बांग्लादेश में खसरे का कहर: एक और बच्चे ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़कर 657
ढाका, 16 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरा या उससे मिलते-जुलते लक्षण वाली बीमारी हर बीतते दिन के साथ एक बच्चे को अपना शिकार बना रही है। पिछले 24 घंटों में (मंगलवार 8 बजे तक) एक और मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 657 हो गई है।
देश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने बताया कि हालिया मौत को “संदिग्ध खसरा मृत्यु” के रूप में वर्गीकृत किया गया है, और इस अवधि में किसी भी बच्चे ने खसरे की वजह से दम नहीं तोड़ा है।
बांग्लादेश की समाचार एजेंसी यूएनबी ने नए आंकड़ों के हवाले से बताया कि संदिग्ध खसरा मृतकों की संख्या 564 है, तो लैब से खसरे की पुष्टि होने के बाद हुई मौत की संख्या 93 है। पिछले कुछ दिनों से इस आंकड़े में बदलाव नहीं रिकॉर्ड किया गया है।
वहीं, पिछले 24 घंटों में 1,006 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामले बढ़कर 87,929 हो गए। वहीं, 136 के खसरा पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। इस तरह कुल संक्रमितों की संख्या 10,523 तक पहुंच गए।
डीजीएचएस के अनुसार, 15 मार्च से अब तक देशभर में 72,405 संदिग्ध कैटेगरी वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 68,782 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मामलों के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं।
पिछले 3-4 महीनों से बांग्लादेश के बच्चों पर खसरा कहर बन कर टूटा है। यूनिसेफ की वॉर्निंग के बावजूद पिछली अंतरिम सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पिछले महीने ही संगठन की बांग्लादेश में प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने अनदेखी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ ने पत्रों और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बैठकों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया था। वर्ष 2024 से ही सरकार को आगाह किया गया था कि वैक्सीन की कमी भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि 2024 से 2026 के बीच यूनिसेफ ने कई पत्र भेजे और 10 अलग-अलग बैठकों में इस मुद्दे को उठाया, लेकिन समय पर वैक्सीन खरीदने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
वहीं, देशव्यापी आपातकालीन टीकाकरण अभियान के समाप्त हुए भी एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अस्पतालों में अब भी प्रतिदिन 1,000 से ज्यादा बच्चों को खसरे या खसरे जैसे लक्षणों के साथ भर्ती किया जा रहा है और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
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Vastu Tips: मनी प्लांट ही नहीं, धन आकर्षित करने वाले ये पौधे भी मानें जाते हैं शुभ, वास्तु शास्त्र से जानिए लगाने की सही दिशा
Vastu Tips For Plants: घर में पौधा लगाना केवल सजावट का हिस्सा नहीं है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ खास पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि लाने का काम करते हैं. माना जाता है कि यदि इन पौधों को सही दिशा में लगाया जाए तो इनका शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. वहीं गलत दिशा में रखे गए पौधे लाभ नहीं दे पाते हैं. आजकल लोग घर को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के इंडोर प्लांट्स लगाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र बताता है कि हर पौधे का अपना अलग महत्व होता है. आइए जानते हैं घर के लिए कौन-कौन से पौधे शुभ माने जाते हैं और उन्हें किस दिशा में रखना चाहिए.
घर के लिए कौन से पौधे माने जाते हैं शुभ?
तुलसी का पौधा
तुलसी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे घर की उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. तुलसी का पौधा घर के वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाता है. माना जाता है कि इससे परिवार में सुख और शांति बनी रहती है.
मनी प्लांट
मनी प्लांट को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा रहता है. यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी मानी जाती है और आर्थिक विकास के लिए लाभकारी होती है. सही दिशा में रखा गया मनी प्लांट घर में आर्थिक अवसरों को बढ़ाने का संकेत माना जाता है.
लकी बैम्बू
लकी बैम्बू का पौधा आधुनिक घरों में काफी मशहूर है. इसे पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है. वास्तु मान्यता के अनुसार यह पौधा घर में सौभाग्य और समृद्धि लेकर आता है. साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य भी बढ़ाता है.
स्नेक प्लांट
स्नेक प्लांट हवा को साफ करने वाले पौधों में शामिल है. यह घर के वातावरण को बेहतर बनाने में मदद करता है. वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना लाभकारी माना जाता है. यह तनाव कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने में सहायक माना जाता है.
जेड प्लांट
जेड प्लांट को व्यापार और करियर में सफलता का प्रतीक माना जाता है. यदि इसे घर या ऑफिस के प्रवेश द्वार के पास, विशेष रूप से पूर्व दिशा में रखा जाए तो यह शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. कई लोग इसे गुड लक प्लांट के रूप में भी जानते हैं.
एलोवेरा
एलोवेरा अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. यह स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मकता से जुड़ा पौधा माना जाता है. साथ ही घर की सुंदरता भी बढ़ाता है.
अरेका पाम
अरेका पाम घर के अंदर की हवा को बेहतर बनाने वाला पौधा माना जाता है. इसे उत्तर या पूर्व दिशा में रखने की सलाह दी जाती है. यह घर में ताजगी और शांति का वातावरण बनाए रखने में मदद करता है.
पीस लिली
पीस लिली को शांति और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है. इसे बेडरूम की खिड़की के पास या ऐसी जगह रखना शुभ माना जाता है जहां पर्याप्त रोशनी आती हो. यह घर के रिश्तों में मधुरता बढ़ाने वाला पौधा माना जाता है.
इन पौधों को घर में लगाने से बचें
वास्तु शास्त्र कुछ पौधों को घर के लिए उपयुक्त नहीं मानता. कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस घर के अंदर नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं. इसके अलावा बोनसाई पौधे विकास और प्रगति में रुकावट का प्रतीक माने जाते हैं. इमली और कॉटन प्लांट को भी घर के अंदर लगाने से बचने की सलाह दी जाती है.
पौधों की देखभाल भी है जरूरी
केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है. उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है. सूखे या मुरझाए हुए पौधे घर में नकारात्मकता का कारण माने जाते हैं. इसलिए ऐसे पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए. पौधों को समय-समय पर पानी देना, पर्याप्त धूप उपलब्ध कराना और आसपास सफाई बनाए रखना भी बेहद जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वस्थ और हरे-भरे पौधे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का संचार करते हैं. इसलिए सही पौधे का चयन और उसकी उचित दिशा में स्थापना विशेष महत्व रखती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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