आसनसोल से TMC के लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी और TMC का समर्थन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने ममता बनर्जी का पुरजोर समर्थन किया और पार्टी छोड़ने वालों की आलोचना भी की। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मैं ममता दीदी के साथ था, ममता दीदी के साथ हूँ और हमेशा ममता दीदी के साथ ही रहूँगा। न तो अभिषेक बनर्जी और न ही कोई और मेरा नेता है। मेरी नेता सिर्फ़ ममता बनर्जी हैं। यह एकता दिखाने और ममता बनर्जी के साथ खड़े होने का समय था, उन्हें छोड़ने का नहीं। ममता बनर्जी एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने घोषणा की कि ममता बनर्जी के प्रति उनका समर्थन अटूट है। उन्होंने कहा कि ममता जी के साथ था, मैं और आगे भी रहूंगा। ममता बनर्जी ने मेरे मुश्किल समय में मेरा साथ दिया था, तो अब मैं मुश्किल समय में उनका साथ कैसे छोड़ दूं। टीएमसी के भीतर विद्रोही गुटों के साथ किसी भी तरह के जुड़ाव को खारिज करते हुए, सिन्हा ने कहा कि मैं टीएमसी के बागी ग्रुप में नहीं हूं, न था और न ही जाऊंगा। फिल्हाल मैं कहीं किसी पार्टी में नहीं जा रहा हूं। मुझे अच्छा नहीं लगा कि ममता बनर्जी को इस तरह लोग छोड़ कर जा रहे हैं।
तीन लाइन का व्हिप आमतौर पर राजनीतिक दलों द्वारा संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतदान से पहले जारी किया जाता है। सिन्हा का यह बयान ऑनलाइन प्रसारित हो रही तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों की कथित सूची में उनका नाम आने के बाद आया है। केंद्रीय मंत्री रह चुके सिन्हा पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ थे और वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले सिन्हा कांग्रेस में भी थे। सिन्हा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बृहस्पतिवार को बधाई दी।
सिन्हा ने पोस्ट में कहा कि समाज और देश के हमारे मित्र और मार्गदर्शक, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। आपके लंबे, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करता हूं। जय हिंद! उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी का साथ उनके कठिन समय में नहीं छोड़ूंगा.... जब मैं 2019 में (लोकसभा) चुनाव (पटना से) हार गया था, तो बहुत कम लोग मेरे साथ खड़े थे और ममता बनर्जी उन लोगों में से एक थीं, जो मेरे साथ खड़े थे।
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अमेठी ज़िले के मेदान मवाई गाँव की पंचायत वोटर लिस्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम हट गया है, जबकि उस इलाके की लोकसभा और विधानसभा वोटर लिस्ट में उनका नाम मौजूद है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। अमेठी के ज़िला मजिस्ट्रेट संजय चौहान ने कहा कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वर्ष 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता स्मृति ईरानी ने 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेदान मवई गांव में अपना आवास बनाया।
वह गांव की मतदाता के रूप में भी पंजीकृत हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान किया था। यह मामला 10 जून को पंचायत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद सामने आया, जिसमें उनका नाम शामिल नहीं था। स्मृति ईरानी का नाम हटाने के पीछे के कारण के बारे में पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद सही कारण स्पष्ट होगा।
भाजपा की अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि ईरानी का नाम शामिल करने के लिए एक आवेदन पत्र जमा किया गया है और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि उचित सत्यापन के बाद नाम जोड़ा जाएगा। वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने हरा दिया था।
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