PM Modi ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण के दौरान पहना पारंपरिक लाल साफा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने विशिष्ट अंदाज में देशवासियों को संबोधित किया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक शैली का लाल साफा पहने नजर आए। मोदी ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट भूरे रंग के वास्कट के साथ राजस्थानी और गुजराती संस्कृति में प्रचलित इस पारंपरिक पगड़ी को पहना हुआ था।
उन्होंने केसरिया, हरे और सफेद रंग के तीन पॉकेट स्क्वायर भी लगाए हुए थे। स्वतंत्रता दिवस पर मोदी की खास पगड़ी अब इस समारोह की एक अलग पहचान बन चुकी है। पिछले साल उन्होंने चटख रंगों वाली राजस्थानी लहरिया पगड़ी पहनी थी, जिसमें नारंगी, पीले और हरे रंग की लहराती छटाएं थीं।
यह पगड़ी एक ओर परंपरा की झलक देती थी तो दूसरी ओर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक थी। वहीं, 2023 में उन्होंने पीले, हरे और लाल रंगों वाली बांधनी प्रिंट की पगड़ी चुनी थी, जिसे उन्होंने काले रंग की ‘वी-नेक जैकेट’ के साथ पहना था। उससे पहले 2022 में वह लाल बूटेदार केसरिया पगड़ी में नजर आए थे।
इसके साथ उन्होंने नीली जैकेट और स्टोल पहना था। 2021 में उन्होंने क्रीम और केसरिया रंग की पगड़ी पहनी थी, जो उनके आधी आस्तीन वाले कुर्ते के साथ खूब जंच रही थी। वहीं, 2020 में कोविड-19 महामारी के बीच उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से भगवा किनारी वाला सफेद गमछा चेहरे पर बांधा था।
प्रधानमंत्री के रूप में 2014 में उनके पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह की पहचान चटख लाल रंग का जोधपुरी साफा बना था। इसके बाद के वर्षों में उनकी पगड़ियों में रंगों की अद्भुत विविधता देखने को मिली-2015 में पीले और बहुरंगी आड़ी-तिरछी धारियों वाली पगड़ी, 2016 में गुलाबी-पीले रंग की पगड़ी और 2017 में चटख लाल-पीले रंग की पगड़ी। इसके बाद, 2018 में केसरिया रंग के साफे से उन्होंने अपनी विशिष्ट और प्रभावशाली छाप छोड़ी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि कोई देश तब महान बनता है और अपने लक्ष्य हासिल करता है, जब वह अपने सपनों, संकल्प और क्षमताओं के दम पर आगे बढ़ता है। उन्होंने नागरिकों से छोटे सपने देखना छोड़कर बड़े सपने देखने का आग्रह किया और कहा कि बड़े सपने लोगों की सोच और नज़रिए का दायरा बढ़ाते हैं। मोदी ने मज़बूत संकल्प लेने का भी आह्वान किया और कहा कि पक्का इरादा देश को मुश्किलों और आपदाओं के बीच रास्ता खोजने में मदद करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए नागरिकों से बड़े सपने देखने और बड़े संकल्प लेने का आग्रह किया, क्योंकि भारत एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने विज़न की ओर बढ़ रहा है।
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पीएम मोदी ने भारत की तरक्की के लिए नागरिकों को सलाम किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए, पिछले 12 सालों में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में देश भर के नागरिकों की कोशिशों को सलाम किया। पीएम ने समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों के योगदान को माना, जिनमें दलित, हाशिए पर रहने वाले समुदाय, आदिवासी, ग्रामीण और शहरी निवासी, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने इस साल 'फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी' में महारत हासिल करके एक अहम पड़ाव पार किया है। उन्होंने इसे न्यूक्लियर फ्यूल के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश हमेशा संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकते, बल्कि अक्सर सोच की सीमाओं के कारण रुक जाते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब सोच सीमाओं में बंध जाती है, तो लोग अपनी क्षमताओं को पहचान नहीं पाते।
PM मोदी ने एनर्जी सिक्योरिटी और ज़्यादा न्यूक्लियर प्लांट की वकालत की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा कि भारत ने "नो-गो एरिया" (जहाँ काम करने की मनाही थी) को "गो-अहेड एरिया" (जहाँ काम करने की मंज़ूरी मिल गई है) में बदल दिया है और देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। PM ने भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को सुरक्षित करने की कोशिशों के तहत और ज़्यादा न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की भी बात कही।
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