खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर बवाल, विदिशा में कांग्रेस का सत्याग्रह, FIR की मांग
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को हुई सभा के बाद कुछ लोगों द्वारा हवन और गंगाजल का छिड़काव किए जाने के आरोपों के विरोध में विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। गुरुवार रात नीमताल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के सामने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम के बाद की सामान्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि इसे खड़गे के सम्मान और सामाजिक समानता से जोड़कर देखा जाना चाहिए। जिला कांग्रेस ने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करने का फैसला लिया है। पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि पुलिस मामला दर्ज नहीं करती है तो अधिवक्ताओं के माध्यम से निजी परिवाद दायर किया जाएगा।
हल्द्वानी में खड़गे की सभा के बाद क्या हुआ?
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की सभा के बाद की कथित घटना से हुई। कांग्रेस के अनुसार, सभा खत्म होने के बाद कुछ लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर हवन किया और गंगाजल का छिड़काव किया।
कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धिकरण’ के रूप में बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद की गई और इसके पीछे राजनीतिक सोच काम कर रही थी।
विदिशा में गांधी प्रतिमा के सामने कांग्रेस का सत्याग्रह
हल्द्वानी की घटना के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर विदिशा में गुरुवार रात सत्याग्रह किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता नीमताल चौराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने एकत्र हुए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संविधान, सामाजिक समानता और भाईचारे की बात कही। नेताओं का कहना था कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ भेदभाव की भावना को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों का विरोध होना चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने क्या कहा?
विदिशा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने बताया कि यह सत्याग्रह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद भाजपा समर्थित संगठनों से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण जैसी गतिविधि की। रघुवंशी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सामाजिक समानता के खिलाफ बताया।
उनका कहना है कि कांग्रेस इस मामले को लेकर कानूनी कदम भी उठाएगी। रघुवंशी के अनुसार, 17 अगस्त को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कोतवाली में आवेदन दिया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की जाएगी। यानी विदिशा में हुआ सत्याग्रह केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहने वाला है। कांग्रेस अब पुलिस के स्तर पर भी कार्रवाई की मांग करने की तैयारी में है।
17 अगस्त को पुलिस में आवेदन देने की तैयारी
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, जिला कांग्रेस कमेटी 17 अगस्त को कोतवाली में आवेदन देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग करेगी। पार्टी का कहना है कि पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस के लिए यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी इस पूरे मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती। सत्याग्रह के बाद अब पुलिस शिकायत के जरिए मामले को कानूनी प्रक्रिया में ले जाने की तैयारी है।
FIR नहीं हुई तो निजी परिवाद की चेतावनी
कांग्रेस ने पुलिस के सामने अपनी मांग रखने के साथ आगे की रणनीति भी साफ कर दी है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो कांग्रेस के अधिवक्ता न्यायालय में निजी परिवाद दायर करेंगे।
निजी परिवाद का मतलब है कि शिकायतकर्ता सीधे न्यायालय के सामने अपनी शिकायत रख सकता है। इसके बाद न्यायालय उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार मामले पर विचार कर सकता है। इस चेतावनी से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को जल्दी खत्म करने के मूड में नहीं है। पार्टी इसे आगे भी उठाने की तैयारी कर रही है।
उज्जैन में शिप्रा तट पर बनेगा नमो घाट, भगवान कृष्ण की 182 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा होगी स्थापित
उज्जैन में आने वाले सिंहस्थ को लेकर वृहद स्तर पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब सरकार ने वाराणसी की तर्ज पर उज्जैन में शिप्रा तट पर नमो घाट बनाने का फैसला लिया है। इस घाट पर भगवान कृष्ण की 182 फीट ऊंची कांस्य की प्रतिमा भी लगाई जाने वाली है।
उज्जैन में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। इसी बीच विकास प्राधिकरण की ओर से इस प्रोजेक्ट को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी गई। यह कहा जा रहा है कि अगले 2 साल में घाट और भगवान की प्रतिमा तैयार कर दी जाएगी। यह प्रतिमा हरि फाटक बाईपास के पास मौजूद यूनिटी मॉल के पीछे शिप्रा नदी के किनारे बनाना प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही घाटों का विकास कार्य भी होगा ताकि क्षेत्र पर्यटन गतिविधि के केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
दिखेगा भगवान कृष्ण का विराट स्वरूप
शिप्रा तट पर आने वाले पर्यटकों को भगवान कृष्ण का विराट स्वरूप देखने को मिलेगा। यहां 182 फीट ऊंची प्रतिमा ब्रॉन्ज के इस्तेमाल से तैयार की जाएगी। इसका अंदरूनी स्ट्रक्चर स्टेनलेस स्टील का होने वाला है। इसे मजबूती और सुरक्षा को देखते हुए तैयार किया जाएगा ताकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रह सके। सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा की डिजाइन तैयार करने वाले इंजीनियर की मदद से इसका स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
नमो घाट पर होगी शिप्रा आरती
जिस तरह से रामघाट पर रोजाना आरती की जाती है। उस तरह से इस प्रतिमा के साथ विकसित होने वाले नमो घाट पर भी आरती पूजन की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को एक ही जगह भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन और शिप्रा आरती का अनुभव प्राप्त हो सकेगा। इस बारे में जानकारी देते हुए यूडीए अध्यक्ष डॉ रवि सोलंकी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इस परियोजना को तैयार किया जा रहा है। 2 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यूडीए अध्यक्ष के मुताबिक बाबा महाकाल की नगरी में शिव के साथ भगवान विष्णु की धार्मिक परंपरा को विस्तार देने की दिशा में परियोजना काफी महत्वपूर्ण है। प्रतिमा और नमो घाट बनने के साथ यूनिटी मॉल के विस्तार और आरती की व्यवस्था शुरू होने से हरिफटक बाईपास के पीछे का क्षेत्र आने वाले दिनों में प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा।
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