Independence Day 2026 : इंफ्रास्ट्रक्चर से स्वास्थ्य तक CM डॉ. मोहन यादव ने बताई MP के विकास की रफ्तार, 34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का किया जिक्र
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश में बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा तक सरकार के कामकाज की तस्वीर सामने रखी। उन्होंने पिछले ढाई साल में हुए कामों के आंकड़े साझा किए, वहीं आने वाले वर्षों में पूरे होने वाले बड़े प्रोजेक्ट और सरकार के लक्ष्यों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिलने का जिक्र करते हुए बताया कि इनमें 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
ढाई साल में 15 हजार KM से ज्यादा सड़कों पर काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई साल में करीब 23 हजार करोड़ रुपए की लागत से 15 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण, सुधार और मजबूतीकरण किया गया है। इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर, इंदौर-पीथमपुर इकॉनॉमिक कॉरिडोर और उज्जैन-जावरा हाईवे का भूमिपूजन हो चुका है।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिन्हें 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने का फैसला भी लिया गया है। आगे जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल और प्रदेश में बढ़ती एयर कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया। पिछले दो वर्षों में 10 नए एयर रूट शुरू हुए हैं। उड़ान योजना के पहले चरण में प्रदेश को पांच नए एयरपोर्ट मिल रहे हैं। इंदौर से अबूधाबी के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हो चुकी है, जबकि भोपाल से शारजाह के लिए सीधी सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।
34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10 लाख करोड़ से ज्यादा धरातल पर
उद्योग और निवेश की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई साल में अलग-अलग सेक्टर में 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं।
उन्होंने ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, जबलपुर-शिवपुरी में आगे बढ़ रहे डिफेंस कॉरिडोर और धार के पीएम मित्र पार्क का जिक्र किया। पीएम मित्र पार्क में 21,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश आने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 फिर भोपाल में आयोजित होगी।
ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब बिजली की कमी के पुराने दौर से काफी आगे निकल चुका है। पिछले रबी सीजन में करीब 20 हजार मेगावाट और इस बार 21 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की मांग पूरी की गई।
प्रदेश की मौजूदा बिजली क्षमता में करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है, जिसे आने वाले वर्षों में 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। नर्मदापुरम में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट पर भी काम आगे बढ़ रहा है।
MP में पिछले साल आए 14 करोड़ से ज्यादा पर्यटक
मुख्यमंत्री ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि आगरा के ताजमहल में एक साल में जितने पर्यटक पहुंचते हैं, उतने श्रद्धालु उज्जैन में एक महीने में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले साल मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड 14 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा भी शुरू की गई हैं।
तीन महीने में 1000 डॉक्टर, 1 नवंबर से पेपरलेस जांच का लक्ष्य
स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीने में प्रदेश में 1,000 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और अगले छह महीने में 1,000 और डॉक्टरों की नियुक्ति का लक्ष्य है।
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस यानी 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की तैयारी है। मरीजों की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श की सुविधा भी मिल सकेगी।
प्रदेश में एक और मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। आठ नए आयुर्वेदिक कॉलेजों का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि नौवें कॉलेज का काम भी शुरू करने की तैयारी है।
सांदीपनी विद्यालयों के 50 से ज्यादा विद्यार्थी मेरिट में
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने सांदीपनी विद्यालयों के प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के 50 से ज्यादा विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में जगह बनाई है।
वहीं 2026 के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में प्रदेश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 जिलों में सात जनजातीय बहुल जिले शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनी विद्यालयों का मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहा है।
Independence Day 2026 : किसानों और युवाओं पर CM डॉ. मोहन यादव का फोकस, भू-अर्जन पर चार गुना मुआवजा, हर साल 1 लाख से ज्यादा सरकारी रोजगार का लक्ष्य
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के विकास की तस्वीर सामने रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों और युवाओं को सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में हुए काम का जिक्र किया, वहीं आने वाले समय के लिए तय किए गए लक्ष्यों की भी बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और 2027 युवाओं को समर्पित होगा। इस दौरान उन्होंने किसानों को भू-अर्जन पर चार गुना मुआवजे से लेकर ढाई साल में उनके खातों में पहुंची 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि और युवाओं के लिए हर साल एक लाख से ज्यादा सरकारी रोजगार के लक्ष्य तक की जानकारी दी।
किसानों के खातों में ढाई साल में 3 लाख करोड़ से ज्यादा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकारी योजनाओं के लिए कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। वहीं पिछले ढाई साल में अलग-अलग योजनाओं के जरिए किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि पहुंचाई गई है।
इसमें खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी, भावांतर भुगतान, फसल बीमा और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के जरिए दी गई मदद शामिल है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई ‘कवर’ योजना का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया। इसके तहत जिन समितियों की जांच लंबित है, लेकिन किसान सदस्यों की कोई गलती नहीं है, उन्हें नियमित कर योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की गई है।
दूध उत्पादन और मत्स्य पालन पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 12 लाख लीटर दूध का संकलन हो रहा है और दूध उत्पादकों को प्रति लीटर आठ रुपए से ज्यादा का लाभ मिल रहा है।
मत्स्य पालन नीति-2026 का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के साथ 7,430 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता भी हुआ है।
2027 होगा युवा वर्ष, हर साल एक लाख से ज्यादा सरकारी रोजगार का लक्ष्य
युवाओं की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 को निवेश एवं रोजगार वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जबकि 2027 युवा वर्ष होगा। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और खेल सहित सात बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में अब तक 85 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। आने वाले समय में हर साल एक लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
अगले एक साल में एक लाख से ज्यादा युवाओं को ITI में प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके अलावा ग्लोबल स्किल पार्क में हर साल 10 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है।
12 हजार से ज्यादा स्टार्टअप का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में फिलहाल करीब 8 हजार स्टार्टअप हैं, जिनमें लगभग आधे महिलाओं के नेतृत्व में चल रहे हैं। सरकार ने अगले ढाई साल में इनकी संख्या 12 हजार से ज्यादा करने और हर जिले में कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर बनाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश में 73 विश्वविद्यालय और 1,400 से ज्यादा कॉलेज हैं, जहां 16 लाख से ज्यादा युवा पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कोर्ट मामलों की जल्द सुनवाई के लिए चार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
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