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Foreign Assets Disclosure Scheme: विदेशी संपत्ति छिपाई है? 16 अगस्त से मिलेगा खुलासा करने का मौका,जानें कैसे
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम, 2026 के नियम जारी कर दिए। यह एक बार मिलने वाली सुविधा है, जिसके तहत पात्र करदाता अपनी कुछ अघोषित विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी सरकार को दे सकेंगे। इस स्कीम की ऑनलाइन विंडो 16 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक खुली रहेगी।
किन लोगों को स्कीम मिलेगा फायदा
यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिन्होंने विदेशी संपत्ति या आय को इनकम टैक्स रिटर्न में घोषित नहीं किया। इसमें निवासी, गैर-निवासी और रेसिडेंट बट नॉट ऑर्डिनेरली रेसिडेंट (RNOR) भी शामिल हैं, बशर्ते संबंधित आय या संपत्ति वाले साल में वे भारत के निवासी रहे हों।
करदाता इस स्कीम का लाभ तब ले सकते हैं, जब उन्होंने- इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल ही नहीं किया हो। इसके अलावा दूसरी शर्त यह है कि रिटर्न दाखिल किया हो, लेकिन विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी नहीं दी हो। वहीं, ऐसी संपत्ति या आय हो, जिसे सामान्य स्थिति में असेसमेंट से बची हुई आय माना जा सकता है। घोषणा फॉर्म-1 के जरिए ऑनलाइन करनी होगी।
दो तरह की विदेशी संपत्ति पर अलग नियम
स्कीम में विदेशी संपत्ति और आय को दो श्रेणियों में बांटा गया है।
पहली श्रेणी: ऐसी विदेशी संपत्ति या आय, जिस पर पहले टैक्स नहीं दिया गया और उसे रिटर्न में भी नहीं दिखाया गया। इसकी कुल सीमा 1 करोड़ रुपए है। इस पर 30% टैक्स और उतनी ही अतिरिक्त राशि यानी प्रभावी तौर पर 60% भुगतान करना होगा।
उदाहरण के तौर पर अगर विदेशी बैंक खाते में 60 लाख रुपए और 20 लाख रुपए की अघोषित विदेशी आय है, तो कुल भुगतान 48 लाख रुपए तक हो सकता है।
दूसरी श्रेणी: ऐसी विदेशी संपत्ति, जिस पर पहले टैक्स दिया जा चुका है या संपत्ति उस समय खरीदी गई थी जब व्यक्ति भारत का निवासी नहीं था, लेकिन रिटर्न में उसका विवरण नहीं दिया गया। इसमें संपत्ति की सीमा 5 करोड़ रुपए है और केवल 1 लाख रुपए की फीस देनी होगी।
5 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वालों को लाभ नहीं
जिस करदाता की संबंधित विदेशी संपत्ति का मूल्य 5 करोड़ रुपए से ज्यादा है, वह इस स्कीम का फायदा नहीं उठा सकेगा। संपत्ति का मूल्यांकन आम तौर पर खरीद कीमत और 31 मार्च 2026 के बाजार मूल्य में जो ज्यादा होगा, उसके आधार पर किया जाएगा।
टैक्स जमा करने के लिए मिलेगा समय
फॉर्म-1 की जांच के बाद टैक्स विभाग एक महीने के भीतर फॉर्म-2 में भुगतान की राशि बताएगा। इसके बाद करदाता को दो महीने में भुगतान करना होगा। जरूरत पड़ने पर दो महीने की अतिरिक्त मोहलत मिल सकती है, लेकिन इस पर 1% प्रतिमाह साधारण ब्याज देना होगा। चार महीने की अधिकतम अवधि में भुगतान नहीं करने पर घोषणा का लाभ खत्म हो जाएगा।
विदेशी संपत्ति की घोषणा के बाद क्या राहत मिलेगी
सही तरीके से घोषणा और भुगतान करने पर करदाता को ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के तहत आगे के टैक्स, पेनल्टी और अभियोजन से राहत मिलेगी। घोषित रकम को कुल आय में भी शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि अपराध की कमाई से जुड़ी विदेशी संपत्ति या मनी लॉन्ड्रिंग जांच वाली संपत्ति पर यह स्कीम लागू नहीं होगी।
(प्रियंका कुमारी)
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