आपका पैसा- EMI के बोझ से परेशान हैं:जानें लोन जल्दी खत्म करने के आसान तरीके, न करें EMI से जुड़ी ये 10 गलतियां
आजकल लोन आसानी से मिल जाता है, लेकिन उसकी EMI (इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट) का बोझ कुछ लोगों के लिए ‘सिरदर्द’ बन जाता है। अक्सर लोग कम EMI के लालच में लंबा टेन्योर चुन लेते हैं या बिना पूरी जानकारी के लोन ले लेते हैं, जिसका असर उनकी जेब पर सालों तक पड़ता है। सही प्लानिंग न होने पर ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है और कर्ज खत्म करना मुश्किल हो जाता है। अगर कुछ स्मार्ट फाइनेंशियल फैसले लें तो लोन जल्दी खत्म कर सकते हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में EMI की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- EMI क्या है और ये कैसे तय होती है? जवाब- EMI वह फिक्स अमाउंट है, जो बैंक से लिए लोन पर हर महीने चुकाना होता है। इसमें दो चीजें शामिल होती हैं- EMI कैसे तय होती है? EMI तीन मुख्य चीजों पर निर्भर करती है- टेन्योर बदलने पर क्या होता है? सवाल- लोग EMI से जुड़ी क्या कॉमन गलतियां करते हैं? जवाब- EMI पर लोन लेना आसान है, लेकिन इन कॉमन गलतियों से भारी नुकसान हो सकता है- सवाल- लोन की EMI ज्यादा होने के फायदे और नुकसान क्या हैं? जवाब- लोन EMI ज्यादा होने के फायदे- नुकसान सवाल- EMI कम होने के फायदे और नुकसान क्या हैं? जवाब- EMI कम होने के फायदे- नुकसान सवाल- EMI का बोझ कम करने के लिए क्या करें? जवाब- इसे नीचे पॉइंट्स से समझिए- 1. प्री-पेमेंट करते रहें जब भी आपके पास एक्स्ट्रा पैसा आए, उसे लोन में प्री-पेमेंट के रूप में जमा करें। इससे कुल ब्याज में कमी आएगी। 2. टेन्योर सही चुनें लोन लेते समय बहुत लंबा टेन्योर न चुनें। ऐसा बैलेंस रखें, जिससे EMI भी संभले और ब्याज भी ज्यादा न बढ़े। 3. कम इंटरेस्ट रेट वाला लोन चुनें लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें और कम इंटरेस्ट रेट वाला विकल्प चुनें। 4. बैलेंस ट्रांसफर का इस्तेमाल करें अगर कहीं और कम ब्याज मिल रहा है, तो अपने लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने पर विचार करें। 5. डाउन पेमेंट ज्यादा करें शुरुआत में ज्यादा डाउन पेमेंट देने से लोन की राशि कम हो जाती है, जिससे EMI का बोझ घटता है। 6. अनावश्यक EMI से बचें हर चीज को EMI पर लेने से बचें और केवल जरूरी खर्चों के लिए ही लोन लें। 7. इनकम बढ़ने पर EMI बढ़ाएं जब आपकी इनकम बढ़े, तो EMI या प्रीपेमेंट बढ़ाकर लोन को जल्दी खत्म करने की कोशिश करें। 8. खर्चों पर कंट्रोल रखें अपने रोजमर्रा के खर्चों को कंट्रोल रखें, ताकि EMI भरना आसान हो और फाइनेंशियल प्रेशर कम रहे। सवाल- अगर लोन जल्दी खत्म करना है तो इसके क्या तरीके हैं? जवाब- इसके लिए सबसे जरूरी है कि डिसिप्लिन्ड तरीके से समय पर EMI भरें। सभी तरीके ग्राफिक में देखिए- सवाल- लोन प्री-पेमेंट क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं? जवाब- लोन प्री-पेमेंट का मतलब है- ‘तय EMI के अलावा एक्स्ट्रा पैसे देकर लोन का कुछ हिस्सा पहले ही चुका दिया जाए।’ इससे बकाया लोन कम हो जाता है। प्री-पेमेंट के फायदे सवाल- क्या हर लोन का प्री-पेमेंट करना सही है? किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- नहीं, हर लोन में प्री-पेमेंट करना हमेशा सही नहीं होता। यह लोन के प्रकार, ब्याज दर और फाइनेंशियल कंडीशन पर निर्भर करता है। इन बातों का ध्यान रखें- सवाल- बैलेंस ट्रांसफर क्या है और इसका फायदा कब उठाना चाहिए? जवाब- बैलेंस ट्रांसफर का मतलब है कि मौजूदा लोन एक बैंक से दूसरे बैंक में शिफ्ट कर दिया जाए, जहां कम इंटरेस्ट रेट या बेहतर शर्तें मिलें। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- EMI कम करने के लिए लोन टेन्योर बढ़ाना सही है या नहीं? जवाब- टेन्योर बढ़ाने से EMI जरूर कम हो जाती है, लेकिन यह हमेशा सही फैसला नहीं होता। यह आपकी जरूरत और स्थिति पर निर्भर करता है। कब सही है? कब सही नहीं है? सवाल- एक से ज्यादा लोन होने पर किसे पहले चुकाना चाहिए? जवाब- ऐसी कंडीशन में सही स्ट्रैटेजी अपनाना बहुत जरूरी है, ताकि कर्ज से जल्दी बाहर निकल सकें। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोन जल्दी चुकाने से क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- इसका असर पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या हमेशा जल्दी लोन खत्म करना ही सही रणनीति है? जवाब- नहीं, हर बार जल्दी लोन खत्म करना जरूरी नहीं होता। यह फाइनेंशियल कंडीशन और लोन की शर्तों पर निर्भर करता है। कब सही होता है? कब सही नहीं होता? ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- क्या आप ज्यादा टैक्स दे रहे हैं: सही टैक्स रिजिम कैसे चुनें, न करें ये 7 गलतियां, जानें टैक्स बचाने के आसान तरीके क्या आपको भी लगता है कि आप ज्यादा टैक्स दे रहे हैं? ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) फाइल करते समय ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल आता है। इसकी वजह है सही और पर्याप्त जानकारी न होना। सही जानकारी और थोड़ी सी प्लानिंग से काफी हद तक टैक्स बचाया जा सकता है। आगे पढ़िए...
केएल राहुल का 'मिशन 105'... धर्मशाला में रच सकते हैं इतिहास, द्रविड़ और धोनी के क्लब में शामिल होने का सुनहरा मौका
KL Rahul needs 105 runs: 13 जून से धर्मशाला में शुरू हो रही भारत-अफगानिस्तान की ऐतिहासिक वनडे सीरीज में केएल राहुल इतिहास रचने के बेहद करीब हैं. अगर राहुल इस सीरीज में 105 रन बना लेते हैं, तो वह वनडे क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज 2000 रन पूरे करने वाले राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी के बाद तीसरे भारतीय बन जाएंगे. 54 मैचों में 57.42 की बेमिसाल औसत के साथ 1895 रन बनाने वाले राहुल का बल्लेबाजी औसत विश्व क्रिकेट में इस भूमिका में तीसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ है. यह सीरीज राहुल को दिग्गज विकेटकीपरों के एलीट क्लब में शामिल होने का सुनहरा मौका देगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18























