Iran-US Peace Deal: अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध हुआ खत्म, MoU पर दोनों देशों ने किया साइन, ट्रंप ने खुशी जाहिर करते हुए कहा- 'It's signed'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा वर्सेल्स में होस्ट किए गए डिनर के दौरान ईरान मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए।
US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान के बीच हस्ताक्षरित 14 सूत्रीय समझौता मसौदे मे क्या- क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से 14 सूत्रीय समझौता (MoU) संपन्न हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस द्विपक्षीय समझौते का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करना और व्यापारिक मार्गों को बहाल करना है।
1- अमेरिका ईरान और इस युद्ध में शामिल उनके साथी देश, इस समझौते पर दस्तखत करके लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई और सैन्य कार्यवाहियों को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान करते हैं। वे वादा करते हैं कि अब से वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई युद्ध या हमला शुरू नहीं करेंगे, न ही एक-दूसरे को डराएंगे या ताकत का इस्तेमाल करेंगे। वे लेबनान की सीमाओं और उसकी आज़ादी की रक्षा करेंगे। आखिरी समझौते में भी इन सभी बातों की पक्की पुष्टि की जाएगी।
2 - अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की आज़ादी और सीमाओं का सम्मान करने और एक-दूसरे के घरेलू या अंदरूनी मामलों में दखल न देने का वादा करते हैं।
3 - अमेरिका और ईरान आपस में बातचीत करके ज़्यादा से ज़्यादा 60 दिनों के भीतर आखिरी फैसला करने का वादा करते हैं। अगर दोनों देश चाहें, तो इस समय को आगे भी बढ़ा सकते हैं।
4 - इस समझौते पर दस्तखत होते ही, अमेरिका ईरान के खिलाफ की गई अपनी समुद्री घेराबंदी और रास्ते की रुकावटों को हटाना शुरू कर देगा, और 30 दिनों के भीतर इस घेराबंदी को पूरी तरह खत्म कर देगा। इस दौरान, जहाजों का आना-जाना उसी रफ्तार से शुरू होगा जैसा युद्ध से पहले था। इसके अलावा, अमेरिका आखिरी समझौता होने के 30 दिनों के भीतर ईरान के आस-पास के इलाकों से अपनी सेनाएं भी हटा लेगा।
5 - इस समझौते पर दस्तखत होते ही, ईरान अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगा कि व्यापारिक जहाज बिना किसी टैक्स के 60 दिनों तक फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक सुरक्षित आ-जा सकें। व्यापारिक जहाजों का आना-जाना तुरंत शुरू होगा। तकनीकी और सैन्य रुकावटों को हटाने व समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ करने के लिए ईरान को जो समय चाहिए, उसे देखते हुए इसे 30 दिनों के भीतर पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।
ईरान, अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ध्यान में रखते हुए, होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के इंतजामों और समुद्री सेवाओं को तय करने के लिए ओमान और खाड़ी के अन्य पड़ोसी देशों के साथ बातचीत करेगा।
6 - अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान को दोबारा बसाने और उसकी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की एक पक्की योजना बनाएगा। इस योजना को कैसे लागू किया जाएगा, इसका तरीका 60 दिनों के भीतर आखिरी समझौते में तय होगा। इस पैसे के लेन-देन के लिए जितने भी जरूरी लाइसेंस और मंजूरियों की जरूरत होगी, वे सब अमेरिका देगा।
7 - अमेरिका आखिरी समझौते के तहत तय समय के अनुसार ईरान पर लगे हर तरह के प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म करने का वादा करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका द्वारा अकेले लगाए गए सभी सीधे और अप्रत्यक्ष प्रतिबंध शामिल हैं।
ईरान और अमेरिका इन पाबंदियों को हटाने की बात को सबसे जरूरी मानते हैं और उन्होंने कहा है कि वे बातचीत में सबसे पहले इस मुद्दे को सुलझाएंगे।
8 - ईरान एक बार फिर साफ करता है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही हासिल करेगा। ईरान के पास पहले से मौजूद परमाणु सामग्री को ठिकाने लगाने के लिए दोनों देश सातवें पॉइंट के समय के अनुसार एक तरीका निकालेंगे। इसका सबसे सीधा तरीका यह होगा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (IAEA) की निगरानी में वहीं पर उस सामग्री की ताकत को घटाकर बेअसर किया जाएगा।
दोनों देश ईरान की परमाणु जरूरतों और युरेनियम को रिफाइन करने के मुद्दे पर भी आखिरी समझौते में बातचीत करने को तैयार हुए हैं। आखिरी समझौते में इन बातों की पक्की पुष्टि होगी।
9 - जब तक आखिरी फैसला नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका और ईरान जैसा है वैसा ही माहौल बनाए रखेंगे। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को अभी के स्तर पर ही रोके रखेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा, न ही इलाके में अपनी और सेना भेजेगा।
10 - अमेरिका वादा करता है कि इस समझौते पर दस्तखत होते ही और प्रतिबंधों के पूरी तरह खत्म होने तक, अमेरिकी खजाना विभाग ईरान को छूट देगा ताकि ईरान अपना कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और उससे बनी चीजें बेच सके। साथ ही इससे जुड़ी बैंकिंग सेवाएं, बीमा और जहाजों से माल भेजने की सुविधाएं भी चालू रहेंगी।
11 - अमेरिका, ईरान के रोके गए या जब्त किए गए पैसों और संपत्तियों को इस्तेमाल के लिए पूरी तरह वापस देगा। इस समझौते के लागू होते ही, दोनों देश बातचीत करके इन पैसों को रिलीज करने का तरीका तय करेंगे। यह पैसा चाहे पुराने खाते में हो या नए खाते में भेजा जाए, ईरान का केंद्रीय बैंक जिसे भी चाहेगा, उसे भुगतान करने के लिए इस पैसे का पूरा इस्तेमाल कर सकेगा। अमेरिका इसके लिए जरूरी सभी कानूनी कागजात और मंजूरियां जारी करेगा।
12 - अमेरिका और ईरान इस बात पर सहमत हैं कि इस समझौते को ठीक से लागू करने और भविष्य में आखिरी फैसले का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए एक टीम या सिस्टम बनाया जाएगा।
13 - इस समझौते पर दस्तखत होने के बाद, और पॉइंट नंबर 1, 4, 5, 10 और 11 पर काम शुरू होने और उनके लगातार जारी रहने की शर्त पर, अमेरिका और ईरान बाकी बचे हुए पॉइंटों पर आखिरी समझौते के लिए बातचीत शुरू करेंगे।
14 - इस आखिरी समझौते को और मजबूत व कानूनी रूप से पक्का करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा एक अनिवार्य प्रस्ताव पास किया जाएगा, जिसे मानना दोनों देशों के लिए जरूरी होगा।
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