Dhadak गाने पर दीदी का डांस वायरल, मूव्स देख फिदा हुई पब्लिक, आपने देखा वीडियो..
Viral Video: Dhadak गाने पर दीदी का शानदार डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. गाने की धुन पर उनके खूबसूरत डांस मूव्स और शानदार एक्सप्रेशन ने लोगों का ध्यान खींच लिया. वीडियो में उनका कॉन्फिडेंस और एनर्जी साफ नजर आ रही है. यूजर्स को उनकी परफॉर्मेंस खूब पसंद आ रही है और लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. @nrityangana_manisha_official नाम से शेयर किया गया है. आप भी देखें ये वायरल वीडियो..
Shani Dosha Remedies: सावन में शनिदेव और राहु-केतु के दोष से राहत के लिए करें ये आसान उपाय, महादेव की मिलेगी कृपा
सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस महीने महादेव की आराधना करने से व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों से मानसिक राहत मिलती है। खासतौर पर शनि, राहु और केतु से जुड़े दोषों के लिए सावन में कुछ विशेष पूजा और दान के उपाय बताए जाते हैं।
शनि दोष के लिए करें ये उपाय
मान्यता के अनुसार सावन के सोमवार या शनिवार को शिवलिंग पर काले तिल मिले जल से अभिषेक किया जा सकता है। इसके बाद भगवान शिव को शमी के पत्ते अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
शनिवार को सरसों के तेल का दान करना या शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाना भी धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। इन उपायों को श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य के अनुसार करने की मान्यता है।
राहु-केतु के लिए शिव पूजा
राहु और केतु से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों के लिए शिवलिंग पर कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर अभिषेक करने की धार्मिक मान्यता है। भगवान शिव को धतूरा और दूर्वा अर्पित करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने को भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार मंत्र जाप कर सकते हैं।
रुद्राभिषेक भी माना जाता है शुभ
सावन में पंचामृत से रुद्राभिषेक करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में इसे भगवान शिव की विशेष आराधना माना गया है। इसी तरह शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और वृक्ष की परिक्रमा करने की परंपरा भी कई जगह देखने को मिलती है।
इन उपायों का क्या महत्व है?
ध्यान रखें कि ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फिर भी श्रद्धालु सावन में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, दान और सेवा को आस्था के साथ करते हैं। पूजा के दौरान अपनी परंपरा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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