अमेरिका-ईरान समझौते पर दुनिया ने जताई खुशी, कतर, ब्रिटेन से लेकर फ्रांस तक नेताओं ने क्या कहा?
US Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान शांति समझौते का दुनिया भर के नेताओं ने स्वागत किया है. कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने इसे पश्चिम एशिया में शांति, होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है.
The post अमेरिका-ईरान समझौते पर दुनिया ने जताई खुशी, कतर, ब्रिटेन से लेकर फ्रांस तक नेताओं ने क्या कहा? appeared first on Prabhat Khabar.
US-Iran Deal : ईरान- अमेरिका समझौते में '14 बड़ी शर्तें' तय, ईरानी फंड रिलीज से लेकर तेल पर बैन हटाने तक पर बनी सहमति
अमेरिका और ईरान के कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव आया है। दोनों देशों ने अपने पुराने विवादों को पीछे छोड़ते हुए एक नए समझौते के मसौदे पर सहमति जता दी है। हालांकि इस समझौते पर अभी अंतिम हस्ताक्षर होना बाकी है, लेकिन ओमान की मध्यस्थता में हुई इस बैक-चैनल बातचीत ने खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका को फिलहाल पूरी तरह टाल दिया है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के मुताबिक, वाशिंगटन और तेहरान के बीच बनी यह नई सहमति न सिर्फ वैश्विक राजनीति के पुराने समीकरणों को बदलेगी, बल्कि आने वाले समय में कच्चे तेल के बाजार को स्थिर करने में भी सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।
तेल प्रतिबंध हटेंगे, फ्रीज फंड वापस मिलेगा
तय की गई शर्तों के मुताबिक इस डील का मुख्य फोकस ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था को दोबारा राहत देना है। शर्तों के तहत अमेरिका ईरान पर लगे कच्चे तेल के निर्यात के सभी कड़े प्रतिबंध पूरी तरह हटाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरानी तेल की दोबारा खुलकर एंट्री हो सकेगी।
इसके बदले में दुनिया के अलग-अलग विदेशी बैंकों में फ्रीज पड़ा ईरान का अरबों डॉलर का फंड चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा। इस बड़ी आर्थिक राहत से ईरान की बैंकिंग व्यवस्था सुधरेगी और वह अन्य देशों से सीधा व्यापार कर सकेगा, जिससे उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लौटने में बड़ी मदद मिलेगी।
परमाणु कार्यक्रम पर रोक और IAEA की निगरानी
ईरान को मिलने वाली इस बड़ी आर्थिक और व्यापारिक राहत के बदले वाशिंगटन ने परमाणु सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह ब्रेक लगाना होगा और यूरेनियम संवर्धन की क्षमता को एक तय सीमा से आगे न बढ़ाने की गारंटी देनी होगी।
इसके साथ ही समझौते की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान को अपने सभी एक्टिव और पुराने परमाणु ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की सख्त जांच और नियमित निगरानी को बिना शर्त स्वीकार करना पड़ेगा, ताकि वह भविष्य में चोरी-छिपे परमाणु हथियार न बना सके।
होर्मुज खोलने और सुरक्षा की गारंटी
वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन के लिहाज से इस डील का सबसे जरूरी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना है। शर्तों के मुताबिक, ईरान इस सबसे व्यस्त समुद्री तेल सप्लाई लाइन को दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखने की लिखित गारंटी देगा।
इसके साथ ही, ईरान खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय अपने सभी सहयोगी मिलिशिया संगठनों को फंड देना बंद करेगा और प्रॉक्सी वॉर को पूरी तरह रोकेगा। इस समुद्री मार्ग के सुरक्षित होने से भारत सहित दुनिया भर के तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम हो सकती हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi





















