पूर्वोत्तर में आसमान से बरस रही आफत, अरुणाचल में 4 लोगों की मौत, 5 जवान लापता, सिक्किम में खतरों का पहाड़
Rain Havoc In Arunachal-Sikkim: पूर्वोत्तर भारत में मानसून की भारी बारिश ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अरुणाचल के दिबांग घाटी जिले में अचानक आई बाढ़ में सेना के दो अस्थायी आश्रय बह गए. हादसे में सात सैन्यकर्मी बह गए, जिनमें दो को बचा लिया गया, जबकि पांच अब भी लापता हैं. वहीं, अपर सुबनसिरी जिले में सड़क निर्माण स्थल पर भूस्खलन से चार लोगों की मौत हो गई. दूसरी ओर, पश्चिम सिक्किम के युक्साम में बड़े भूस्खलन के बाद 28 परिवारों के करीब 60 लोगों पर खतरा मंडरा रहा है.
गाय को रोटी खिलाना क्यों माना जाता है पुण्य का काम? जानें इसका धार्मिक महत्व और सही नियम
Gaay ko roti khilane ka mahatva: हिंदू धर्म में गाय को माता के समान पूजनीय और पवित्र माना जाता है, और इसी वजह से गाय को रोटी खिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि गाय में समस्त देवी-देवताओं का वास होता है, इसी कारण गौ सेवा को सबसे बड़े पुण्य कार्यों में गिना जाता है। यही वजह है कि आज भी अधिकतर हिंदू घरों में भोजन बनाने के बाद सबसे पहली रोटी गाय के लिए निकालने की परंपरा निभाई जाती है।
गाय को क्यों माना जाता है देवी-देवताओं का निवास स्थान?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गाय को कामधेनु का ही एक स्वरूप माना जाता है, जो समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुई एक दिव्य गाय थी और सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली शक्ति रखती थी। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि गाय के शरीर में ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसी मान्यता के चलते गाय की सेवा करने को समस्त देवताओं की पूजा करने के समान फलदायी माना जाता है।
इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण का गायों के साथ गहरा नाता भी गौ माता के प्रति श्रद्धा को और मजबूत करता है, क्योंकि उन्हें बचपन में गोपाल और गोविंद जैसे नामों से भी पुकारा जाता था।
रोटी खिलाने का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पितृ दोष जैसी समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालने की परंपरा से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती। इसके अलावा गुरुवार और अमावस्या के दिन गाय को रोटी खिलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
गाय को रोटी खिलाने का सही तरीका
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, गाय को रोटी खिलाते समय उसमें गुड़ या घी मिलाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सुबह के समय, खासकर स्नान करने के बाद गाय को रोटी खिलाना सबसे उत्तम होता है। इसके अलावा रोटी खिलाते समय मन में शुद्ध और श्रद्धा भाव रखना भी अत्यंत आवश्यक माना जाता है, क्योंकि बिना श्रद्धा के किया गया दान अधूरा माना जाता है।
गौ सेवा से जुड़ी अन्य मान्यताएं
धार्मिक परंपराओं में यह भी कहा जाता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से गौ सेवा करता है, उसके जीवन से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, गाय को हरा चारा, गुड़ और रोटी खिलाने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोष भी शांत होते हैं, विशेषकर शनि और राहु से जुड़े दोषों में यह विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
आज भी लाखों लोग निभाते हैं यह परंपरा
समय के साथ भले ही जीवनशैली में कई बदलाव आए हों, लेकिन गाय को रोटी खिलाने की यह परंपरा आज भी करोड़ों हिंदू परिवारों द्वारा श्रद्धापूर्वक निभाई जाती है। शहर हो या गांव, आज भी सुबह-शाम गाय को भोजन कराना कई घरों की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा माना जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। किसी भी उपाय या धार्मिक कर्मकांड को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विद्वान से सलाह अवश्य लें।
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