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Assam में 1.5 लाख करोड़ रुपये का होगा बुनियादी ढांचा निवेश: Himanta Biswa Sarma

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य में पूंजीगत व्यय के रूप में अगले पांच वर्षों में 1.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिसमें से 50,000 करोड़ रुपये राज्य के अपने संसाधनों से जुटाए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों से आकर असम में बसे और यहां की संस्कृति में घुल-मिल चुके लोगों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृके रूप में ‘असमिया’ दर्ज कराएं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बराक घाटी के लोग और आदिवासी इस श्रेणी में अपनी-अपनी भाषाओं का उल्लेख कर सकते हैं।

बराक घाटी में मुख्य रूप से बांग्ला भाषी आबादी रहती है। मुख्यमंत्री के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद, स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में शर्मा ने कहा, ‘‘2047 तक ‘विकसित असम’ के निर्माण के लिए, हम पूंजीगत व्यय में 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। अगले चार वर्षों में सड़कों, स्कूलों, शहरीकरण, ग्रामीण विकास आदि में निवेश का असर दिखाई देने लगेगा और यह हमारे अपने कोष से होगा।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘हम केंद्र सरकार से अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।

राज्य बुनियादी ढांचे पर 2026 से 2031 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा।’’ उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था एक दशक में तीन गुना हो गई है। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित टाटा संयंत्र का संदर्भ देते हुए कहा राज्य अब ‘‘चाय’’ से लेकर सेमीकंडक्टर की ‘‘चिप’’ तक के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए ‘अरुणोदय’ जैसी योजनाएं, पारदर्शी तरीके से 1.65 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना और प्रशासन का डिजिटलीकरण जैसे कदम पिछले पांच वर्षों में उठाए गए हैं, जिनसे राज्य की छवि में बदलाव आया है।

शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतराओं का अनिवार्य रूप से गायन किया जाना इस अवसर को और खास बनाता है। उन्होंने पूर्व में वंदे मातरम् के संक्षिप्त संस्करण के गायन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘‘अपने राजनीतिक हित के लिए कांग्रेस के एक वर्ग के नेताओं ने इसे खंडित कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही इस गीत के सभी छह छंदों को राष्ट्रगान के समान दर्जा दिया गया है।’’ हाल में आई बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी।

उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), वायुसेना और थलसेना की ओर से दी गई सहायता की सराहना की। उन्होंने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों, छात्र संगठनों और आम लोगों की ओर से मिले सहयोग की भी प्रशंसा की। शर्मा ने एक नवंबर से बाल विवाह के खिलाफ 30 दिन का विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक नाबालिगों की शादियों और बहुविवाह को खत्म नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में बाल विवाह के खिलाफ 12,196 मामले दर्ज किए गए हैं और 11,196 गिरफ्तारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने ‘जेन-जी’ और ‘जेन-अल्फा’ की अवधारणाओं को ‘‘यूरोपीय’’ कहकर खारिज करते हुए एक नए युवा विकास और अधिकारिता विभाग के गठन की घोषणा की जो युवाओं के कौशल संवर्धन और सर्वांगीण विकास के लिए काम करेगा।

उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों की शिक्षा में निवेश करने का भी आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और इतिहास से प्रेरणा लेने तथा आत्मनिर्भर असम के निर्माण के लिए काम करने का आह्वान किया। शर्मा ने आठ नए सह-जिलों के गठन और लंबित सरकारी फाइल का निपटारा युद्ध स्तर पर करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अहोम वंश के स्वर्गदेव चाओलुंग सुकाफा के आगमन के 800 वर्ष पूरे होने पर स्मरणोत्स्व मनाएगा। अहोम वंश ने 600 वर्षों तक असम पर शासन किया था और उसे राज्य के पहले एकीकरण का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक शासकों के खिलाफ गोमधर कोंवर के विद्रोह के 200 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा की हालिया उपलब्धियों की सराहना करते हुए शर्मा ने कहा कि ‘खेल महारण’ के तीसरे संस्करण का आयोजन भव्य तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिह्नित खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कॉरपोरेट संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा।

