Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि युवा देश की जनसांख्यिकीय ताकत हैं और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो राष्ट्र को इससे बहुत लाभ होगा वरना वे भविष्य में समाज पर बोझ बन सकते हैं। भागवत ने ‘जेन-जी’ के साथ एक सप्ताह के भीतर अपने दूसरे संवाद में यह भी कहा कि आज के युवा 30 साल बाद बूढ़े हो जाएंगे और उन्हें सुझाव दिया कि वे केवल अपने बारे में न सोचें, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा, ‘‘युवा हमारी जनसांख्यिकीय ताकत हैं।
यदि उनका सही ढंग से मार्गदर्शन किया जाए तो हमें इससे बहुत लाभ होगा, अन्यथा भविष्य में वे समाज पर बोझ बन सकते हैं। युवा ही कमाने वाले होंगे। रोजगार का मतलब केवल नौकरी नहीं है, बल्कि मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग भी इसमें शामिल हैं और उनकी मेहनत का सम्मान किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि भारत का दायित्व है कि अपने नजरिये से दुनिया को भविष्य का रास्ता दिखाए और उसे संतुलन हासिल करने में मदद करे।
उन्होंने कहा कि देश को अपनी परिस्थितियों के अनुरूप सोच विकसित करनी होगी। भागवत ने कहा, ‘‘दुनिया अपने अधूरे नजरिये के कारण लड़खड़ा रही है। भारत का हिस्सा होने के नाते हमारा दायित्व है कि हम अपने नजरिये से दुनिया को भविष्य का रास्ता दिखाएं और उसमें संतुलन लाएं।
हमें इसके लिए खुद को तैयार करना होगा।’’ सरसंघचालक ने कार्यक्रम में फहराए गए 200 फुट ऊंचे तिरंगे का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को सोचना चाहिए कि राष्ट्रीय ध्वज क्या दर्शाता है और भारत को ऊंचे मुकाम तक पहुंचाने के लिए कितनी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारा दायित्व है। हमें दूसरों के साथ अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए।’’ भागवत ने कहा कि देश के युवाओं को सबसे पहले यह समझना होगा कि भारत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन और न्यूजीलैंड जैसे देशों से अलग है और उसे विकास तथा प्रगति के अपने मानदंड खुद तय करने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत हैं और हमारी अपनी प्रतिष्ठा, गरिमा और सर्वोच्च सम्मान है। हम किस तरह का विकास चाहते हैं और प्रगति का हमारा मानदंड क्या होगा, इसके बारे में हमें अपने और देश के हित को ध्यान में रखते हुए खुद सोचना होगा।’’ उन्होंने कहा कि दुनिया के बाकी हिस्सों में सोच भौतिकवादी दृष्टिकोण से प्रभावित है, जबकि भारत का नजरिया केवल धन कमाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में हम केवल धन कमाने के बारे में नहीं सोचते।
लोग कहते हैं कि पैसा तो मुर्गी भी नहीं खाएगी। हम ऐसे ही हैं।’’ आरएसएस प्रमुख ने उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को साहस के साथ चुनौतियों का सामना करना होगा और सफलता हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करना होगा। भागवत ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी और तुलनात्मक रूप से कम भौगोलिक क्षेत्रफल के कारण वह कनाडा, अमेरिका और चीन जैसे देशों द्वारा अपनाए गए रास्ते को सीधे नहीं अपना सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन देशों की आबादी कम है, जिनका भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है या जिनके पास प्रचुर संसाधन हैं, उनके लिए केवल रोजगार के बारे में सोचना पर्याप्त हो सकता है। लेकिन भारत जैसे देश की आबादी बहुत बड़ी है और उसका भौगोलिक क्षेत्र कनाडा, अमेरिका और चीन की तुलना में छोटा है। इसलिए हमें अपनी समस्याओं के लिए पूरी तरह अलग सोच विकसित करने की जरूरत है।
इसके लिए हमें इन विषयों का गहराई से अध्ययन करना होगा।
Manipur में Independence Day पर राज्यपाल और सीएम ने दिया एकता का संदेश
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उनसे राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने, संविधान का सम्मान करने और देश की प्रगति व समृद्धि में योगदान देने का आह्वान किया। राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जबकि मुख्यमंत्री ने प्रथम मणिपुर राइफल्स ग्राउंड में तिरंगा फहराया। राज्यपाल भल्ला ने एक बयान में कहा, ‘‘स्वतंत्रता दिवस उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिनके बलिदान ने देश को आजादी दिलाई।
उनका साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता, समानता तथा न्याय के आदर्शों के प्रति अटूट समर्पण हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है।’’ उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय एकता को और सुदृढ़ करने, संविधान के मूल्यों को बनाए रखने और राष्ट्र की उन्नति एवं समृद्धि के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा, ‘‘आइए, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान को नमन करें, भारत की उल्लेखनीय प्रगति का उत्सव मनाएं और एकता, शांति तथा विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरायें।’’ उन्होंने लोगों से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने की अपील की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य ए. शारदा देवी ने भी पार्टी कार्यालय में तिरंगा फहराया।
इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र गान भी गाया। राज्य के सभी 16 जिलों में विभिन्न संस्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
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