मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का हमला, जेलेंस्की बोले- रूस की युद्ध मशीन को बनाया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक हफ्ते में दूसरी बार मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा किया. जेलेंस्की ने कहा कि कि यूक्रेनी सेना ने एक बार फिर मॉस्को क्षेत्र समेत रूस के कई अहम ठिकानों पर सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं. जेलेंस्की ने इन हमलों को यूक्रेनी सेना की महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए कहा कि यह ठिकाने रूस की युद्ध मशीन को चलाने में मदद करते हैं.
मॉस्को और रोस्तोव क्षेत्र में लंबी दूरी के हमले
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''पिछली रात हमारी लंबी दूरी की कार्रवाइयां एक बार फिर मॉस्को क्षेत्र तक पहुंचीं. इस हफ्ते दूसरी बार मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. इसके अलावा, रोस्तोव क्षेत्र और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में भी लक्ष्यों पर हमला किया गया.''
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह रूस की ओर से हमारे शहरों और समुदायों पर किए जा रहे हमलों का पूरी तरह से जायज जवाब है. साथ ही यह उन ठिकानों के खिलाफ हमारी सेना की एक और महत्वपूर्ण सफलता है, जो रूस की युद्ध मशीन को चलाने में मदद करते हैं.
सुरक्षा बलों और खुफिया विभागों की सराहना
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा, ''मैं यूक्रेन की रक्षा और सुरक्षा बलों का उनके समन्वित प्रयासों के लिए धन्यवाद करता हूं, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा, मानव रहित प्रणाली बल, विशेष अभियान बल, रक्षा खुफिया विभाग और हमारी मिसाइल ब्रिगेड, जिन्होंने बेहद सटीकता के साथ अपना काम किया.''
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में हमारे सभी साझेदारों ने हमारी मध्यम दूरी और लंबी दूरी की कार्रवाइयों की सटीकता और प्रभावशीलता को नोट किया है. अब समय आ गया है कि यह युद्ध समाप्त हो और रूस को कूटनीतिक स्तर पर जरूरी कदम उठाने चाहिए.
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जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को मिला समर्थन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान बताया था कि जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों का महत्वपूर्ण समर्थन मिला है. रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की रक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदमों पर सहमति बनी.
स्रोत- आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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पीएम मोदी कई शीर्ष कंपनियों के सीईओ से मिले, भारत में बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कई शीर्ष कंपनियों के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें देश में तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम के बारे में जानकारी दी.
मिस्ट्रल एआई के सीईओ से एआई सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्ट्रल एआई के को-फाउंडर और सीईओ आर्थर मेन्श से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने भारत के बढ़ते एआई इकोसिस्टम में मौजूद मौकों के बारे में बताया. वहीं, मेन्श ने इनोवेशन को बढ़ावा देने और एआई क्षमताओं का विस्तार करने के लिए भारत के साथ सहयोग करने और भारतीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करने में मिस्ट्रल एआई की गहरी दिलचस्पी जाहिर की."
एल्स्टॉम के साथ रेल और मोबिलिटी आधुनिकीकरण पर बात
आगे प्रधानमंत्री मोदी ने एल्स्टॉम के सीईओ मार्टिन सियन से भी मुलाकात की और बातचीत मोबिलिटी और रेलवे के आधुनिकीकरण के मौकों पर केंद्रित रही.
जयसवाल के अनुसार, "प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में एल्स्टॉम के बड़े निवेश और मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी का जिक्र किया, जो नौकरियां पैदा करने और भारत के रेल सेक्टर के विकास में योगदान दे रहे हैं. सियन ने भारत में और विस्तार और निवेश के लिए एल्स्टॉम की योजनाओं के बारे में जानकारी दी."
सेंट-गोबेन के साथ कंस्ट्रक्शन सेक्टर में निवेश पर मंथन
प्रधानमंत्री ने सेंट-गोबेन के चेयरमैन और सीईओ बेनोइट बाजिन से मुलाकात की और बातचीत सामग्री और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में मौकों पर केंद्रित रही, जिसमें स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया गया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "पीएम मोदी ने भारत में सेंट-गोबेन की मजबूत मौजूदगी और निवेश का जिक्र किया, जिससे भारतीय युवाओं के लिए मौके बन रहे हैं. चेयरमैन और सीईओ बाजिन ने भारत में और निवेश और विस्तार के लिए सेंट-गोबेन की योजनाओं के बारे में बताया."
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पेरिस में भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत
इससे पहले दिन में, पीएम मोदी ने कहा कि "भारत-फ्रांस की साझेदारी धरती की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है".
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "कुछ देर पहले ही पेरिस पहुंचा, जहां भारतीय समुदाय के लोगों ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया. मुझे भारत और फ्रांस को करीब लाने की उनकी कोशिशों पर गर्व है. भारत-फ्रांस की साझेदारी हमारी धरती की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है."
स्रोत- आईएएनएस
एबीएस
डिस्कलेमर- हेडिंग, सबहेड और समरी को छोड़कर पूरी स्टोरी न्यूज एजेंसी IANS की है.
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