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PM Modi ने लालकिले से Viksit Bharat 2047 का रोडमैप पेश किया, AI कौशल पर दिया जोर

(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 15 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण, शिक्षा, खेल, नागरिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला नेतृत्व वाले विकास को शामिल करने वाली कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए अपना रोडमैप भी प्रस्तुत किया। मोदी ने 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर 100 गीगावाट करने का लक्ष्य भी रखा।

उन्होंने अधिक सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाने की योजनाओं की घोषणा की और कहा कि सरकार छह करोड़ ‘‘लखपति दीदियां’’ बनाने का लक्ष्य रखेगी, जो उसके पहले के लक्ष्य से दोगुना है। इन घोषणाओं को सुधारों में तेजी लाने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में पेश किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अगले पांच से सात वर्षों में वह हासिल करना होगा, जिसे वह पिछले पांच से सात दशकों में हासिल नहीं कर सका।

मोदी ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज का दौर एआई, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर का है।” उन्होंने कहा कि भारत को केवल वैश्विक तकनीक का बाजार नहीं बनना चाहिए, बल्कि नवाचार का केंद्र बनकर उभरना चाहिए। मोदी ने कहा कि भारत ने यूपीआई और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के जरिए अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है और अब उसे 6जी समेत अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की ताकि उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हो सके। उन्होंने कहा मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ कोचिंग कक्षाएं बहुत बड़ा बोझ बन चुकी हैं। मोदी ने कहा, ‘‘हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्लास में नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं।

इन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की हम चिंता करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रणाली भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षकों और उपलब्ध प्रतिभाओं को एक साथ लाकर ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों को अपने घरों के करीब रहते हुए पढ़ाई करने में मदद मिलेगी और परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा। मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चयनित बच्चों का आकलन किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम खिलाड़ी बनाया जा सके। मोदी ने कहा कि ओलंपिक में लगभग 325-350 स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन भारत इनमें से करीब दो-तिहाई स्पर्धाओं में भाग नहीं लेता या क्वालीफाई नहीं कर पाता। उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि 2036 तक हम कम से कम तीन चौथाई प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

हम देश के हर कोने में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्वस्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’ प्रधानमंत्री ने युद्ध के बदलते स्वरूप का उल्‍लेख करते हुए देश में एक सशक्त नागरिक सुरक्षा नेटवर्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक ही सीमित नहीं है और रिफाइनरियों, बैंकिंग क्षेत्र, डेटा केंद्रों, कारखानों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी प्रभावित कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली शताब्दी के युद्धों के अनुरूप विकसित नागरिक सुरक्षा व्यवस्थाएं अब पुरानी हो चुकी हैं। इसलिए नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और आधुनिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम एक विशाल स्वयंसेवी नागरिक सुरक्षा बल विकसित किया जाएगा। मोदी ने डिजिटल और तकनीकी जगत में सेमीकंडक्टर चिप्स की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्‍लेख किया और कहा कि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र पहले ही शुरू हो चुके हैं और इन संयंत्रों से उत्पादित वस्तुओं का निर्यात शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की ओर एक मार्ग बताया। मोदी ने चिप्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा केंद्रों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के बारे में बताते हुए ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा के महत्व का उल्‍लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इस दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है। मोदी ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान का उल्‍लेख करते हुए कहा कि तीन करोड़ लखपति दीदियों का पहले का लक्ष्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत अब छह करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि तीन करोड़ और लखपति दीदियों से महिला शक्ति के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक ‘‘बड़ा परिवर्तन’’ आएगा।

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भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने देवदत्त पडिक्कल के शानदार प्रदर्शन और टीम की WTC फाइनल 2026 की तैयारियों पर बात की. उन्होंने खिलाड़ियों की अनुकूलन क्षमता और चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर जोर दिया. #CricketNews #TeamIndia #WTC2026 #SitanshuGotak #DevduttPadikkal Sat, 15 Aug 2026 22:15:16 +0530

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