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'शर्तें पूरी न होने तक अंतिम समझौते पर नहीं किए जाएंगे हस्ताक्षर', ईरान ने फिर दी अमेरिका को चेतावनी
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशें जारी हैं. बताया जा रहा है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब है, हालांकि अभी तक इस पर फाइनल मुहर लगना बाकी है. इस बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर शर्तों को पूरा नहीं किया जाता तो अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे. दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता तब तक आगे नहीं बढ़ेगी जब तक अंतरिम समझौता लागू नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके प्रावधानों का पालन नहीं किया जाता है तो अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे.
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के सरकारी प्रसारक, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) से बात करते हुए, अराघची ने कहा कि शुरुआती समझौते के बाद, अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दायित्वों का पालन नहीं किया गया तो स्थिति फिर से बदल सकती है.
शर्तें पूरी न होने तक नहीं होंगे अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर- अराघची
IRIB ने ईरानी विदेश मंत्री के हवाले से कहा, "यदि समझौता ज्ञापन के प्रावधानों का पालन नहीं किया जाता है, तो अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे." अराघची ने यह भी कहा कि समझौते के मसौदे पर निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सामूहिक रूप से लिया जाएगा और यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो इस पर दूर से हस्ताक्षर किए जाएंगे.
'शर्तों का पालन करने के लिए USको दिया जाएगा 60 दिन का समय'
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आगे कहा, "प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, हम अमेरिका को अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए 60 दिन का समय देते हैं. इस दौरान, हम किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं या युद्धविराम की अवधि बढ़ा सकते हैं; यह भी संभव है कि 60 दिनों के बाद हम पिछली स्थिति में लौट आएं."
समझौते पर दूर से किए जाएंगे हस्ताक्षर
उन्होंने कहा, "ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) में इस मसौदे के समर्थक और विरोधी दोनों हैं, लेकिन एक सामूहिक निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल, हमें इंतजार करना होगा. यदि मंजूरी मिल जाती है, तो समझौते पर दूर से हस्ताक्षर किए जाएंगे."
वादा तोड़ना अमेरिका का स्वभाव- ईरानी विदेश मंत्री
इसके साथ ही सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि ईरान को कार्यान्वयन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिकी अधिकारी समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "वादे तोड़ना अमेरिकी राजनेताओं का स्वभाव है; हमें समझौते के कार्यान्वयन में बड़ी बाधाओं के लिए तैयार रहना चाहिए. हम ऐसे लोगों से बात नहीं कर रहे हैं जो समझौते के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, इसलिए ईरान उनके गैर-अनुपालन के लिए किसी भी खामी को बंद कर देगा."
हमें अपनी सेनाओं पर भरोसा- अब्बास अराघची
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आईआरआईबी को बताया, "हम अपनी सुरक्षा की गारंटी के लिए सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र या अंतर-क्षेत्रीय गठबंधनों पर निर्भर नहीं हैं. हमारा भरोसा केवल ईश्वर, हमारी जनता और हमारी अपनी सशस्त्र सेनाओं पर है."
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