ईरान पर फिर बरसे ट्रंप, बोले- MoU फाइनल नहीं, जरूरत पड़ी तो दोबारा होगी बमबारी
ट्रंप ने क्यों कहा कि ईरान के साथ हुआ MoU अभी फाइनल नहीं है? G7 समिट में ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा? क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता खतरे में है? ट्रंप के बयान का ईरान-अमेरिका संबंधों पर क्या असर पड़ सकता है?
Tata Motors: JLR के कमजोर आउटलुक से टाटा मोटर्स पीवी का शेयर टूटा, एक दिन में 10% की बड़ी गिरावट
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 10 फीसदी तक टूट गया और निफ्टी 50 का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया। निवेशकों की चिंता की वजह जगुआर लैंड रोवर यानी जेएलआर का नया कारोबारी आउटलुक और इन्वेस्टर डे के दौरान दिया गया मार्गदर्शन रहा।
दोपहर के कारोबार में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का शेयर करीब 355 रुपये तक फिसल गया, जो लगभग 10 फीसदी की गिरावट थी। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी हुई। लेकिन शेयर फिर भी 8% से ज्यादा कमजोरी के साथ 361 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले एक साल में यह शेयर करीब 12.5% टूट चुका है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में करीब 3.3% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 1.46 लाख करोड़ रुपये रहा।
टाटा मोटर्स के शेयर 10 फीसदी गिरे
दरअसल, जेएलआर ने वित्त वर्ष 2027 के लिए राजस्व में 13% इजाफे का अनुमान जताया है। लेकिन कंपनी ने EBIT मार्जिन सिर्फ 4% रहने की बात कही। यही बात निवेशकों को रास नहीं आई। बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इतना कम मार्जिन बाजार की उम्मीदों से कमजोर माना गया।
इसके अलावा जेएलआर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो सिर्फ ब्रेक-ईवन रहने की उम्मीद है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 2.3 अरब पाउंड के नकारात्मक स्तर पर रहा था।
टाटा मोटर्स की इनकम में जेएलआर की 80% हिस्सेदारी
टाटा मोटर्स की कुल आय में जेएलआर की हिस्सेदारी करीब 80% है। ऐसे में JLR के प्रदर्शन और भविष्य के अनुमान का सीधा असर टाटा मोटर्स के शेयरों पर पड़ता है। हालांकि चुनौतियों के बीच जेएलआर ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को दोहराया है।
कंपनी का लक्ष्य मध्यम अवधि में दोहरे अंक की राजस्व वृद्धि हासिल करना है। साथ ही वह अपने सबसे बड़े बाजार अमेरिका में कारोबार को तेजी से बढ़ाना चाहती है। JLR ने डिफेंडर ब्रांड पर विशेष फोकस रखने और अमेरिका में अपने कारोबार को मौजूदा वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2029 तक 18 अरब पाउंड के निवेश की योजना भी बरकरार रखी है। भारत और पश्चिम एशिया जैसे बाजारों में भी निवेश जारी रहेगा। इसके अलावा इस साल नई लग्जरी चार-दरवाजों वाली जैगुआर जीटी-टाइप 1 कार पेश की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ, सप्लाई चेन में बाधाएं, हालिया साइबर हमले, सुस्त वैश्विक ऑटो मांग और भू-राजनीतिक तनाव जेएलआर के लिए बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और टाटा मोटर्स के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।
(प्रियंका कुमारी)
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