प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर, एक ही परिवार के तीन लोगों की सिर कुचलकर हत्या
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में ट्रिपल मर्डर का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां हमलावरों ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। मंगलवार सुबह घर से करीब 20 मीटर दूर तीनों के शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई।
सौरव गांगुली ने किसके खिलाफ दर्ज कराई पुलिस में शिकायत? जानिए क्यों की इस सोशल मीडिया पोस्ट पर एक्शन की मांग
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल उन्होंने कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में लिखित शिकायत देकर कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल कर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। गांगुली का कहना है कि इससे आम लोगों के बीच उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
दरअसल शिकायत में एक फेसबुक पेज का जिक्र किया गया है, जो खुद को गांगुली का फैन पेज बताता है। पूर्व कप्तान का आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट डाले जा रहे हैं, जिनसे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्र को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
आखिर क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के मुताबिक यह मामला उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक संवेदनशील संदेश को सौरव गांगुली के जरिए पहुंचाने की कोशिश हुई थी। खबरों में कहा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से सांसद यूसुफ पठान को लेकर संदेश भेजा गया था। हालांकि गांगुली ने इन सभी दावों को पूरी तरह गलत बताया है। दरअसल उन्होंने साफ कहा कि न तो उन्हें ऐसा कोई संदेश देने के लिए कहा गया और न ही उन्होंने किसी राजनीतिक प्रतिनिधि से इस संबंध में बातचीत की। सौरव गांगुली का मानना है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के फैल रही जानकारियां लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही हैं। यही वजह है कि उन्होंने अब कानूनी रास्ता अपनाया है।
जानिए सौरव गांगुली ने क्या कहा?
दरअसल इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सौरव गांगुली ने अपने आवेदन में कहा है कि ‘एक पब्लिक फिगर होने के नाते मैं यह भली-भांति समझता हूं कि लोगों की राय और आलोचना सार्वजनिक जीवन का ही एक हिस्सा है, लेकिन मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से भ्रामक, अपमानजनक और हानिकारक कंटेंट फैलाना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है और ऐसे में उचित कानूनी कदम उठाया जाना बहुत जरूरी है।’




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