‘सलमान मेरे दोस्त हैं, उनके खिलाफ नहीं जा सकता’, गोविंद नामदेव ने छोड़ी ‘काला हिरण’ फिल्म
Govind Namdev Quit Kala Hiran Film: 'काला हिरण' (Kala Hiran) फिल्म को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. एक तरफ सलमान खान ने इस फिल्म के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वहीं, अब इस फिल्म से जुड़े एक्टर और सलमान खान के दोस्त गोविंद नामदेव ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. गोविंद नामदेव ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें फिल्म की सही स्टोरी नहीं बताई गई थी और ट्रेलर देखने के बाद उन्हें पता चला कि मामला कुछ और ही है. एक्टर ने यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें पहले से इसकी स्टोरी पता होती तो वह कभी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनते. इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म छोड़ दी है. आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या -क्या बताया है-
ट्रेलर देखने के बाद हो गए हैरान
गोविंद नामदेव ने एक इंटरव्यू में काला हिरण फिल्म को लेकर खुलासा करते हुए बताया कि जब उन्होंने इस फिल्म का ट्रेलर देखा तो वह हैरान रह गए थे. एक्टर का कहना है कि उन्हें जो कहानी सुनाई गई थी और ट्रेलर में जो दिखाया गया, दोनों में काफी अंतर था. गोविंद नामदेव ने कहा कि ट्रेलर देखते ही उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें फिल्म की असली स्टोरी नहीं बताई गई थी. उनके अनुसार शूटिंग के समय उन्हें यह नहीं बताया गया था कि फिल्म में एक ऐसा किरदार होगा, जो सलमान खान की तरह है. उन्होंने कहा कि ट्रेलर देखने के बाद उन्हें लगा कि उन्हें अंधेरे में रखकर काम करवाया गया.
फिल्म की गलत कहानी सुनाई
गोविंद नामदेव ने खुलासा किया कि उन्हें शुरु में फिल्म की कहानी कुछ और बताई गई थी. एक्टर के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि फिल्म का टाइटल नाम 'संभल' है जो संभल शहर बेस्ड है. जिसमें धर्म और भगवान कल्कि से जुड़ी कहानी को दिखाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसी स्टोरी के मुताबिक, उन्होंने फिल्म करने के लिए हामी भरी थी. हालांकि, उन्हें बाद में कहा गया है कि एक दूसरी फिल्म 'काला हिरण' भी बनाई जा रही है, जिसमें सिर्फ अदालत में हुई कार्यवाही को दिखाया जाएगा. गोविंद नामदेव के मुताबिक उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि फिल्म में कोई मनगढ़ंत बातें नहीं दिखाई जाएगी.
सलमान के खिलाफ नहीं जा सकता
इंटरव्यू के दौरान गोविंद नामदेव ने सलमान खान के साथ अपने रिलेशन को लेकर भी खुलकर बताया की. उन्होंने कहा कि सलमान खान उनके दोस्त हैं और कभी उनके खिलाफ जाकर कोई काम नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस फिल्म के बारे में उन्हें पहले पता होता तो वह इस फिल्म को कभी नहीं करते.
ये भी पढ़ें: रिलीज से 5 दिन पहले खुली 'कॉकटेल 2' की एडवांस बुकिंग, ट्रेलर और गानों ने बढ़ाया फिल्म का जबरदस्त क्रेज
गोविंद नामदेव ने छोड़ी फिल्म
गोविंद नामदेव ने बताया कि काला हिरण में उनकी कुछ शूटिंग अभी बाकी थी. इसके लिए आने वाले दिनों शूटिंग की जानी थी. हालांकि अब उन्होंने इस फिल्म छोड़ने का फैसला कर लिया है. उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगने लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने फिल्म के लिए बाकी शूटिंग करने से इनकार कर दिया. एक्टर के अनुसार, भरोसा किसी भी प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी नींव होता है और जब वही टूट जाए तो साथ काम करना कठिन हो जाता है.
काला हिरण को लेकर 19 जून को होगी सुनवाई
आपको बता दें कि काला हिरण और सलमान खान की याचिका के बाद दूसरी सुनवाई 19 जून को होगी. सलमान खान की याचिका के बाद इस विवाद ने कानूनी मोड़ ले लिया है. सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म की रिलीज, प्रचार और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की है. उनकी ओर से अदालत में कहा गया है कि फिल्म के प्रमोशन और ट्रेलर में उनकी पहचान और पब्लिक इमेज का इस्तेमाल किया गया है. जिससे उनकी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन हो सकता है. दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका की सुनवाई के बाद काला हिरण के मेकर्स को नोटिस भेजा है. इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी.
