नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है।
सरकार की ग्रीन एनर्जी और इंडस्ट्री में कार्बन उत्सर्जन कम करने की महत्वाकांक्षी कोशिशों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन देश को टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा आयोजित नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मजबूत करना: राज्य की नीतियों, हब और बुनियादी ढांचे के जरिए विषय पर आयोजित नेशनल वर्कशॉप में जोशी ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने और ग्रीन हाइड्रोजन के विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि 19,744 करोड़ रुपए के बजट के साथ 2023 में शुरू किए गए नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से भारत के ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, इस्तेमाल और निर्यात के लिए एक ग्लोबल हब बनने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम के तहत पारदर्शी सर्टिफिकेशन और नियमों के पालन को आसान बनाने के लिए एमएनआरई द्वारा तैयार किया गया ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल ऑफ इंडिया (जीएचसीआई) लॉन्च किया। इस पोर्टल से जवाबदेही बढ़ने और उभरते हुए ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार होने की उम्मीद है।
इस मिशन को आगे बढ़ाने में राज्यों से ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए जोशी ने कहा कि छह राज्यों ने पहले ही खास ग्रीन हाइड्रोजन नीतियां घोषित कर दी हैं, जबकि सात अन्य राज्यों ने अपनी औद्योगिक और रिन्यूएबल एनर्जी नीतियों में हाइड्रोजन से जुड़े प्रावधान शामिल किए हैं। चार और राज्य अभी अपनी नीति के ढांचे को अंतिम रूप दे रहे हैं।
मंत्री ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में हुई अहम प्रगति पर जोर देते हुए बताया कि 15 कंपनियों को हर साल 3,000 मेगावाट की घरेलू इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं। इस कदम का मकसद आयातित सप्लाई चेन पर भारत की निर्भरता को कम करना और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करना है।
रिफाइनरी सेक्टर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) को हर साल 30,000 मीट्रिक टन (एमटीपीए) ग्रीन हाइड्रोजन की सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं।
--आईएएनएस
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लखनऊ में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां शुभमन गिल और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया है।
अफगानिस्तान के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इस निर्णय को गलत साबित करने में ज्यादा समय नहीं लगाया। हालांकि भारत को शुरुआत में झटका लगा जब यशस्वी जायसवाल दूसरे ही ओवर में मोहम्मद सलीम की गेंद पर आउट हो गए। यह मोहम्मद सलीम का पहला एकदिवसीय विकेट भी रहा है।
इसके बाद शुभमन गिल और कप्तान रोहित शर्मा ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन जुटाए और अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। रोहित शर्मा ने अपने अंदाज में कई आकर्षक शॉट लगाए और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन राशिद खान ने अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए रोहित शर्मा को 48 रन पर बोल्ड कर दिया है।
रोहित के आउट होने के बाद ईशान किशन मैदान पर आए और फिर मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की ओर मुड़ गया। शुभमन गिल और ईशान किशन ने तीसरे विकेट के लिए 224 रन की विस्फोटक साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया है।
गौरतलब है कि शुभमन गिल पहले मुकाबले में भी शानदार लय में नजर आए थे और इस मैच में भी उन्होंने उसी आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। गिल ने केवल 77 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और बाद में इसे बड़े स्कोर में बदलते हुए 110 गेंदों पर 154 रन बनाए। उनकी पारी में कई शानदार चौके और छक्के शामिल रहे हैं।
वहीं ईशान किशन ने भी लंबे समय बाद एकदिवसीय क्रिकेट में यादगार पारी खेली। उन्होंने 79 गेंदों पर 125 रन बनाए। बता दें कि यह उनका दूसरा एकदिवसीय शतक रहा है। उन्होंने अपने पहले अर्धशतक के लिए 52 गेंदें लीं, लेकिन अगले 50 रन केवल 19 गेंदों में पूरे कर दिए। ईशान ने राशिद खान सहित कई गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, 28 ओवर तक भारत का स्कोर 193 रन था, लेकिन अगले आठ ओवरों में टीम ने 114 रन जोड़ दिए। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत 450 से अधिक रन बना सकता है। हालांकि गर्म मौसम और लगातार दबाव के बीच अफगानिस्तान ने शानदार वापसी की है।
बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज नंगेयालिया खरोटे ने महत्वपूर्ण समय पर विकेट लेकर भारतीय टीम की रफ्तार को रोका। उन्होंने शुभमन गिल, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाजों को आउट किया। खरोटे ने चार विकेट हासिल किए, जबकि राशिद खान ने तीन विकेट अपने नाम किए हैं।
अंतिम दस ओवरों में अफगानिस्तान ने सात विकेट लेकर केवल 62 रन दिए। इसी वजह से भारत संभावित 450 रन के स्कोर तक नहीं पहुंच सका। भारतीय पारी के आखिरी क्षणों में पदार्पण कर रहे प्रिंस यादव रन आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर चुका था।
बता दें कि भारत और अफगानिस्तान दोनों टीमों ने इस मुकाबले में तीन-तीन बदलाव किए थे। भारत की ओर से प्रिंस यादव को पदार्पण का मौका मिला, जबकि अफगानिस्तान ने दरविश रसूली को पहली बार एकदिवसीय टीम में शामिल किया है।
अब अफगानिस्तान के सामने 403 रन का बड़ा टारगेट है। हालांकि उसने गेंदबाजी में अंत में वापसी जरूर की है, लेकिन इस विशाल स्कोर का पीछा करना उसके बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित होने वाली हैं।
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