MP High Court Assistant Grade III Online Form 2026 for 1174 Post
MP High Court Recruitment 2026 Apply Online for Assistant Grade III 1174 Post Post Date: 15-08-2026 Short Description: High Court of Madhya Pradesh (MPHC) has released notification for MP High Court Assistant Grade III in which there are 1174 Post . Eligible candidates can apply online between 17/08/2026 to 15/09/2026. All the MP High Court ...
SEBI ने निपटान नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव दिया, फास्ट-ट्रैक व्यवस्था लाने की तैयारी
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को अपनी निपटान व्यवस्था में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा। इसके तहत 10 लाख रुपये तक की निपटान राशि वाले मामलों के लिए ‘फास्ट-ट्रैक’ व्यवस्था शुरू करने और कई नियामकीय कार्यवाहियों के एक साथ निपटान पर लगने वाली अतिरिक्त 20 प्रतिशत राशि हटाने का प्रस्ताव है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परामर्श पत्र में मौजूदा सेबी (निपटान कार्यवाही) विनियमन, 2018 की जगह नया ढांचा लाने का प्रस्ताव किया है।
इसका उद्देश्य नियामकीय मामलों के निपटान को सरल, तेज और अधिक स्पष्ट बनाना है। प्रस्तावित फास्ट-ट्रैक व्यवस्था में 10 लाख रुपये तक की निपटान राशि वाले मामलों में उच्चाधिकार प्राप्त सलाहकार समिति (एचपीएसी) की बैठक की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामले आंतरिक समिति से सीधे पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल के पास भेजे जा सकेंगे।
सेबी के अध्ययन के मुताबिक, जिन मामलों में निपटान प्रस्ताव खारिज हो गया या वापस ले लिया गया और बाद में नियामकीय कार्रवाई में जुर्माना लगाया गया, उनमें प्रस्तावित निपटान राशि अंतिम जुर्माने की राशि से औसतन करीब आठ गुना अधिक थी। प्रस्तावित ढांचे में यह अनुपात घटाकर करीब चार गुना करने की योजना है। सेबी ने निपटान राशि को प्रतिभूति कानूनों के तहत निर्धारित न्यूनतम जुर्माने से जोड़ने का भी प्रस्ताव किया है।
आवेदक की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग गुणक लागू होंगे। गलत तरीके से अर्जित लाभ या निवेशकों को हुए नुकसान की अलग से वसूली जारी रहेगी। नियामक ने राहत देने वाले कारकों की अधिकतम संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव किया है।
इनमें कंपनी के नियंत्रण या प्रबंधन में बदलाव तथा आवेदक का स्वतंत्र निदेशक होना जैसे कारक शामिल किए जा सकते हैं। गलत तरीके से अर्जित लाभ की वापसी पर ब्याज के संबंध में सेबी ने अंतिम आदेश नहीं होने की स्थिति में लेनदेन की तारीख से निपटान आवेदन दाखिल करने तक नौ प्रतिशत सालाना ब्याज का प्रस्ताव किया है। अंतिम आदेश जारी हो जाने की स्थिति में लेनदेन की तारीख से आदेश तक नौ प्रतिशत और उसके बाद आवेदन दाखिल करने तक 12 प्रतिशत सालाना ब्याज लगाया जाएगा।
इसके अलावा ब्याज पर ब्याज भी नहीं लिया जाएगा। सेबी ने लंबित मामलों में निपटान आवेदन दाखिल करने की मौजूदा 60 दिन की समयसीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है। नियामक ने इन प्रस्तावों पर चार सितंबर तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
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