ये भी पढ़ें: 'मेरी कहानी पूरी तरह सच नहीं थी...', 370 रुपये बिरयानी विवाद को लेकर हिमांशु जांगड़ा ने कही ये बात
होर्मुज के बाद अब इंग्लिश चैनल में हलचल शुरू, ब्रिटिश सेना ने रूस के सीक्रेट जहाज को किया जब्त
British military seized secret Russian vessel: मिडिल ईस्ट में तनाव से होर्मुज में पहले से ही हालात नाजुक हैं। अब इंग्लिश चैनल में भी उधल-पुथल शुरू हो गई है। ब्रिटिश सेना ने रविवार को इंग्लिश चैनल में रूसी जहाज को जब्त किया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने 6 घंटे तक चले एक अभियान में स्मर्टोस नामक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा है कि ब्रिटिश सेना ने रूसी गुप्त बेड़े के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है जो इंग्लिश चैनल से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिटेन यूक्रेन का साथ दे रहा है। यूक्रेन ने हाल ही मे ईयू नेताओं से मुलाकात की थी। इस दौरान सभी ने यूक्रेन के मदद का भरोसा दिया था। अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU), नाटो (NATO) के सदस्य देशों के अलावा कई पश्चिमी देश रूस की आर्थिकी पर चोट करने के प्रयास कर रहे हैं।
यूक्रेन का आरोप है कि अन्य देशों के साथ ट्रेड से मिली कमाई का प्रयोग रूस युद्ध में कर रहा है। स्टारमर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यह सफल अभियान रूस को एक और झटका देता है और यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को हवा देने वालों को याद दिलाता है कि हम उन्हें छिपने नहीं देंगे।"
यह भी पढ़ें: ओमान में अचानक डूबी भारतीय नाव, अमेरिका ने 14 भारतीय नागरिकों को किया रेस्क्यू
कैसे जब्त किया रूसी जहाज?
यूनाइटेड किंगडम के रक्षा मंत्रालय ने भी रविवार तड़के स्मर्टोस नामक जहाज को जब्त किए जाने की पुष्टि की। मंत्रालय ने बताया कि कैमरून के ध्वज के तहत चल रहे इस टैंकर पर रॉयल मरीन कमांडो और राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के अधिकारियों ने चिनूक हेलीकॉप्टरों और अन्य विमानों, एक फ्रिगेट और एक माइनहंटर की सहायता से धावा बोला। रक्षा सचिव डैन जार्विस ने एक बयान में कहा, "इस तरह के अभियानों के लिए कौशल, व्यावसायिकता और साहस की आवश्यकता होती है। मैं हमारे सशस्त्र बलों के कर्मियों और इसमें शामिल सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" "रूस यूक्रेन में अपने संघर्ष को वित्त पोषित करने के लिए अपने गुप्त बेड़े पर निर्भर है और हमारी यह कार्रवाई पुतिन के अवैध युद्ध को करारा झटका देती है।"
6 घंटे तक चला अभियान
मंत्रालय ने बताया कि यह अभियान छह घंटे तक चला और कहा कि पोत को "अस्थायी रूप से इंग्लैंड के दक्षिणी तट से दूर एक लंगरगाह में ले जाया जाएगा और किसी भी पर्यावरणीय या सुरक्षा संबंधी चिंताओं के लिए इसकी निगरानी की जाएगी"। फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने, ब्रिटेन के समर्थन से फ्रांसीसी नौसेना ने एक तेल टैंकर को रोका, जिस पर संदिग्ध रूप से गुप्त बेड़े का हिस्सा होने और कैमरून के झंडे के नीचे गलत तरीके से यात्रा करने का संदेह था।
यह भी पढ़ें: ईरान में अराघची के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन, जानें अपने ही विदेश मंत्री के खिलाफ क्यों खोला लोगों ने मोर्चा?
पहले भी जब्त हुआ था एक जहाज
गत जनवरी में, फ्रांसीसी सेना ने एक और संदिग्ध रूसी टैंकर, ग्रिंच को जब्त कर लिया। मार्च में, मोजाम्बिक के झंडे के नीचे मरमांस्क से रवाना हुए डेना को मार्सिले में हिरासत में लिया गया। तेल से होने वाली आय रूस की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यूक्रेन पर चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध की लागत की भरपाई करने में मदद करती है।
500 रूसी जहाजों पर कार्रवाई?
माना जा रहा है कि रूस युद्ध के कारण लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए सैकड़ों जहाजों के बेड़े का इस्तेमाल कर रहा है। ब्रिटेन और अन्य देशों ने प्रतिबंध तोड़ने वाले इस "शैडो फ्लीट" पर सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब तक 500+ जहाजों पर बैन लगाया गया है। इन कदमों का असर दिख रहा है और 2025 में रूस के तेल और गैस राजस्व में पिछले साल के मुकाबले 24% की गिरावट आई है। 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के विरोध में कई पश्चिमी देशों ने रूसी जहाजों पर पाबंदी लगाई थी। पुतिन ने रूस से जुड़े जहाजों को जब्त करने की निंदा की और इसे "समुद्री डकैती" बताया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation