20 साल पहले 'खोसला का घोसला' देखकर जिस एक्टर के फैन हुए थे TVF के अरुणाभ कुमार, 'सपने वर्सेस एवरीवन' में आखिरकार मिला उसका साथ
Arunabh Kumar thanked ranveer Shorey: परंपरागत टीवी शोज़ से दूर रहने वाली आज की यंग जनरेशन तक पहुंचने के विज़न के साथ, TVF के फाउंडर अरुणाभ कुमार ने इंडियन डिजिटल एंटरटेनमेंट का पूरा चेहरा ही बदल दिया. उन्होंने भारत में वेब सीरीज और डिजिटल कंटेंट की एक तरह से शुरुआत की. डिजिटल स्पेस में एक से बढ़कर एक बेहतरीन कंटेंट बनाने के साथ-साथ उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को कई कमाल के टैलेंट्स भी दिए हैं.वैसे, एक एक्टर ऐसे भी हैं जिनके साथ काम करने की चाहत उनके मन में फिल्म 'खोसला का घोसला!' देखने के बाद से ही थी, और वो हैं रणवीर शौरी.
रणवीर शौरी वाकई एक लाजवाब एक्टर हैं और उन्होंने TVF की सीरीज 'सपने वर्सेस एवरीवन' में बेहद कमाल की परफॉर्मेंस दी है. अब जब उन्होंने इस सुपरहिट सीरीज के लिए TVF के साथ हाथ मिलाया है, तो फाउंडर अरुणाभ कुमार ने आखिरकार उनके साथ काम करने का मौका मिलने पर अपनी खुशी और थैंक्स जाहिर की है.
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"खोसला का घोसला" के टाइम से ही उनके साथ काम करने की ख्वाहिश थी और यहाँ @ranvirshorey हैं, थैंक्स @shreyansh.pandey @ashishrshukla"
अरुणाभ के TVF ने 'पंचायत', 'कोटा फैक्ट्री', 'गुल्लक', 'परमानेंट रूममेट्स', 'TVF पिचर्स' और 'TVF ट्रिपलिंग' जैसे कई ब्लॉकबस्टर शोज़ बनाए हैं, जिन्हें दुनिया भर में लोगों ने खूब पसंद किया है.
वेब कंटेंट की दुनिया में क्रांति लाने से लेकर आइकॉनिक कहानियाँ बनाने और नए टैलेंट को आगे बढ़ाने तक, TVF के फाउंडर अरुणाभ कुमार आज इंडिया की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं. उनका यह सफर दिखाता है कि एक सही विज़न, नए आइडियाज और बेहतरीन स्टोरीटेलिंग में कितनी ताकत होती है.
TVF ने लूटी पूरी महफिल
इसके अलावा, 'प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स' के इवेंट में अपनी धमाकेदार अनाउंसमेंट्स के साथ TVF ने सचमुच पूरी महफिल लूट ली. चाहे Vvan और 'कॉलेज फेस्ट' जैसी फिल्में हों, 'पिरामिड' और 'वंश' जैसे नए शोज़ हों, या फिर 'एस्पिरेंट्स', 'पंचायत', 'ग्राम चिकित्सालय', 'सपने वर्सेस एवरीवन' और 'संदीप भैया' के मोस्ट अवेटेड नए सीज़न्स हों, उनके पास हर तरह का जबरदस्त कंटेंट तैयार था. इस शानदार शोकेस ने TVF को उस रात का असली विनर बना दिया.
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पहली नौकरी और सीधे खाते में आए पैसे, पीएम मोदी ने युवाओं को दी 2400 करोड़ की बड़ी सौगात
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana Installment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री ने विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की.
इस खास अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के युवा लाभार्थियों और नियोक्ताओं से सीधा संवाद भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत अपनी युवा शक्ति के दम पर वैश्विक पटल पर नई पहचान बना रहा है. हाल ही में अपनी फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा तथा जी7 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े-बड़े नेता आज भारत के टैलेंट और स्किल की सराहना कर रहे हैं. यह योजना युवाओं की क्षमता को नए अवसरों में बदलने का काम करेगी.
