर्स वन विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी के कारण पैदा हुआ है. बोइंग की ओर से तैयार किए जा रहे नए राष्ट्रपति विमान 2028 से पहले मिलने की संभावना नहीं है.
क्यों कहा जा रहा है ‘उड़ता हुआ व्हाइट हाउस’?
राष्ट्रपति ट्रंप ने विमान का अनावरण करते हुए कहा कि यह केवल एक विमान नहीं बल्कि एक चलता-फिरता कमांड सेंटर है. इसमें राष्ट्रपति की सुरक्षा, संचार और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं.
विमान में सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम, कॉन्फ्रेंस रूम, विशेष कार्यालय, विश्राम कक्ष और आपातकालीन परिस्थितियों में संचालन की क्षमताएं मौजूद हैं. यही वजह है कि इसे “फ्लाइंग व्हाइट हाउस” कहा जा रहा है.
पुराने एयर फोर्स वन से कितना अलग?
अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति जिन विमानों का उपयोग करते थे, उनकी पहचान हल्के आसमानी और सिल्वर रंग की विशेष डिजाइन से होती थी. लेकिन VC-25B Bridge का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया गया है.
ट्रंप की पसंद के अनुरूप इसमें नेवी ब्लू, लाल और सफेद रंग का नया संयोजन दिया गया है. विमान के निचले हिस्से में गहरा नीला रंग, बीच में चमकीली पट्टी और पीछे अमेरिकी ध्वज लगाया गया है.
विमान के प्रवेश द्वार के पास राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर भी अंकित की गई है, जिससे इसकी विशिष्ट पहचान बनती है.
किसी आलीशान महल जैसा
ट्रंप का नया एयरफोर्स वन विमान बाहर से देखने में जितना विशाल है, अंदर से उतना ही आलीशान है. इसकी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं. जिसमें आप देख सकते हैं कि किस तरह की लाइटिंग और इंटीरियर का इस विमान में किया गया है जो किसी महल या 7 स्टार होटल का फील देता है.
Trump brags new AF1 'luxury not seen even outside a plane'
— RT (@RT_com) June 20, 2026
That bed looks perfect for all-night posting pic.twitter.com/6f9hspW5Fb
अपग्रेड पर खर्च हुए 3,300 करोड़ रुपये
हालांकि विमान अमेरिका को उपहार के रूप में मिला था, लेकिन इसे राष्ट्रपति के उपयोग योग्य बनाने के लिए बड़े पैमाने पर संशोधन किए गए.
सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, आधुनिक संचार उपकरण लगाने, आंतरिक संरचना बदलने और सैन्य मानकों के अनुरूप तैयार करने पर करीब 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,300 करोड़ रुपये) खर्च किए गए.
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति के विमान को केवल आरामदायक बनाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तरह सक्षम बनाना पड़ता है.
विदेशी उपहार पर क्यों उठ रहे सवाल?
कतर से मिले इस विमान को लेकर अमेरिकी राजनीति में विवाद भी पैदा हो गया है. आलोचकों का तर्क है कि किसी विदेशी सरकार या शाही परिवार से मिला इतना महंगा उपहार हितों के टकराव और पारदर्शिता से जुड़े सवाल खड़े कर सकता है.
विपक्षी नेताओं और कुछ नीति विशेषज्ञों ने पूछा है कि क्या किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा दिया गया विमान अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक उपयोग के लिए स्वीकार किया जाना उचित है.
हालांकि ट्रंप समर्थकों का कहना है कि विमान अब पूरी तरह अमेरिकी सरकार के स्वामित्व में है और इसे सभी कानूनी एवं सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही सेवा में शामिल किया गया है.
ट्रंप ने निजी उपयोग की अटकलों को किया खारिज
विमान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पद छोड़ने के बाद वह इस विमान का निजी इस्तेमाल नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने पर यह विमान राष्ट्रपति पुस्तकालय (Presidential Library) या सरकार के नियंत्रण में रहेगा. उनके अनुसार, यह राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका उपयोग देश के हित में ही किया जाएगा.
यही नहीं नए एयरफोर्स वन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक और बड़ी बात कही गई. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ विमान नहीं है बल्कि अमेरिका की शक्ति और गौरव का प्रतीक भी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति की नई पहचान बनेगा विमान?
VC-25B Bridge केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि अमेरिका की शक्ति, तकनीकी क्षमता और राष्ट्रपति पद की प्रतिष्ठा का प्रतीक बनने जा रहा है. जब तक नए एयर फोर्स वन विमान तैयार नहीं हो जाते, तब तक यही विमान अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक यात्राओं का प्रमुख माध्यम रहेगा.
ऐसे में यह विमान न केवल ट्रंप प्रशासन की पहचान बनेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में अमेरिकी राष्ट्रपति की वैश्विक मौजूदगी का भी अहम हिस्सा साबित हो सकता है. फिलहाल इसकी भव्यता, लागत और राजनीतिक विवाद तीनों इसे दुनिया की सबसे चर्चित हवाई परियोजनाओं में शामिल कर चुके हैं.
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