सुल्तानपुरः भदैंया, धम्मौर और कुड़वार गढ़ा में खुदाई में मिले प्राचीन बौद्ध मूर्तियों के अवशेष, जानें बौद्धकालीन स्थलों का समृद्ध इतिहास
सुल्तानपुर जिले में बौद्धकालीन स्थलों का समृद्ध इतिहास है. भदैंया, धम्मौर और कुड़वार गढ़ा जैसे स्थानों पर खुदाई में बौद्ध मूर्तियां और प्राचीन अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं. वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि 1857 ई. के बाद जब मिलेट इस जिले की बंदोबस्त रिपोर्ट तैयार कर रहे थे, तब उन्हें कनिष्क काल के टीलों पर बुद्ध की कई मूर्तियां प्राप्त हुई थीं. इंडिया इन टाइम ऑफ पतंजलि पुस्तक में भी इसका जिक्र मिलता है.
सिर्फ स्टेशन नहीं इतिहास का गवाह है मथुरा जंक्शन, अंग्रेजों से आजादी के आंदोलन तक जुड़ी कहानी
मथुरा जंक्शन का निर्माण वर्ष 1905 में ब्रिटिश शासन काल के दौरान कराया गया था. यह स्टेशन दिल्ली-आगरा रेल मार्ग से जुड़ा रहा और अंग्रेजों के दौर में आवागमन के साथ माल ढुलाई के लिए भी महत्वपूर्ण था. आज भी यह मथुरा का प्रमुख रेलवे केंद्र है और रोज हजारों यात्री यहां से सफर करते हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18