#WATCH | Delhi: PM Narendra Modi says, "Once upon a time, there were only about 500 startups in the country. Today, there are over 2 lakh registered startups, and you'll find them in every district of the country. These figures give confidence that India's youth will lead the… https://t.co/4JRwk83U3q pic.twitter.com/aZspBzACxE
— ANI (@ANI) June 19, 2026
युवाओं और उद्योगों के बीच मजबूत सेतु
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ किया कि यह योजना केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का जरिया है. यह योजना युवाओं को कॉर्पोरेट जगत से जोड़ने और उद्योगों की जरूरत को पूरा करने के लिए एक मजबूत सेतु की तरह काम कर रही है. केंद्र सरकार ने इस पूरी योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है. सरकार का लक्ष्य अगले दो साल के भीतर देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार के नए अवसर तैयार करना है. आंकड़ों के अनुसार, इस योजना की मदद से करीब 1.92 करोड़ युवा पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनेंगे, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी.
पहली नौकरी पर मिलेंगे 15 हजार रुपये
इस योजना की शुरुआत 1 अगस्त 2025 को की गई थी और आज इसकी पहली किस्त जारी कर दी गई है. योजना के तहत पहली बार औपचारिक क्षेत्र में शामिल होने वाले कर्मचारियों को कुल 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. यह राशि दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. आज पहली किस्त के रूप में युवाओं के खाते में अधिकतम 7,500 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. अब तक इस योजना के माध्यम से 63 लाख से अधिक नए कर्मचारियों को ईपीएफओ से जोड़ा जा चुका है. बेहद गर्व की बात यह है कि इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक महिला कर्मचारी शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही हैं.
योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी शर्तें
सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की हैं. सबसे पहली शर्त यह है कि कर्मचारी की यह पहली नौकरी होनी चाहिए और उसका ईपीएफओ में पहली बार पंजीकरण होना चाहिए. इसके अलावा कर्मचारी की मासिक ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए. योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो 1 अगस्त 2025 या उसके बाद नौकरी में शामिल हुए हैं. एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि कर्मचारी को लाभ पाने के लिए कम से कम 6 महीने तक उसी कंपनी में लगातार नौकरी करनी होगी. जो युवा आज पहली किस्त पा चुके हैं, उन्हें दूसरी किस्त का लाभ तब मिलेगा जब वे अपनी कंपनी में 12 महीने का कार्यकाल पूरा कर लेंगे. यह पैसा भविष्य के लिए फिक्स डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित रहेगा.
नियोक्ताओं को भी मिलेगा बड़ा फायदा
यह योजना केवल नौकरी करने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली कंपनियों के लिए भी बेहद फायदेमंद है. युवाओं को रोजगार देने वाली कंपनियों को सरकार की तरफ से प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये तक की मासिक मदद दी जाएगी. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों को यह लाभ 4 साल तक मिलेगा, जबकि अन्य सेक्टर्स की कंपनियों को यह लाभ 2 साल तक दिया जाएगा. नियमों के अनुसार, 10 हजार रुपये तक की सैलरी पर 1,000 रुपये, 10 से 20 हजार की सैलरी पर 2,000 रुपये और 20 हजार से 1 लाख रुपये तक की सैलरी वाले नए कर्मचारी को रखने पर कंपनी को हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे. 50 या उससे कम कर्मचारियों वाली कंपनियों के लिए कम से कम 2 नए कर्मचारियों को रखना अनिवार्य है.
अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं
इस योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को बेहद आसान और पारदर्शी बनाया गया है. युवाओं को इसके लिए किसी अलग सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं है. जैसे ही कोई पात्र कर्मचारी किसी पंजीकृत कंपनी में ज्वाइन करता है और कंपनी की तरफ से उसका नया ईपीएफओ खाता खोला जाता है, वह अपने आप इस योजना के लिए पात्र हो जाता है. यह पैसा पात्रता शर्तों के पूरा होने के 45 दिनों के भीतर कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है. इसके लिए बैंक खाते का पैन कार्ड और आधार कार्ड से लिंक होना बेहद जरूरी है. यदि कोई कर्मचारी अपना यूएएन नंबर भूल गया है, तो वह ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आईडी प्रूफ के जरिए इसे आसानी से प्राप्त कर सकता है.
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